फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   अवैध कनेक्शनों से कालोनियों में गहराई पेयजल किल्लत

अवैध कनेक्शनों से कालोनियों में गहराई पेयजल किल्लत

Wed, 07 Feb 2018 12:35 AM IST
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
अवैध कनेक्शनों से कालोनियों में गहराई पेयजल किल्लत
अवैध कनेक्शनों से कालोनियों में गहराई पेयजल किल्लत
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जन स्वास्थ्य विभाग की बेहतर पेयजल आपूर्ति कराने के दावों की मुख्य पेयजल लाइनों में लगे अवैध कनेक्शन हवा निकाल रहे हैं। अवैध कनेक्शनों के चलते कालोनियों में पानी का दबाव बेहद कम हो गया है। इस समय घिकाड़ा रोड, चंपापुरी, रोहतक रोड, गांधी नगर, दिल्ली बाईपास, ओवरब्रिज रोड, लोहारू रोड, ढाणी रोड, दिल्ली बाईपास और प्रेम नगर क्षेत्र में लो-प्रेशर की समस्या बनी हुई है। जन स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर अवैध कनेक्शनों का पता लगाकर कार्रवाई करने से गुरेज कर रहा है जबकि इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। शहर की कालोनियों में असमान पेयजल सप्लाई का प्रमुख कारण 70 फीसदी कनेक्शनों पर मीटर का न लगा होना है। विभागीय अधिकारी इस तरफ भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर में पेयजल की नई लाइनें बिछते ही मेन लाइन में अवैध रूप से कनेक्शन कर लिया जाता है। इससे शहर में पानी का समान वितरण का सिस्टम अब चरमराने लगा है। शहर के विभिन्न भागों में अवैध पेयजल कनेक्शन से घरों में पानी का दबाव लगातार कम होने लगा है। विभाग की तरफ से मेन लाइन बिछाई जाती है। उस लाइन में बिना विभाग की अनुमति के ही लोग अवैध पेयजल कनेक्शन कर लेते हैं जिससे पानी का प्रेशर अंतिम छोर तक नहीं बन पाता। इस कारण घरेलू कालोनियों में समस्या बनी रहती हैै। इस समय शहर में करीब 700 से ज्यादा अवैध कनेक्शन मेन लाइनों में हैं जबकि मेन लाइन में कनेक्शन का कोई प्रावधान नहीं है। जिले में पेयजल सिस्टम करीब 20 साल से खराब चला आ रहा है। शहर की अपेक्षा गांवों में पेयजल सिस्टम पटरी पर नहीं है। गांवों को पानी तो मिल रहा है लेकिन विभाग व सरकार को इसके बदले आउटपुट कुछ हासिल नहीं हो रहा है। जिले के गांव और शहर में इस समय करीब 35 हजार पेयजल कनेक्शन हैं। करीब 15 हजार अवैध कनेक्शन की परेशानी का कारण बन रहे हैं। गांवों की तरफ पेयजल बिलों के बकाया के रूप में इस समय करीब 50 लाख रुपये हैं। लोग अपने कनेक्शन को वैध करवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं गांवों में तो पानी की बर्बादी भी ज्यादा हो रही है। लोगों ने मेन लाइन में दो-दो कनेक्शन बिना अनुमति के लगा रखे हैं। इस समय शहर में करीब 15 हजार पेयजल कनेक्शन हैं। करीब पांच हजार के आसपास अवैध कनेक्शन भी हैं। सैकड़ों मकानों में दो-दो अवैध पेयजल कनेक्शन भी लगे हैं जबकि बिल एक कनेक्शन का भी जमा नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


मेनलाइनों में कनेक्शन से चरमराई व्यवस्था
इस समय शहर में स्थित मेन पेयजल लाइनों में अवैध पेयजल कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिस भी एरिया में विभाग की तरफ से नई मेन लाइन बिछाई जाती है उसी लाइन में लोग रातोंरात अवैध रूप से एक से दो इंची कनेक्शन कर लेते हैं। इन कनेक्शनों की सं या बढ़ जाने पर बस्ती के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता जिससे पेयजल का संकट बढ़ जाता है। पानी का समान वितरण नहीं हो पाता।
विज्ञापन
विज्ञापन


70 प्रतिशत कनेक्शनों पर मीटर भी नहीं
इस समय 80 प्रतिशत पेयजल कनेक्शनों पर पानी के मीटर नहीं है जबकि मीटर लगवाना अनिवार्य है। मीटर न लगवाने पर अब विभाग इन उपभोक्ताओं से डबल चार्ज वसूल रहा है। इस समय पेयजल का मासिक बिल रेट 60 रुपये है। जिन उपभोक्ताओं ने मीटर नहीं लगवा रखे हैं उनसे 120 रुपये प्रति माह चार्ज वसूलने का प्रावधान है।

पार्षद बोले: लो-प्रेशर के साथ मिक्सिंग की समस्या भी नहीं हो रही दूर
वार्ड की पांच-छह गलियों में इस समय पानी का प्रेशर काफी लो है और करीब 100 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। इसके अलावा मिक्सिंग की समस्या भी वार्ड में है। - महेश गुप्ता, पार्षद वार्ड दो

वार्ड की कुछ गलियों में लो-प्रेशर की समस्या बनी हुई है। कई दफा भी विभागीय अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं लेकिन अब तक समाधान नहीं हो पाया है। - कुलदीप गांधी, पार्षद वार्ड 18

वार्ड सहित शहर में अवैध कनेक्शन पेयजल सप्लाई के लो-प्रेशर का कारण हैं। विभाग को इन पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि अन्य लोगों के घरों तक भी पेयजल पहुंच सके। - दिनेश जांगड़ा, पार्षद वार्ड चार

मुख्य लाइनों में अवैध कनेक्शनों के कारण पानी का प्रेशर लो हो रहा है। विभागीय तरीके से ही लोग अपना कनेक्शन लें। अवैध कनेक्शन धारकों के खिलाफ विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। - आनंद महराणा, पार्षद वार्ड- तीन


वर्जन::
मेन लाइनों में कनेक्शन काटने के लिए समय-समय मुहिम भी चलाई जाती है। ऐसे लोगों को नोटिस भी भेजे जाते हैं लेकिन लोग अवैध सेे चोरी छिपे यह काम करते हैं। कई दिनों बाद मेन लाइन में कनेक्शन का पता चल पाता है। पता चलते ही कनेक्शन काट दिया जाता है। - जेई समुद्र सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed