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बहादुरगढ़ नगर परिषद की मीटिंग में जमकर हुआ हंगामा
Updated Sat, 19 May 2018 01:56 AM IST
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बहादुरगढ़।
शुक्रवार को नगर परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। विधायक द्वारा पार्षद पतियों को बाहर निकालने और खुद सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों के साथ बैठक में रहने का अनेक पार्षदों ने विरोध किया। जिस पर एमएलए को भी अपने गनमैन बाहर भेजने पड़े। इसके बाद भाजपा विधायक और कांग्रेसी प्रधान ने जब मीडिया को बैठक से बाहर जाने को कहा तो एक बार फिर पार्षद भड़क गए और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को अपमानित कर बाहर भेजने की निंदा की। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सारे शहर में फैली गंदगी पर परिषद की आलोचना करते हुए सफाई ठेकों पर स्पष्टीकरण मांगा। विधायक नरेश कौशिक द्वारा यह कहने पर पार्षद बिफर गए कि जो पार्षद विरोध करेगा, उसके वार्ड में काम नहीं होगा। इसके बाद भी अनेक मुद्दों पर पार्षदों ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई।
एमएलए को गनमैन भी भेजने पड़े बाहर
चेयरपर्सन शीला राठी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में कुल 9 प्रस्ताव पास किए गए, जबकि सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमाएं लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से रद्द कर दिया गया। बैठक की शुरुआत में विधायक नरेश कौशिक और प्रधान शीला राठी ने जब पार्षद लक्ष्मी सहवाग के पति और पार्षद संघ के प्रधान समुंद्र सहवाग को बाहर करने के लिए पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए तो अन्य पार्षद भड़क गए। पार्षद प्रवीण राठी, संदीप कुमार, गुरदेव राठी, रमिता चुघ व मोनिका राठी आदि ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की। उन्होंने विधायक के गनमैनों की मीटिंग हॉल में उपस्थिति पर एतराज किया तो पार्षद पतियों के साथ विधायक के गनमैनों को भी बैठक हॉल से बाहर कर दिया गया।
परिषद की मीटिंग बंद कमरे में क्यों
इसके बाद विधायक नरेश कौशिक और प्रधान शीला राठी ने सभी पत्रकारों को भी बाहर जाने को कहा तो पार्षद संदीप कुमार, प्रेमचंद, राममूर्ति, प्रवीण राठी, लक्ष्मी सहवाग, सीमा राठी, मोनिका राठी, गुरदेव राठी, रमिता चुघ, रमन यादव, रेखा दलाल, मोनिका गर्ग व शशि कुमार ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा व विधानसभा की कार्यवाही पारदर्शिता से चलती है तो बहादुरगढ़ नगर परिषद की बैठक हर बार बंद कमरे में क्यों की जाती है।
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सफाई घोटाले की जांच कराने की मांग
पार्षदों ने सफाई को लेकर भी सवाल पूछे कि केवल आउटसोर्सिंग वाले कर्मचारी हड़ताल पर हैं। लेकिन जिन दो एजेंसियों को हर माह 70 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान हो रहा है, उनके सफाईकर्मी और संसाधन कहां गायब हैं। उन्होंने सफाई घोटाले की जांच की मांग जोरदार तरीके से उठाई। इसके बाद स्ट्रीट लाइट व विकास कार्यों को लेकर भी पार्षदों ने जमकर सवाल उठाए। हालांकि एक प्रस्ताव पर वोटिंग के मुद्दे पर एमएलए द्वारा डीसी की अनुमति लाने की बात पर पार्षदों ने कड़ी आलोचना की। शहर के कई चौराहों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाने का पार्षग राजेश खत्री का प्रस्ताव परिषद की बैठक में पास नहीं हो पाया।
