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Jhajjar-Bahadurgarh News: क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर पौने आठ लाख की ठगी
Fri, 21 Nov 2025 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 21 Nov 2025 02:43 AM IST
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बहादुरगढ़। गांव बालौर के सुरेंद्र के साथ क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर करीब पौने 8 लाख रुपये की ठगी की वारदात हो गई। पीड़ित सुरेन्द्र यादव पेशे से स्कूल बस ड्राइवर हैं। उन्होंने इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी है। साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
पीड़ित सुरेंद्र ने बताया कि गत 23 सितंबर को उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को क्रेडिट कार्ड सेवा से जुड़ा सदस्य बताया और कहा कि क्रेडिट कार्ड बनवाने में फायदा होगा और इसके लिए एक फाइल आपके पास व्हाट्सएप पर भेजी है। इस पर अपने डॉक्यूमेंट अपलोड कर दें।
जैसे ही उन्होंने वह फाइल अपने फोन में खोली, उसका मोबाइल हैक हो गया और लगातार ओटीपी आने शुरू हो गए। कुछ देर बाद दूसरे अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को बैंक के हेड ऑफिस का कर्मचारी बताया और कहा कि आपके बैंक खाते से रुपये कट रहे हैं। एटीएम कार्ड की जानकारी दें ताकि पैसे को कटने से रोका जा सके। ऐसे में उसने अपने एटीएम कार्ड की पूरी जानकारी दे दी।
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इसके बाद उसके मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ऐसे में तत्परता से उसने अपने खाते से 60 हजार रुपये रिश्तेदार को 40 हजार रुपये पत्नी सुजाता के खाते में भेज दिए और 30 हजार रुपये एटीएम से खुद निकाल लिए। अगले दिन बैंक जाकर जांच कराने पर पता चला कि उसके बैंक खाते में 10 लाख रुपये की एफडी थी, जिसमें से केवल 75 हजार 68 रुपये ही शेष बचे हैं, साथ ही खाता ब्लॉक पाया गया।
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पीड़ित सुरेंद्र ने बताया कि गत 23 सितंबर को उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को क्रेडिट कार्ड सेवा से जुड़ा सदस्य बताया और कहा कि क्रेडिट कार्ड बनवाने में फायदा होगा और इसके लिए एक फाइल आपके पास व्हाट्सएप पर भेजी है। इस पर अपने डॉक्यूमेंट अपलोड कर दें।
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जैसे ही उन्होंने वह फाइल अपने फोन में खोली, उसका मोबाइल हैक हो गया और लगातार ओटीपी आने शुरू हो गए। कुछ देर बाद दूसरे अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को बैंक के हेड ऑफिस का कर्मचारी बताया और कहा कि आपके बैंक खाते से रुपये कट रहे हैं। एटीएम कार्ड की जानकारी दें ताकि पैसे को कटने से रोका जा सके। ऐसे में उसने अपने एटीएम कार्ड की पूरी जानकारी दे दी।
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इसके बाद उसके मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ऐसे में तत्परता से उसने अपने खाते से 60 हजार रुपये रिश्तेदार को 40 हजार रुपये पत्नी सुजाता के खाते में भेज दिए और 30 हजार रुपये एटीएम से खुद निकाल लिए। अगले दिन बैंक जाकर जांच कराने पर पता चला कि उसके बैंक खाते में 10 लाख रुपये की एफडी थी, जिसमें से केवल 75 हजार 68 रुपये ही शेष बचे हैं, साथ ही खाता ब्लॉक पाया गया।