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घटाया जाएगा अब सीवर के पानी का प्रदूषण स्तर, सख्त हुआ एनजीटी
Updated Sat, 18 Aug 2018 01:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। एनजीटी के आदेश पर शहर के सीवर के पानी का प्रदूषण का स्तर घटाया जाएगा। उसके बाद इस पानी को किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए प्रयोग कर सकेंगे। इसके लिए शहर के सीवर के पानी के लिए लगाए गए ट्रीटमेंट प्लांटों में सुधार किया जाएगा। दोनों प्लांटों में सुधार और नया सिस्टम लगाने के लिए करीब 11 करोड़ रुपये की योजना को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से दोनों ट्रीटमेंट प्लांटों में निर्माण कार्य और नई मशीनें लगाने के लिए टेंडर के लिए अनुमति मांगी है। विभाग की तरफ से कभी भी इसे मंजूरी दी जा सकती है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सीवर लाइन दबाने का काम शुरू
10 करोड़ 99 लाख रुपये की इस योजना के तहत एक करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से सीवर लाइन दबाने का कार्य शुरू किया जा चुका है। जो करीब दो माह में पूरा कर लिया जागा। जबकि 9 करोड़ 69 लाख रुपये ट्रीटमेंट प्लांटों पर खर्च किए जाएंगे। शहर में सीवर के पानी की सफाई के लिए कोसली रोड पर 5.5 एमएलडी और सांपला रोड बाईपास पर 5 एमएलडी पानी की सफाई के लिए ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए हैं।
- बीओडी 10 से नीचे लाने के दिए आदेश
शहर में बनाए गए दोनों ट्रीटमेंट प्लांटों में सीवर के पानी की बायो कैमीकल ऑक्सीजन डिमांड को कम करने के लिए एनजीटी ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को आदेश दिए हैं। ताकि शहर से निकलने वाले सीवर के पानी को खेतों सिंचाई योग्य बनाया जा सके। फिलहाल ट्रीटमेंट प्लांटों से निकलने वाली पानी में बीओडी की मात्रा 20 से 25 फीसदी है। नई तकनीक से ट्रीटमेंट प्लांटों को तैयार करने के बाद बीओडी की मात्रा 10 फीसदी से कम आ जाएगी और इसके पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग किया जा सकेगा।
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एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से योजना को मंजूरी मिलने के बाद विभाग के मुख्यालय से टेंडर के लिए अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही टेंडर के लिए आगामी कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
- आरएस मलिक, एसडीओ, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, झज्जर।
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झज्जर। एनजीटी के आदेश पर शहर के सीवर के पानी का प्रदूषण का स्तर घटाया जाएगा। उसके बाद इस पानी को किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए प्रयोग कर सकेंगे। इसके लिए शहर के सीवर के पानी के लिए लगाए गए ट्रीटमेंट प्लांटों में सुधार किया जाएगा। दोनों प्लांटों में सुधार और नया सिस्टम लगाने के लिए करीब 11 करोड़ रुपये की योजना को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से दोनों ट्रीटमेंट प्लांटों में निर्माण कार्य और नई मशीनें लगाने के लिए टेंडर के लिए अनुमति मांगी है। विभाग की तरफ से कभी भी इसे मंजूरी दी जा सकती है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सीवर लाइन दबाने का काम शुरू
10 करोड़ 99 लाख रुपये की इस योजना के तहत एक करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से सीवर लाइन दबाने का कार्य शुरू किया जा चुका है। जो करीब दो माह में पूरा कर लिया जागा। जबकि 9 करोड़ 69 लाख रुपये ट्रीटमेंट प्लांटों पर खर्च किए जाएंगे। शहर में सीवर के पानी की सफाई के लिए कोसली रोड पर 5.5 एमएलडी और सांपला रोड बाईपास पर 5 एमएलडी पानी की सफाई के लिए ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए हैं।
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- बीओडी 10 से नीचे लाने के दिए आदेश
शहर में बनाए गए दोनों ट्रीटमेंट प्लांटों में सीवर के पानी की बायो कैमीकल ऑक्सीजन डिमांड को कम करने के लिए एनजीटी ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को आदेश दिए हैं। ताकि शहर से निकलने वाले सीवर के पानी को खेतों सिंचाई योग्य बनाया जा सके। फिलहाल ट्रीटमेंट प्लांटों से निकलने वाली पानी में बीओडी की मात्रा 20 से 25 फीसदी है। नई तकनीक से ट्रीटमेंट प्लांटों को तैयार करने के बाद बीओडी की मात्रा 10 फीसदी से कम आ जाएगी और इसके पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग किया जा सकेगा।
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एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से योजना को मंजूरी मिलने के बाद विभाग के मुख्यालय से टेंडर के लिए अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही टेंडर के लिए आगामी कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
- आरएस मलिक, एसडीओ, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, झज्जर।