बेटा बंदरों से घिरा तो अब पकड़े जाएंगे बंदर
नगर परिषद की मीटिंग में बोर्ड ने शहर के लोगों को बंदरो के उत्पात से छुटकारा दिलाने का फैसला भी लिया। मानव कल्याण समिति के अध्यक्ष नंद किशोर शर्मा शहर से बंदरों को पकड़ दूर जंगलों में छोड़ने की मांग कई बार करते रहे हैं। अग्रवाल कालोनी, सेक्टर-6 और मेन बाजार के लोगों ने भी कई बार ये मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब खुद पर बन आई तो परिषद प्रधान शीला राठी गंभीर हो गईं। दरअसल, उनका पुत्र संदीप अपने घर की छत पर दो दिन पहले बंदरों से घिर गया था।। बंदरों से अपनी रक्षा के लिए उसे छत से कूदना पड़ा। जिससे उसके दोनों पैरों में चोट आई। शायद इसी से परिषद प्रधान गंभीर हो गई हैं और अब बंदरों को पकड़वाने का फैसला लिया है।
परिषद की मीटिंग में येे प्रस्ताव भी हुए पास
-गृहकर संग्रह बढ़ाने के लिए शहर में सभी इकाइयों का दुबारा सर्वे कराया जाएगा।
-बंदरों से परेशान नगर निवासियों को राहत दिलाने के लिए बंदर पकड़वाए जाएंगे।
-बिजली खर्च बचाने के लिए नगर के वार्डों में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएंगी।
-स्ट्रीट लाइटों और पार्कों के रखरखाव का खत्म हो चुका ठेेका दुबारा दिया जाएगा।
-फायरमैन, कंप्यूटर आपरेटर, ड्राइवर व माली कम चौकीदार आउटसोर्सिंग से लगाए जाएंगे।
-नगर परिषद के लिए दो नई जीप खरीदी जाएंगी।
परिषद की शुक्रवार को हुई मीटिंग में एक प्रस्ताव को छोड़ सभी एक राय से पास हो गए। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगवाने का प्रस्ताव भी पेश किया गया था। लेकिन अदालत के एक निर्देश की वजह से इस प्रस्ताव को पास नहीं किया जा सका। -शीला राठी, अध्यक्ष
नगर परिषद बहादुरगढ़
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शुक्रवार को नगर परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। विधायक द्वारा पार्षद पतियों को बाहर निकालने और खुद सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों के साथ बैठक में रहने का अनेक पार्षदों ने विरोध किया। जिस पर एमएलए को भी अपने गनमैन बाहर भेजने पड़े। इसके बाद भाजपा विधायक और कांग्रेसी प्रधान ने जब मीडिया को बैठक से बाहर जाने को कहा तो एक बार फिर पार्षद भड़क गए और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को अपमानित कर बाहर भेजने की निंदा की। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सारे शहर में फैली गंदगी पर परिषद की आलोचना करते हुए सफाई ठेकों पर स्पष्टीकरण मांगा। विधायक नरेश कौशिक द्वारा यह कहने पर पार्षद बिफर गए कि जो पार्षद विरोध करेगा, उसके वार्ड में काम नहीं होगा। इसके बाद भी अनेक मुद्दों पर पार्षदों ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई।
एमएलए को गनमैन भी भेजने पड़े बाहर
चेयरपर्सन शीला राठी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में कुल 9 प्रस्ताव पास किए गए, जबकि सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमाएं लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से रद्द कर दिया गया। बैठक की शुरुआत में विधायक नरेश कौशिक और प्रधान शीला राठी ने जब पार्षद लक्ष्मी सहवाग के पति और पार्षद संघ के प्रधान समुंद्र सहवाग को बाहर करने के लिए पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए तो अन्य पार्षद भड़क गए। पार्षद प्रवीण राठी, संदीप कुमार, गुरदेव राठी, रमिता चुघ व मोनिका राठी आदि ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की। उन्होंने विधायक के गनमैनों की मीटिंग हॉल में उपस्थिति पर एतराज किया तो पार्षद पतियों के साथ विधायक के गनमैनों को भी बैठक हॉल से बाहर कर दिया गया।
