{"_id":"65639b07004614568e09e647","slug":"90-industries-found-without-noc-and-clu-jhjhar-news-c-195-1-nnl1001-5796-2023-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: बिना एनओसी और सीएलयू के चलते मिले 90 उद्योग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: बिना एनओसी और सीएलयू के चलते मिले 90 उद्योग
Mon, 27 Nov 2023 12:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 27 Nov 2023 12:52 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। जिले में बिना किसी मंजूरी के चल रहे 90 छोटे-बडे़ उद्योग चलते मिले हैं। जिला नगर योजनाकार की तरफ से कराए गए सर्वे में यह खुलासा हुआ है। 90 उद्योग ऐसे मिले हैं, जिनके पास न तो एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) और न ही सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) मिला है। डीटीपी की तरफ से सर्वे पूरा कर अब इनकी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी जाएगी। मुख्यालय द्वारा इन उद्योगों के भविष्य को लेकर आगामी फैसला किया जाएगा।
उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि कोई योजना बनाकर इन उद्योगों को राहत प्रदान करने का काम भी किया जा सकता है। पिछले लंबे समय से जिले के अलग-अलग 7 क्षेत्रों में बिना एनओसी और सीएलयू के उद्योग चलाए जा रहे हैं। इनमें बादली, बहादुरगढ़ क्षेत्र में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसे में विभाग की तरफ से पिछले दिनों इन उद्योगों के सर्वे कराने के निर्देश दिए थे। जिला नगर योजनाकार की टीम ने टीमों को फील्ड में उतारा और सर्वे कराया था।
उद्योग लेने के लिए एनओसी, सीएलयू जरूरी
शहरी सीमा में संचालित होने वाले उद्योगों को नगर योजनाकार विभाग से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेनी पड़ता है। इसके अलावा शहरी सीमा से बाहर कंट्रोल एरिया में स्थापित होने वाले उद्योगों को सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) की जरूरत होती है।
विज्ञापन
सरकार को हो रहा राजस्व का नुकसान
उद्योगों को बिना सीएलयू व एनओसी के चलाने पर सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। उद्योग चलाने के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेने के अलाव अन्य प्रकियाओं से गुजरना पड़ता है, लेकिन जिले में ऐसे उद्योग संचालकों द्वारा बिना अनुमति ही काम किया जा रहा था। अब इन उद्योगों पर या तो कार्रवाई होगी या फिर सरकार रियायत भी प्रदान कर नियमित कर सकती है।
वर्जन
विभाग की तरफ से बिना एनओसी व सीएलयू लिए उद्योग चलाने वालों का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए थे। सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इसमें 7 अलग-अलग क्षेत्र में 90 उद्योग मिले हैं, जो बिना एनओसी व सीएलयू के चलाए जा रहे थे। इनकी रिपोर्ट मुख्यालय को की गई है। आगामी फैसला विभाग की तरफ से किया जाएगा।
जेके खासा, जिला नगर योजनाकार, झज्जर
विज्ञापन
उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि कोई योजना बनाकर इन उद्योगों को राहत प्रदान करने का काम भी किया जा सकता है। पिछले लंबे समय से जिले के अलग-अलग 7 क्षेत्रों में बिना एनओसी और सीएलयू के उद्योग चलाए जा रहे हैं। इनमें बादली, बहादुरगढ़ क्षेत्र में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। ऐसे में विभाग की तरफ से पिछले दिनों इन उद्योगों के सर्वे कराने के निर्देश दिए थे। जिला नगर योजनाकार की टीम ने टीमों को फील्ड में उतारा और सर्वे कराया था।
विज्ञापन
उद्योग लेने के लिए एनओसी, सीएलयू जरूरी
शहरी सीमा में संचालित होने वाले उद्योगों को नगर योजनाकार विभाग से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेनी पड़ता है। इसके अलावा शहरी सीमा से बाहर कंट्रोल एरिया में स्थापित होने वाले उद्योगों को सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) की जरूरत होती है।
विज्ञापन
सरकार को हो रहा राजस्व का नुकसान
उद्योगों को बिना सीएलयू व एनओसी के चलाने पर सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। उद्योग चलाने के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेने के अलाव अन्य प्रकियाओं से गुजरना पड़ता है, लेकिन जिले में ऐसे उद्योग संचालकों द्वारा बिना अनुमति ही काम किया जा रहा था। अब इन उद्योगों पर या तो कार्रवाई होगी या फिर सरकार रियायत भी प्रदान कर नियमित कर सकती है।
वर्जन
विभाग की तरफ से बिना एनओसी व सीएलयू लिए उद्योग चलाने वालों का सर्वे कराने के निर्देश दिए गए थे। सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इसमें 7 अलग-अलग क्षेत्र में 90 उद्योग मिले हैं, जो बिना एनओसी व सीएलयू के चलाए जा रहे थे। इनकी रिपोर्ट मुख्यालय को की गई है। आगामी फैसला विभाग की तरफ से किया जाएगा।
जेके खासा, जिला नगर योजनाकार, झज्जर