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Jhajjar-Bahadurgarh News: तेजाबी हमला...महिला और पुरुष दोनों को बराबर मिलती है सरकारी मदद
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नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टर, नर्स व समिति सदस्य।
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बहादुरगढ़। शहर के नागरिक अस्पताल में तेजाब पीड़ितों को कानूनी सहायता और मुआवजा योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अस्पताल की पीएमओ डॉ. मंजू कादियान ने की। मुख्य वक्ता उपमंडल विधिक सेवा समिति के सदस्य सत्येंद्र दहिया, विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता कार्तिक खंगवाल, वर्षा कनौजिया, इंदू राठी तथा चंद्रभान मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने शिरकत की। मुख्य वक्ता सत्येंद्र दहिया ने बताया कि किसी पर तेजाब फेंकना बड़ा अपराध है। जिस जगह पर तेजाब अटैक होता है उसी के नजदीक अस्पताल में तेजाब पीड़िता को भर्ती किया जाएगा तथा उसका मुफ्त इलाज किया जाएगा।
उसे अस्पताल से डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। अधिवक्ता कार्तिक खंगवाल ने बताया कि नए कानून अधिनियम के अंतर्गत तेजाब पीड़िता को एक लाख से तीन लाख तक की आर्थिक मदद भी की जाती है। अदालत अपराधी को सजा के साथ-साथ पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दे सकती है। एसिड अटैक का अपराध पुरुषों व महिलाओं दोनों पर समान रूप से लागू होता है।
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अधिवक्ता वर्षा कनौजिया में बताया कि जो पहले खुलेआम तेजाब बेचने वाले को स्टॉक रजिस्टर रखना होता है और जिसे भी तेजाब दिया जाता है उससे प्रयोग करने का कारण भी जानना जरूरी है। चंद्रभान मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा कि किसी को तेजाब डालने से उसके शारीरिक का नुकसान तो होता ही है साथ ही साथ मानसिक नुकसान भी होता है। मंच संचालन डिप्टी मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. देवेंद्र मेघा ने किया। उन्होंने चलचित्र के माध्यम से कार्यस्थल पर यौन हिंसा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जागरूक किया। अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू कादियान ने सभी का धन्यवाद किया। इस मौके पर डॉ. सुमन कोहली, डॉ. ममता, डॉ. सुनीता, डॉ. अमित आर्य व डॉ. शैली समेत अन्य मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता अस्पताल की पीएमओ डॉ. मंजू कादियान ने की। मुख्य वक्ता उपमंडल विधिक सेवा समिति के सदस्य सत्येंद्र दहिया, विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता कार्तिक खंगवाल, वर्षा कनौजिया, इंदू राठी तथा चंद्रभान मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने शिरकत की। मुख्य वक्ता सत्येंद्र दहिया ने बताया कि किसी पर तेजाब फेंकना बड़ा अपराध है। जिस जगह पर तेजाब अटैक होता है उसी के नजदीक अस्पताल में तेजाब पीड़िता को भर्ती किया जाएगा तथा उसका मुफ्त इलाज किया जाएगा।
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उसे अस्पताल से डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। अधिवक्ता कार्तिक खंगवाल ने बताया कि नए कानून अधिनियम के अंतर्गत तेजाब पीड़िता को एक लाख से तीन लाख तक की आर्थिक मदद भी की जाती है। अदालत अपराधी को सजा के साथ-साथ पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दे सकती है। एसिड अटैक का अपराध पुरुषों व महिलाओं दोनों पर समान रूप से लागू होता है।
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अधिवक्ता वर्षा कनौजिया में बताया कि जो पहले खुलेआम तेजाब बेचने वाले को स्टॉक रजिस्टर रखना होता है और जिसे भी तेजाब दिया जाता है उससे प्रयोग करने का कारण भी जानना जरूरी है। चंद्रभान मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा कि किसी को तेजाब डालने से उसके शारीरिक का नुकसान तो होता ही है साथ ही साथ मानसिक नुकसान भी होता है। मंच संचालन डिप्टी मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. देवेंद्र मेघा ने किया। उन्होंने चलचित्र के माध्यम से कार्यस्थल पर यौन हिंसा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जागरूक किया। अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू कादियान ने सभी का धन्यवाद किया। इस मौके पर डॉ. सुमन कोहली, डॉ. ममता, डॉ. सुनीता, डॉ. अमित आर्य व डॉ. शैली समेत अन्य मौजूद रहे।