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परिषद की मीटिंग बंद कमरे में क्यों
इसके बाद विधायक नरेश कौशिक और प्रधान शीला राठी ने सभी पत्रकारों को भी बाहर जाने को कहा तो पार्षद संदीप कुमार, प्रेमचंद, राममूर्ति, प्रवीण राठी, लक्ष्मी सहवाग, सीमा राठी, मोनिका राठी, गुरदेव राठी, रमिता चुघ, रमन यादव, रेखा दलाल, मोनिका गर्ग व शशि कुमार ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा व विधानसभा की कार्यवाही पारदर्शिता से चलती है तो बहादुरगढ़ नगर परिषद की बैठक हर बार बंद कमरे में क्यों की जाती है।
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सफाई घोटाले की जांच कराने की मांग
पार्षदों ने सफाई को लेकर भी सवाल पूछे कि केवल आउटसोर्सिंग वाले कर्मचारी हड़ताल पर हैं। लेकिन जिन दो एजेंसियों को हर माह 70 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान हो रहा है, उनके सफाईकर्मी और संसाधन कहां गायब हैं। उन्होंने सफाई घोटाले की जांच की मांग जोरदार तरीके से उठाई। इसके बाद स्ट्रीट लाइट व विकास कार्यों को लेकर भी पार्षदों ने जमकर सवाल उठाए। हालांकि एक प्रस्ताव पर वोटिंग के मुद्दे पर एमएलए द्वारा डीसी की अनुमति लाने की बात पर पार्षदों ने कड़ी आलोचना की। शहर के कई चौराहों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाने का पार्षग राजेश खत्री का प्रस्ताव परिषद की बैठक में पास नहीं हो पाया।
बेटा बंदरों से घिरा तो अब पकड़े जाएंगे बंदर
नगर परिषद की मीटिंग में बोर्ड ने शहर के लोगों को बंदरो के उत्पात से छुटकारा दिलाने का फैसला भी लिया। मानव कल्याण समिति के अध्यक्ष नंद किशोर शर्मा शहर से बंदरों को पकड़ दूर जंगलों में छोड़ने की मांग कई बार करते रहे हैं। अग्रवाल कालोनी, सेक्टर-6 और मेन बाजार के लोगों ने भी कई बार ये मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब खुद पर बन आई तो परिषद प्रधान शीला राठी गंभीर हो गईं। दरअसल, उनका पुत्र संदीप अपने घर की छत पर दो दिन पहले बंदरों से घिर गया था।। बंदरों से अपनी रक्षा के लिए उसे छत से कूदना पड़ा। जिससे उसके दोनों पैरों में चोट आई। शायद इसी से परिषद प्रधान गंभीर हो गई हैं और अब बंदरों को पकड़वाने का फैसला लिया है।
परिषद की मीटिंग में येे प्रस्ताव भी हुए पास
-गृहकर संग्रह बढ़ाने के लिए शहर में सभी इकाइयों का दुबारा सर्वे कराया जाएगा।
-बंदरों से परेशान नगर निवासियों को राहत दिलाने के लिए बंदर पकड़वाए जाएंगे।
-बिजली खर्च बचाने के लिए नगर के वार्डों में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएंगी।
-स्ट्रीट लाइटों और पार्कों के रखरखाव का खत्म हो चुका ठेेका दुबारा दिया जाएगा।
-फायरमैन, कंप्यूटर आपरेटर, ड्राइवर व माली कम चौकीदार आउटसोर्सिंग से लगाए जाएंगे।
-नगर परिषद के लिए दो नई जीप खरीदी जाएंगी।
परिषद की शुक्रवार को हुई मीटिंग में एक प्रस्ताव को छोड़ सभी एक राय से पास हो गए। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगवाने का प्रस्ताव भी पेश किया गया था। लेकिन अदालत के एक निर्देश की वजह से इस प्रस्ताव को पास नहीं किया जा सका। -शीला राठी, अध्यक्ष
नगर परिषद बहादुरगढ़