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Jhajjar-Bahadurgarh News: नए शोध के बाद कैंसर टिशू का उद्गम स्थान होगा ज्ञात
Fri, 22 Mar 2024 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 22 Mar 2024 12:22 AM IST
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बादली। कैंसर रोगियों के लिए आने वाले तीन साल में राहत की खबर हो सकती है। क्योंकि दिल्ली आईआईटी बाढ़सा कैंपस में इनके मरीजों पर शोध करेगा। इसमें वह प्रभावित अंग को पूरा निकालने की जगह मुख्य कैंसर टिशू के केंद्र से ही इसकी जांच करेगा। इसमें मेडिकल इमेजिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग होगा, जाकि कैंसर मरीजों के उपचार में लाभदायक होगा।
नए शोध में कैंसर टिशू के उद्गम स्थान का पता लगाया जाएगा। इससे कैंसर मरीज का इलाज करने के दौरान पूरा अंग निकालने की जरूरत नहीं होगी। इससे मरीजों को कई समस्याओं से बचाया जा सकेगा। यह तकनीक कैंसर मरीजों के लिए रामबाण साबित होगी। नई तकनीक के लिए गांव बाढ़सा में लगभग 50 एकड़ भूमि पर आईआईटी दिल्ली का एक्सटेंशन सेंटर स्थापित होगा। आईआईटी दिल्ली के तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से समय-समय पर आवश्यक नई तकनीक खोजने के लिए कैंपस में काम होगा। यहां डेंटल इंप्लांट्स, बुजुर्गों में हिप प्रोटेक्शन डिवाइस लगाने, कृत्रिम घुटने के ज्वाइंट संबंधी शोध भी शामिल होंगे। कैंपस के निर्माण, एकेडमिक प्रोग्राम तथा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के मरीजों पर फोकस करते हुए रिसर्च और डिजाइन फैसिलिटी आदि विकसित करने में लगभग 3 वर्ष का समय लगेगा। फिलहाल सेंटर में आरएंडडी फैसिलिटी, स्टार्ट अप व अन्य बीमारियों के लिए विस्तार के कार्य आदि में 3 से 5 वर्ष का समय लग सकता है।
कुछ समय पहले बैठक मेंं मिली थी मंजूरी
आईआईटी प्रवक्ता अजय द्विवेदी ने जारी प्रेस बयान में बताया कि कुछ समय पहले हरियाणा सरकार और आईआईटी दिल्ली के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसमें गांव बाढ़सा में आईआईटी दिल्ली के एक्सटेंशन सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी गई थी और आईआईटी दिल्ली की टीम को आश्वस्त किया है कि इस मामले में हरियाणा सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी।
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नए शोध में कैंसर टिशू के उद्गम स्थान का पता लगाया जाएगा। इससे कैंसर मरीज का इलाज करने के दौरान पूरा अंग निकालने की जरूरत नहीं होगी। इससे मरीजों को कई समस्याओं से बचाया जा सकेगा। यह तकनीक कैंसर मरीजों के लिए रामबाण साबित होगी। नई तकनीक के लिए गांव बाढ़सा में लगभग 50 एकड़ भूमि पर आईआईटी दिल्ली का एक्सटेंशन सेंटर स्थापित होगा। आईआईटी दिल्ली के तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से समय-समय पर आवश्यक नई तकनीक खोजने के लिए कैंपस में काम होगा। यहां डेंटल इंप्लांट्स, बुजुर्गों में हिप प्रोटेक्शन डिवाइस लगाने, कृत्रिम घुटने के ज्वाइंट संबंधी शोध भी शामिल होंगे। कैंपस के निर्माण, एकेडमिक प्रोग्राम तथा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के मरीजों पर फोकस करते हुए रिसर्च और डिजाइन फैसिलिटी आदि विकसित करने में लगभग 3 वर्ष का समय लगेगा। फिलहाल सेंटर में आरएंडडी फैसिलिटी, स्टार्ट अप व अन्य बीमारियों के लिए विस्तार के कार्य आदि में 3 से 5 वर्ष का समय लग सकता है।
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कुछ समय पहले बैठक मेंं मिली थी मंजूरी
आईआईटी प्रवक्ता अजय द्विवेदी ने जारी प्रेस बयान में बताया कि कुछ समय पहले हरियाणा सरकार और आईआईटी दिल्ली के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसमें गांव बाढ़सा में आईआईटी दिल्ली के एक्सटेंशन सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी गई थी और आईआईटी दिल्ली की टीम को आश्वस्त किया है कि इस मामले में हरियाणा सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी।
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