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जिले को राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की ही जरूरत

Wed, 17 Jan 2018 12:11 AM IST
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:11 AM IST
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जिले को राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की ही जरूरत
जिलास्तरीय नहीं राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम चाहिए
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले में राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। नंबरदार एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों, समाज सुधारकों और गणमान्य लोगों की मांग है कि चरखी दादरी को जिले की बजाय राष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम की जरूरत है। इन लोगों का कहना है कि जल्द ही इस बारे में सीएम को पत्र लिखा जाएगा ताकि यह मांग जल्द पूरी हो सके। इनको बेहद मलाल है कि आज तक चरखी दादरी में खेल स्टेडियम नहीं बना है जबकि जिला खेलों के क्षेत्र में हब माना जाता है। इन लोगों का कहना है कि आज खेल का युग है। शिक्षा व खेल की करियर के मामले में समान भूमिका है। युवा खेल के जरिए भी अपना करियर बना सकते हैं। इन लोगों का कहना है कि चरखी दादरी जिले में 172 गांव के अलावा शहर की आबादी करीब 75 हजार पहुंच गई है। जिले की कुल आबादी करीब आठ लाख है लेकिन राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम नहीं होने की वजह से हजारों खिलाड़ियों को खेल सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। गांव समसुपर में पंचायत की तरफ से 25 एकड़ जमीन खेल विभाग को सौंपी जा चुकी है लेकिन सरकार को अब यहां जिला नहीं राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा करने में देरी नहीं करनी चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम चरखी दादरी में अति आवश्यक है। खेल स्टेडियम न होने से जिले के खिलाड़ी पिछड़ रहे हैं। खेल के क्षेत्र में खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। यहां खेल सुविधाएं तभी उपलब्ध हो पाएंगी जब यहां राष्ट्रीय स्तर का कोई खेल स्टेडियम बने और बढ़िया कोच तैनात हों। - यादराम शास्त्री, नंबरदार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष
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करीब तीन दशक से चरखी दादरी में खेल स्टेडियम का मसला लटकता आ रहा है। समय- समय पर खेल स्टेडियम निर्माण की आवाज उठती रही हैं लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ सका है। स्टेडियम नहीं होने से युवा खिलाड़ी काफी दुविधा में हैं उन्हें खेल और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सरकार को चरखी दादरी में राष्ट्रीय स्तर खेल स्टेडियम बनाना चाहिए। - संजीव गोदारा, परिवर्तन वेेलफेयर सोसायटी सचिव एडवोकेट
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चरखी दादरी तो जींद रियासत के समय भी जिला रहा है। इस जिले की ख्याति दूर-दूर तक फैली है। खेलों मेें जिला के खिलाड़ियों ने दूसरे देशों में भी नाम कमाया है लेकिन राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम न होने से खिलाड़ियों का समय - समय पर मनोबल टूटता रहा है। आज सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। लोगों की मांग को जल्द ही पूरा करना चाहिए। - मोतीलाल बिंदल, वैश्य कन्या शिक्षण संस्था चेयरमैन एवं नप के पूर्व चेयरमैन
अब तो चरखी दादरी जिला बन गया है। जिला बनने से पहले भी चरखी दादरी प्रदेश का सबसे बड़ा उपमंडल रहा है। चरखी दादरी की माटी ने होनहार खिलाड़ी पैदा किए हैं। कुश्ती, कबड्डी व वालीबॉल खेलों में चरखी दादरी का नाम विदेशों में जाना जाता है लेकिन यहां के खिलाड़ियों के पास आधुनिक और राष्ट्रीय खेल मैदान की सुविधा उपलब्ध नहीं है जो बेहद विचारणीय है। इस समय जिले के लोगों की राष्ट्रीय स्टेडियम की मांग को लेकर सरकार ने तत्परता से पूरा करना चाहिए। - महीपाल रूदड़ौल, सामाजिक चिंतक


राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम को लेकर संस्थाएं सौंप चुकी हैं ज्ञापन
गांव समसपुर में राष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम की मांग को लेकर अब एक दर्जन सामाजिक संस्थाएं प्रशासन और सरकार को सात ज्ञापन सौंप चुकी हैं। इसके अलावा विभिन्न संगठनों से जुड़े करीब 150 लोग इस मांग का समर्थन कर चुके हैं। जिले के राजनेताओं सहित सांगवान, फौगाट खाप और सतगामा खाप पदाधिकारी, बार एसोसिएशन, कोच और खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की मांग उठा रहे हैं। अब तक अग्रवाल सभा, शिवशंभू सेवा, जाग्रति मंच, प्रयास ऑफ ग्रुप संस्थाओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
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