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Jhajjar-Bahadurgarh News: सरकारी पुस्तकालय में पढ़ने आए युवक के साथ बाहरी युवकों ने की मारपीट
Sat, 12 Jul 2025 09:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 12 Jul 2025 09:54 PM IST
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12jjrp21- झज्जर। सरकारी पुस्तकालय में बैठकर पढ़ते हुए लड़के-लड़कियां। संवाद
झज्जर। शहर के पुराने नगर पालिका कार्यालय के पीछे बने सरकारी पुस्तकालय में पढ़ने के लिए आए युवक के साथ शनिवार को कुछ अन्य युवकों की तरफ से मारपीट की गई। मारपीट की सूचना लेकर पुस्तकालय कर्मी महिला थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने मौके पर आने की बजाय उसे डायल 112 पर शिकायत देने की सलाह दी। डायल 112 पर शिकायत दी तो पुलिस मौके पहुंची और उत्पाती युवक वहां से फरार हो चुके थे।
पुरानी तहसील क्षेत्र में पुरानी नगर पालिका के पीछे सरकार की तरफ से युवाओं के पढ़ने के लिए बाबू बालमुकंद गुप्त जिला पुस्तकालय बनाया गया है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों लड़के-लड़कियां पढ़ने के लिए आते हैं। शनिवार को पुस्तकालय में सुबह के समय एक लड़की के साथ किसी बात को लेकर एक छात्र अंकित देशवाल का विवाद हुआ था।
छात्र अंकित की मानें तो उसी दौरान मामले में बनी गलतफहमी भी लड़की से दूर कर ली गई थी, लेकिन उस घटना के कुछ ही देर बाद करीब 20 से 25 बाहरी युवक इस सरकारी पुस्तकालय में आ घुसे। इस दौरान इन युवकों ने इस सरकारी पुस्तकालय में जमकर उत्पात मचाया। वहीं उन्होंने पुस्तकालय इंचार्ज के कार्यालय में घुसकर यहां फर्नीचर को तोड़ डाला।
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इतना हीं नहीं इन युवकों ने अंकित देशवाल के साथ मारपीट की। उस पर ताबड़-तोड़ हमला कर लाठी-डंडों से बुरी तरह से जख्मी कर दिया। घायल को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुस्तकालय इंचार्ज प्रीति ने मामले की गंभीरता को भांपकर उसी समय पुस्तकालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को महिला थाना को सूचना देने और पुलिस को बुलाने के लिए भेजा। यहां उन्हें डायल 112 पर सूचना देने की सलाह दी गई।
पुस्तकालय इंचार्ज प्रीति ने महिला पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सूचना के बाद महिला पुलिस मौके पर आ जाती तो न तो यहां पुस्तकालय में फर्नीचर का नुकसान हो पाता और न हीं पुस्तकालय के इस छात्र अंकित को इस प्रकार से मारपीट कर उसे बुरी तरह से जख्मी किया जाता।
सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल, सीसीटीवी कैमरे भी नहीं
पुस्तकालय इंचार्ज ने सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी इस प्रकार की घटनाएं यहां पर घटित हो चुकी हैं। यहां हर समय पुस्तकालय व मौजूद छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा ही खतरा बना रहता है। यहां पर अभी कोई भी कैमरे नहीं लगे हैं। कैमरे को लेकर विभाग को पत्र लिखा गया है। डॉयल 112 की सूचना पर दो पीसीआर यहां पर पहुंची थी, लेकिन सिटी पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद भी पुलिस कई घंटे बीत जाने के बाद भी यहां नहीं पहुंची।
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पुरानी तहसील क्षेत्र में पुरानी नगर पालिका के पीछे सरकार की तरफ से युवाओं के पढ़ने के लिए बाबू बालमुकंद गुप्त जिला पुस्तकालय बनाया गया है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों लड़के-लड़कियां पढ़ने के लिए आते हैं। शनिवार को पुस्तकालय में सुबह के समय एक लड़की के साथ किसी बात को लेकर एक छात्र अंकित देशवाल का विवाद हुआ था।
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छात्र अंकित की मानें तो उसी दौरान मामले में बनी गलतफहमी भी लड़की से दूर कर ली गई थी, लेकिन उस घटना के कुछ ही देर बाद करीब 20 से 25 बाहरी युवक इस सरकारी पुस्तकालय में आ घुसे। इस दौरान इन युवकों ने इस सरकारी पुस्तकालय में जमकर उत्पात मचाया। वहीं उन्होंने पुस्तकालय इंचार्ज के कार्यालय में घुसकर यहां फर्नीचर को तोड़ डाला।
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इतना हीं नहीं इन युवकों ने अंकित देशवाल के साथ मारपीट की। उस पर ताबड़-तोड़ हमला कर लाठी-डंडों से बुरी तरह से जख्मी कर दिया। घायल को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुस्तकालय इंचार्ज प्रीति ने मामले की गंभीरता को भांपकर उसी समय पुस्तकालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को महिला थाना को सूचना देने और पुलिस को बुलाने के लिए भेजा। यहां उन्हें डायल 112 पर सूचना देने की सलाह दी गई।
पुस्तकालय इंचार्ज प्रीति ने महिला पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सूचना के बाद महिला पुलिस मौके पर आ जाती तो न तो यहां पुस्तकालय में फर्नीचर का नुकसान हो पाता और न हीं पुस्तकालय के इस छात्र अंकित को इस प्रकार से मारपीट कर उसे बुरी तरह से जख्मी किया जाता।
सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल, सीसीटीवी कैमरे भी नहीं
पुस्तकालय इंचार्ज ने सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले भी इस प्रकार की घटनाएं यहां पर घटित हो चुकी हैं। यहां हर समय पुस्तकालय व मौजूद छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा ही खतरा बना रहता है। यहां पर अभी कोई भी कैमरे नहीं लगे हैं। कैमरे को लेकर विभाग को पत्र लिखा गया है। डॉयल 112 की सूचना पर दो पीसीआर यहां पर पहुंची थी, लेकिन सिटी पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद भी पुलिस कई घंटे बीत जाने के बाद भी यहां नहीं पहुंची।