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श्यामसर तालाब की मिट्टी के सैंपल लेने का काम शुरू, एक सप्ताह में होगा पूरा
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सीएम की घोषणा के 28 माह बाद श्यामसर तालाब के जीर्णोद्घार की कवायद शुरू हो गई है। 24.68 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने से पहले वीरवार को नगर परिषद द्वारा हायर की गई एजेंसी तालाब की मिट्टी के सैंपल लेने पहुंची है। टीम ने सैंपल लेने का काम शुरू कर दिया है। टीम एक सप्ताह तक शहर में रुककर तालाब के चारों तरफ से मिट्टी के आठ सैंपल लेगी। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही जमीन के लोड सहन करने और पानी के स्तर का पता चल सकेगा। इसके बाद प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 18 सितंबर 2016 को नई अनाज मंडी में आयोजित रैली में श्यामसर तालाब के जीर्णोद्घार की घोषणा की थी। यह तालाब करीब 400 साल पुराना और शहर की ऐतिहासिक धरोहर है। लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा के चलते यह बदहाल है। एक तरफ तालाब का पानी जहां दूषित और बदबूदार हो चुका वहीं चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। लंबे समय से शहरवासी इसकी कायाकल्प की मांग कर रहे थे। सीएम घोषणा के 28 माह बाद अब इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होता नजर आ रहा है। करीब दो माह पहले ही सरकार ने इस प्रोजेक्ट को प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। गत दिनों लघु सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में स्थानीय शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने नप अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू करने के आदेश दिए थे। इस पर संज्ञान लेकर उपायुक्त अजय तोमर ने 15 फरवरी से पहले नगर परिषद को इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए नगर परिषद ने एक एजेंसी को हायर किया है। बुधवार शाम एजेंसी की टीम चरखी दादरी पहुंच गई और उन्होंने नप अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन भी उपस्थित रहे।
बता दें कि जन स्वास्थ्य विभाग इस प्रोजेक्ट में डी-वॉटरिंग का कार्य करेगा। विभाग माइनर से तालाब तक स्वच्छ पानी पहुंचाने से पहले तालाब को खाली करने की व्यवस्था भी करेगा। इसके लिए कनीना रोड तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। चिड़िया मोड़ तक तो इस समय पेयजल लाइन बिछी हुई है जबकि आगे कुछ और विस्तार करना है। नप की योजना है कि तालाब के दूषित पानी को चिड़िया रोड स्थित तीन एकड़ जमीन पर बड़ा टैंक बनाकर उसमें डाला जाए। वहीं, एजेंसी की टीम ने श्यामसर तालाब की मिट्टी के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। टीम ने रामलीला ग्राउंड के सामने बने मंदिर के पास से सैंपल लेने की शुरूआत की है। इस कार्य की शुरूआत चेयरमैन संजय छपारिया ने नारियल फोड़कर की। वहीं, इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया।
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आठ सैंपलों की रिपोर्ट बताएगी लोड सहने की क्षमता
सैंपल लेने पहुंची टीम इंचार्ज मोहम्मद शकील ने बताया कि तालाब के चारों तरफ से मिट्टी के सैंपल लिए जाएंगे। उनकी टीम एक सप्ताह दादरी रुकेगी और चार सैंपल जमीन के 60 फीट और चार सैंपल 45 फीट नीचे से लिए जाएंगे। इन सैंपलों की जांच दिल्ली लेबोरेट्री में कराई जाएगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि तालाब कि मिट्टी कितना लोड सहन कर सकता है।
राजस्थान का लाल पत्थर और रंगबिरंगी लाइट बढ़ाएगी शोभा
नगर परिषद की प्लानिंग श्यामसर तालाब को पर्यटन स्थल का रूप देने की है। इसके तहत तालाब के चारों तरफ सैर-सपाटे के लिए एक ट्रैक बनवाया जाएगा। वहीं, तालाब में राजस्थान का लाल पत्थर सौंदर्यीकरण के लिए लगाया जाएगा। इसके अलावा तालाब के चारों तरफ रंग-बिरंगी लाइटें लगवाने की भी प्लानिंग है। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने यहां बोटिंग (नाव चलाना) की सुविधा देने की भी योजना तैयार कर रखी है। मिट्टी की सैंपल रिपोर्ट आने के बाद यहां मिलने वाली सुविधाओं की भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
मिट्टी के सैंपल लेने का काम वीरवार से शुरू हो गया है। यह टीम सैंपल लेकर इनकी लैब में जांच कराएगी और इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही लोड सहन करने की क्षमता का पता चल पाएगा। जल्द से जल्द इस प्रोजेक्ट को हम सिरे चढ़ाने का प्रयास करेंगे। - विजयपाल यादव, ईओ, नगर परिषद
प्रदेश सरकार ने 24.68 करोड़ का बजट इस प्रोजेक्ट के लिए मंजूर किया है। इसकी कायाकल्प कराने की कवायद शुरू हो गई है। प्रोजेक्ट हम जल्द से जल्द पूरा कराने के प्रयास में हैं ताकि शहर को नई पहचान मिल सके। सरकार प्रोजेक्ट पर गंभीर है। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
