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हड़ताली कर्मचारियों की बढ़ी संख्या, अब दो दिन और बढ़ाई हड़ताल
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल अब दो दिन और बढ़ा दी गई है। एनएचएम एसोसिएशन की प्रदेश इकाई के आह्वान पर जिला इकाई ने भी दो दिन हड़ताल बढ़ाने के लिए उप सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह को ज्ञापन सौंपा और सिविल सर्जन कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी भी की। अब एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल 8 फरवरी तक जारी रहेगी। दोपहर बाद धरने पर बैठे सभी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए सीएमओ कार्यालय पर ज्ञापन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि दो दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी हैं और वे दो दिन हड़ताल और बढ़ा रहे हैं। अगर उसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वे अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं, सामान्य अस्पताल झज्जर में नियमित कर्मचारियों के सहारे काम चलाया जा रहा है। हड़ताल को देखते हुए नियमित कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दिए गए हैं। ताकि मरीजों को सेवाएं प्रदान की जा सकें।
हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों की संख्या बढ़ गई थी। पहले दिन मंगलवार को जहां 518 में सें 313 कर्मचारी हड़ताल पर रहे थे। जबकि बुधवार को हड़ताली कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 366 हो गई है। इस कारण एंबुलेंस सेवाएं, टीकाकरण, लेबर रूम आदि का कार्य प्रभावित हो चुका है। आरबीएस के टीम, एएनएम, स्टाफ नर्स, ऑफिशियल स्टाफ, आयुष विभाग, समस्त एनएचएम कर्मचारियों द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रही।
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक हो रही प्रभावित
दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में जहां एनएचएम के ही कर्मचारी कार्यरत हैं। उन स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक प्रभाव पड़ रहा है। अब हड़ताल दो दिन और बढ़ाए जाने के कारण अभी स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक चरमराने की संभावनाएं हैं। हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी जिला भर के एनएचएम कर्मचारियों ने सामान्य अस्पताल में धरना दिया। धरने की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमारी व जिला प्रधान मंजू रेखा आर्य ने की। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी कई बार अपनी मांगों को लेकर धरना दे चुके हैं और कई-कई दिनों तक हड़ताल भी कर चुके हैं। लेकिन सरकार वार्ता कर विश्वास दिलाती है कि उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा और बाद में उनको पूरा नहीं किया जा रहा है। बार-बार कर्मचारियों को आश्वासन दिया जा रहा है और मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरे दिन भी कई संगठनों ने समर्थन किया।
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जब बड़ी संख्या में कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो कामकाज प्रभावित होता ही है। सामान्य अस्पताल में तो नियमित कर्मचारियों से कुछ हद तक काम चलाया जा रहा है। लेकिन जहां एनएचएम के ही कर्मचारी हैं वहां पर सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
डॉ. कुलदीप सिंह, उप सिविल सर्जन, झज्जर।
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झज्जर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल अब दो दिन और बढ़ा दी गई है। एनएचएम एसोसिएशन की प्रदेश इकाई के आह्वान पर जिला इकाई ने भी दो दिन हड़ताल बढ़ाने के लिए उप सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह को ज्ञापन सौंपा और सिविल सर्जन कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी भी की। अब एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल 8 फरवरी तक जारी रहेगी। दोपहर बाद धरने पर बैठे सभी कर्मचारी नारेबाजी करते हुए सीएमओ कार्यालय पर ज्ञापन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि दो दिन की हड़ताल के बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी हैं और वे दो दिन हड़ताल और बढ़ा रहे हैं। अगर उसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वे अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं, सामान्य अस्पताल झज्जर में नियमित कर्मचारियों के सहारे काम चलाया जा रहा है। हड़ताल को देखते हुए नियमित कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दिए गए हैं। ताकि मरीजों को सेवाएं प्रदान की जा सकें।
हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों की संख्या बढ़ गई थी। पहले दिन मंगलवार को जहां 518 में सें 313 कर्मचारी हड़ताल पर रहे थे। जबकि बुधवार को हड़ताली कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 366 हो गई है। इस कारण एंबुलेंस सेवाएं, टीकाकरण, लेबर रूम आदि का कार्य प्रभावित हो चुका है। आरबीएस के टीम, एएनएम, स्टाफ नर्स, ऑफिशियल स्टाफ, आयुष विभाग, समस्त एनएचएम कर्मचारियों द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रही।
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ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक हो रही प्रभावित
दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में जहां एनएचएम के ही कर्मचारी कार्यरत हैं। उन स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक प्रभाव पड़ रहा है। अब हड़ताल दो दिन और बढ़ाए जाने के कारण अभी स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक चरमराने की संभावनाएं हैं। हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी जिला भर के एनएचएम कर्मचारियों ने सामान्य अस्पताल में धरना दिया। धरने की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन कुमारी व जिला प्रधान मंजू रेखा आर्य ने की। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी कई बार अपनी मांगों को लेकर धरना दे चुके हैं और कई-कई दिनों तक हड़ताल भी कर चुके हैं। लेकिन सरकार वार्ता कर विश्वास दिलाती है कि उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा और बाद में उनको पूरा नहीं किया जा रहा है। बार-बार कर्मचारियों को आश्वासन दिया जा रहा है और मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरे दिन भी कई संगठनों ने समर्थन किया।
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जब बड़ी संख्या में कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो कामकाज प्रभावित होता ही है। सामान्य अस्पताल में तो नियमित कर्मचारियों से कुछ हद तक काम चलाया जा रहा है। लेकिन जहां एनएचएम के ही कर्मचारी हैं वहां पर सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
डॉ. कुलदीप सिंह, उप सिविल सर्जन, झज्जर।