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Jhajjar-Bahadurgarh News: सेना में सेवा देकर कृष्णचंद्र ने बढ़ाया बरहाना का मानौ
Wed, 14 Feb 2024 10:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 14 Feb 2024 10:32 PM IST
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गांव बरहाना निवासी पूर्व सैनिक कृष्ण चंद्र अहलावत।
बेरी। जीवन को सकारात्मक नजरिए से जीने और हर काम को चुनौती की तरह करने वाले दूसरों के लिए मिसाल बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही कर रहे हैं गांव बरहाना निवासी पूर्व सैनिक कृष्ण चंद्र अहलावत। गांव बरहाना के सूबेदार मेजर जयलाल के बेटे कृष्णचंद्र अहलावत ने फौज में सेवा देने के बाद समाज सेवा करके गांव का मान बढ़ाया है।
कृष्णचंद्र अहलावत ने 1975-76 में हिसार से पढ़ाई की और पढ़ाई के साथ एनसीसी में भाग लिया। एनसीसी में भाग लेने के बाद से ही उन्होंने देश सेवा करने के लिए सोची थी। वह 1980 में सेना में भर्ती हुए और 1995 में हवलदार के पद से सेवानिवृत हुए। कृष्णचंद्र अहलावत ने सेना में सेवा देते समय ही 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई भी पूरी की। कृष्ण चंद्र अहलावत ने रक्तदान को यादगार बनाने के लिए राजस्थान बाड़मेर में बीएसएफ में जाकर रक्तदान किया, जहां बीएसएफ डीआईजी ने उन्हें सम्मानित किया। सड़क हादसे के बाद मिली रक्तदान की प्ररेणा : पूर्व सैनिक कृष्ण चंद्र अहलावत का कहना है कि वैसे तो सेना में ड्यूटी के दौरान रक्तदान करता था, लेकिन साल 1994 में झज्जर के समीप सड़क हादसे में एक स्कूटर चालक घायल हो गया था। स्कूटर पर घायल हुए व्यक्ति का खून ज्यादा बह गया था। उस वक्त घायल व्यक्ति को रक्त दिया, तभी से रक्तदान का सिलसिला चल रहा है।
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कृष्णचंद्र अहलावत ने 1975-76 में हिसार से पढ़ाई की और पढ़ाई के साथ एनसीसी में भाग लिया। एनसीसी में भाग लेने के बाद से ही उन्होंने देश सेवा करने के लिए सोची थी। वह 1980 में सेना में भर्ती हुए और 1995 में हवलदार के पद से सेवानिवृत हुए। कृष्णचंद्र अहलावत ने सेना में सेवा देते समय ही 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई भी पूरी की। कृष्ण चंद्र अहलावत ने रक्तदान को यादगार बनाने के लिए राजस्थान बाड़मेर में बीएसएफ में जाकर रक्तदान किया, जहां बीएसएफ डीआईजी ने उन्हें सम्मानित किया। सड़क हादसे के बाद मिली रक्तदान की प्ररेणा : पूर्व सैनिक कृष्ण चंद्र अहलावत का कहना है कि वैसे तो सेना में ड्यूटी के दौरान रक्तदान करता था, लेकिन साल 1994 में झज्जर के समीप सड़क हादसे में एक स्कूटर चालक घायल हो गया था। स्कूटर पर घायल हुए व्यक्ति का खून ज्यादा बह गया था। उस वक्त घायल व्यक्ति को रक्त दिया, तभी से रक्तदान का सिलसिला चल रहा है।
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