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चरखी दादरी। सीएम की घोषणा के 28 माह बाद श्यामसर तालाब के जीर्णोद्घार की कवायद शुरू हो गई है। 24.68 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने से पहले वीरवार को नगर परिषद द्वारा हायर की गई एजेंसी तालाब की मिट्टी के सैंपल लेने पहुंची है। टीम ने सैंपल लेने का काम शुरू कर दिया है। टीम एक सप्ताह तक शहर में रुककर तालाब के चारों तरफ से मिट्टी के आठ सैंपल लेगी। इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही जमीन के लोड सहन करने और पानी के स्तर का पता चल सकेगा। इसके बाद प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 18 सितंबर 2016 को नई अनाज मंडी में आयोजित रैली में श्यामसर तालाब के जीर्णोद्घार की घोषणा की थी। यह तालाब करीब 400 साल पुराना और शहर की ऐतिहासिक धरोहर है। लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा के चलते यह बदहाल है। एक तरफ तालाब का पानी जहां दूषित और बदबूदार हो चुका वहीं चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। लंबे समय से शहरवासी इसकी कायाकल्प की मांग कर रहे थे। सीएम घोषणा के 28 माह बाद अब इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होता नजर आ रहा है। करीब दो माह पहले ही सरकार ने इस प्रोजेक्ट को प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। गत दिनों लघु सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में स्थानीय शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने नप अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू करने के आदेश दिए थे। इस पर संज्ञान लेकर उपायुक्त अजय तोमर ने 15 फरवरी से पहले नगर परिषद को इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए नगर परिषद ने एक एजेंसी को हायर किया है। बुधवार शाम एजेंसी की टीम चरखी दादरी पहुंच गई और उन्होंने नप अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन भी उपस्थित रहे।
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बता दें कि जन स्वास्थ्य विभाग इस प्रोजेक्ट में डी-वॉटरिंग का कार्य करेगा। विभाग माइनर से तालाब तक स्वच्छ पानी पहुंचाने से पहले तालाब को खाली करने की व्यवस्था भी करेगा। इसके लिए कनीना रोड तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। चिड़िया मोड़ तक तो इस समय पेयजल लाइन बिछी हुई है जबकि आगे कुछ और विस्तार करना है। नप की योजना है कि तालाब के दूषित पानी को चिड़िया रोड स्थित तीन एकड़ जमीन पर बड़ा टैंक बनाकर उसमें डाला जाए। वहीं, एजेंसी की टीम ने श्यामसर तालाब की मिट्टी के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। टीम ने रामलीला ग्राउंड के सामने बने मंदिर के पास से सैंपल लेने की शुरूआत की है। इस कार्य की शुरूआत चेयरमैन संजय छपारिया ने नारियल फोड़कर की। वहीं, इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया।
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आठ सैंपलों की रिपोर्ट बताएगी लोड सहने की क्षमता
सैंपल लेने पहुंची टीम इंचार्ज मोहम्मद शकील ने बताया कि तालाब के चारों तरफ से मिट्टी के सैंपल लिए जाएंगे। उनकी टीम एक सप्ताह दादरी रुकेगी और चार सैंपल जमीन के 60 फीट और चार सैंपल 45 फीट नीचे से लिए जाएंगे। इन सैंपलों की जांच दिल्ली लेबोरेट्री में कराई जाएगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि तालाब कि मिट्टी कितना लोड सहन कर सकता है।
राजस्थान का लाल पत्थर और रंगबिरंगी लाइट बढ़ाएगी शोभा
नगर परिषद की प्लानिंग श्यामसर तालाब को पर्यटन स्थल का रूप देने की है। इसके तहत तालाब के चारों तरफ सैर-सपाटे के लिए एक ट्रैक बनवाया जाएगा। वहीं, तालाब में राजस्थान का लाल पत्थर सौंदर्यीकरण के लिए लगाया जाएगा। इसके अलावा तालाब के चारों तरफ रंग-बिरंगी लाइटें लगवाने की भी प्लानिंग है। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने यहां बोटिंग (नाव चलाना) की सुविधा देने की भी योजना तैयार कर रखी है। मिट्टी की सैंपल रिपोर्ट आने के बाद यहां मिलने वाली सुविधाओं की भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
मिट्टी के सैंपल लेने का काम वीरवार से शुरू हो गया है। यह टीम सैंपल लेकर इनकी लैब में जांच कराएगी और इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही लोड सहन करने की क्षमता का पता चल पाएगा। जल्द से जल्द इस प्रोजेक्ट को हम सिरे चढ़ाने का प्रयास करेंगे। - विजयपाल यादव, ईओ, नगर परिषद
प्रदेश सरकार ने 24.68 करोड़ का बजट इस प्रोजेक्ट के लिए मंजूर किया है। इसकी कायाकल्प कराने की कवायद शुरू हो गई है। प्रोजेक्ट हम जल्द से जल्द पूरा कराने के प्रयास में हैं ताकि शहर को नई पहचान मिल सके। सरकार प्रोजेक्ट पर गंभीर है। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद