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स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019: छह वार्ड डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा से अछूते, सिटी ब्यूटीफिकेशन के भी कटेंगे अंक
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019 जनवरी माह में शुरू होना है लेकिन अब तक शहर के सभी 21 वार्डों से डोर-टू-डोर कचरे का उठान नहीं हो पा रहा है। 21 वार्डों में से छह वार्ड ऐसे हैं जहां लोग अब भी मोहल्ले के अस्थाई डंपिंग प्वाइंट पर कचरा फेंकने को विवश हैं। अगर किसी कारण से नगर परिषद का ट्रैक्टर यहां नहीं पहुंचता है तो फिर कचरा प्लॉटों या गलियों में फैला रहता है। इसका सीधे तौर पर असर शहर की रैंकिंग पर पड़ेगा। वहीं, नगर परिषद सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अब तक संसाधनों में विस्तार नहीं कर पाई है। सभी 21 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा शुरू न होने का यह प्रमुख कारण है।
जनवरी माह में शहर का स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे होना है लेकिन इसके लिए नगर परिषद की तैयारियां अब तक पूरी नहीं है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पर नगर परिषद ने नहीं लगा रखी है, यह भी सर्वे में अंक कटने का प्रमुख कारण बनेगी। नप अधिकारियों की मानें तो सर्वे 5000 अंकों का होगा और इसे चार भागों में बांटा गया है। सभी में 1250 अंक निर्धारित किए हैं। जिन चार भागों में पांच हजार अंकों को विभाजित किया गया है उनमें सर्विस प्रोवाइडिंग, पब्लिक फीड बैक, औचक निरीक्षण, गीले और सूखे कचरे को पृथक करना शामिल है। अब अगर शहर की वास्तविकता की बात करें तो छह वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए नप की गाड़ी नहीं पहुंच रही। हालांकि 15 वार्डों के लोगों के लिए यह सुविधा शुरू है लेकिन पिछले लंबे समय से नगर परिषद अधिकारी इसमें विस्तार नहीं कर पाए हैं। नप सूत्रों की मानें तो इसका कारण कचरा उठान वाहन की संख्या कम है।
दो अक्तूबर को शहरी निकाय के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण ने नगर परिषद को संसाधनों में इजाफा करने के आदेश दिए थे। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए चार नए टिपर और 21 ई-रिक्शा खरीद के निर्देश भी दिए थे जोकि अब तक पूरे नहीं हुए। आनंद मोहन शरण ने नप अधिकारियों को हिदायत दी थी कि स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019 में चरखी दादरी नगर परिषद टॉप 10 में आए और इसके लिए जरूरी सभी संसाधनों का नप प्रबंध करें। नप सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने इस संबंध में एस्टिमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा था लेकिन अब तक इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे के लिए नप की तैयारियां भी धरातल पर नजर नहीं आ रही।
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कचरे से खाद बनाने की योजना भी कागजों तक सिमटी
करीब दो माह पहले नगर परिषद ने सूखे कचरे से खाद तैयार करने की प्लानिंग तैयार की थी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रोज गार्डन में दी-सेंट्रलाइजेशन डी कंपोजिंग यूनिट लगाई गई थी और इसी तर्ज पर शहर में अलग-अलग जगहों पर ये यूनिट लगाई जानी थीं लेकिन धरातल पर अब तक ऐसा कुछ नजर नहीं आया। रानियां वाला जोहड़ डंपिंग प्वाइंट पर भी गीला और सूखा कचरा एक साथ पड़ा है। इस कचरे को फैलाने के लिए नगर परिषद के पास खुद की जेसीबी तक नहीं है। करीब एक साल पहले जेसीबी और अन्य संसाधन खरीदने का प्रस्ताव पास हुआ था लेकिन अब तक यह कागजी प्रक्रिया में ही उलझा हुआ है।
स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019 में नगर परिषद की रैंकिंग में सुधार आवश्यक है। इसके लिए सरकार के पास बजट की कमी नहीं है। जहां भी चूक बरती जा रही है उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए आमजन को भी आगे आना चाहिए। - बिपिन दुबे, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोग
15 वार्डों से इस समय डोर-टू-डोर कचरे का उठान किया जा रहा है। बाकी छह वार्डों में ट्रैक्टर भेजकर कचरे का उठान करवा रहे हैं। जल्द ही चार नए टिपर हमारे पास पहुंच जाएंगे और इसके बाद सभी 21 वार्डों से डोर-टू-डोर कचरे का उठान शुरू कर दिया जाएगा। - विजय शर्मा, सेनेटरी इंस्पेक्टर
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चरखी दादरी। स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019 जनवरी माह में शुरू होना है लेकिन अब तक शहर के सभी 21 वार्डों से डोर-टू-डोर कचरे का उठान नहीं हो पा रहा है। 21 वार्डों में से छह वार्ड ऐसे हैं जहां लोग अब भी मोहल्ले के अस्थाई डंपिंग प्वाइंट पर कचरा फेंकने को विवश हैं। अगर किसी कारण से नगर परिषद का ट्रैक्टर यहां नहीं पहुंचता है तो फिर कचरा प्लॉटों या गलियों में फैला रहता है। इसका सीधे तौर पर असर शहर की रैंकिंग पर पड़ेगा। वहीं, नगर परिषद सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अब तक संसाधनों में विस्तार नहीं कर पाई है। सभी 21 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा शुरू न होने का यह प्रमुख कारण है।
जनवरी माह में शहर का स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे होना है लेकिन इसके लिए नगर परिषद की तैयारियां अब तक पूरी नहीं है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पर नगर परिषद ने नहीं लगा रखी है, यह भी सर्वे में अंक कटने का प्रमुख कारण बनेगी। नप अधिकारियों की मानें तो सर्वे 5000 अंकों का होगा और इसे चार भागों में बांटा गया है। सभी में 1250 अंक निर्धारित किए हैं। जिन चार भागों में पांच हजार अंकों को विभाजित किया गया है उनमें सर्विस प्रोवाइडिंग, पब्लिक फीड बैक, औचक निरीक्षण, गीले और सूखे कचरे को पृथक करना शामिल है। अब अगर शहर की वास्तविकता की बात करें तो छह वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए नप की गाड़ी नहीं पहुंच रही। हालांकि 15 वार्डों के लोगों के लिए यह सुविधा शुरू है लेकिन पिछले लंबे समय से नगर परिषद अधिकारी इसमें विस्तार नहीं कर पाए हैं। नप सूत्रों की मानें तो इसका कारण कचरा उठान वाहन की संख्या कम है।
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दो अक्तूबर को शहरी निकाय के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण ने नगर परिषद को संसाधनों में इजाफा करने के आदेश दिए थे। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए चार नए टिपर और 21 ई-रिक्शा खरीद के निर्देश भी दिए थे जोकि अब तक पूरे नहीं हुए। आनंद मोहन शरण ने नप अधिकारियों को हिदायत दी थी कि स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019 में चरखी दादरी नगर परिषद टॉप 10 में आए और इसके लिए जरूरी सभी संसाधनों का नप प्रबंध करें। नप सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने इस संबंध में एस्टिमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा था लेकिन अब तक इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे के लिए नप की तैयारियां भी धरातल पर नजर नहीं आ रही।
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कचरे से खाद बनाने की योजना भी कागजों तक सिमटी
करीब दो माह पहले नगर परिषद ने सूखे कचरे से खाद तैयार करने की प्लानिंग तैयार की थी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रोज गार्डन में दी-सेंट्रलाइजेशन डी कंपोजिंग यूनिट लगाई गई थी और इसी तर्ज पर शहर में अलग-अलग जगहों पर ये यूनिट लगाई जानी थीं लेकिन धरातल पर अब तक ऐसा कुछ नजर नहीं आया। रानियां वाला जोहड़ डंपिंग प्वाइंट पर भी गीला और सूखा कचरा एक साथ पड़ा है। इस कचरे को फैलाने के लिए नगर परिषद के पास खुद की जेसीबी तक नहीं है। करीब एक साल पहले जेसीबी और अन्य संसाधन खरीदने का प्रस्ताव पास हुआ था लेकिन अब तक यह कागजी प्रक्रिया में ही उलझा हुआ है।
स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019 में नगर परिषद की रैंकिंग में सुधार आवश्यक है। इसके लिए सरकार के पास बजट की कमी नहीं है। जहां भी चूक बरती जा रही है उसे दुरुस्त करवा दिया जाएगा। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए आमजन को भी आगे आना चाहिए। - बिपिन दुबे, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोग
15 वार्डों से इस समय डोर-टू-डोर कचरे का उठान किया जा रहा है। बाकी छह वार्डों में ट्रैक्टर भेजकर कचरे का उठान करवा रहे हैं। जल्द ही चार नए टिपर हमारे पास पहुंच जाएंगे और इसके बाद सभी 21 वार्डों से डोर-टू-डोर कचरे का उठान शुरू कर दिया जाएगा। - विजय शर्मा, सेनेटरी इंस्पेक्टर