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ईरान में दिखा बुपनियां के जितेंद्र का दम, चार देशों के पहलवानों को हराकर जीता स्वर्ण
Updated Sat, 15 Dec 2018 02:08 AM IST
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बुपनियां के जितेंद्र ने चार देशों के पहलवानों को हराकर जीता स्वर्ण
बहादुरगढ़। ईरान में हुए वर्ल्ड रेसलिंग कप में बुपनियां अखाड़ा का जितेंद्र पहलवान छाया रहा। शानदार प्रदर्शन के बूते जितेंद्र ने चार देशों के पहलवानों को हराकर भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। उसकी जीत पर परिजन, साथी पहलवान और कुश्ती प्रेमियों ने खुशी जताई है। जीतकर लौटने पर खेल प्रेमियों द्वारा जितेंद्र का अभिनंदन किया जाएगा।
दरअसल, गत 13 से 14 दिसंबर तक ईरान के बाबोल शहर में फ्री स्टाइल वर्ल्ड रेसलिंग क्लब कप का आयोजन हुआ। विश्वभर के पहलवानों ने इसमें भाग लिया। बहादुरगढ़ खंड के गांव बुपनियां स्थित जयवीर अखाड़े के जितेंद्र पहलवान ने भी इसमें जोर आजमाइश की। जितेंद्र ने 79 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। जितेंद्र ने पहले मुकाबले में तुर्की के पहलवान को 4-1 से शिकस्त दी। दूसरे मुकाबले में जार्जिया के पहलवान को 6-2 से हराया। तीसरे मुकाबले में किर्गिस्तान के पहलवान पर 9-2 के अंतर से जीत दर्ज की और फाइनल में हंगरी के पहलवान को 10-0 से चित कर अपने देश को स्वर्ण दिलाया। जितेंद्र की जीत से उसके कोच जयवीर व साथी पहलवानों में खुशी की लहर दौड़ गई। कोच जयवीर ने बताया कि जितेंद्र जब गांव लौटेगा तो उसक ा जोरदार स्वागत किया जाएगा।
मूलत: तिरपड़ी (गुरुग्राम) का निवासी 26 वर्षीय जितेंद्र बेहद अच्छा पहलवान है। वह बुपनियां में गुरु जयवीर से पिछले 11 वर्षों से कुश्ती का प्रशिक्षण ले रहा है। कोच जयवीर ने बताया कि जितेंद्र बेहद होनहार है। उसे जो भी सिखाया जाता है उसे सीख कर अच्छे प्रदर्शन में तब्दील करता है। फिलहाल वह 74 किलोग्राम भारवर्ग में देश का सर्वश्रेष्ठ पहलवान है। बकौल जयवीर, उन्हें पूरा यकीन है कि जितेंद्र एक दिन ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतेगा। उधर, फोन पर हुई बातचीत में जितेंद्र ने कहा कि देश के लिए स्वर्ण जीतकर उसे बेहद खुशी हुई है। उसका लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना है। इसके लिए वह लगातार कड़ा अभ्यास कर रहा है।
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जितेंद्र की उपलब्धियां
जितेंद्र 12 बार भारत कुमार का खिताब जीत चुका है। एक बार आफताब ए हिंद और राजीव गांधी गोल्ड कप भी जीत चुका है। कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप (2016 और 2017) में दो स्वर्ण पदक, नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक व पूना में 2017 में हुए मयूर कप में रजत पदक जीत चुका है। इनके अलावा 2015 से लेकर 2018 तक लगातार चार बार सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीत चुका है। फिलहाल जितेंद्र रेलवे में सीनियर टीसी के पद पर कार्यरत है।
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बहादुरगढ़। ईरान में हुए वर्ल्ड रेसलिंग कप में बुपनियां अखाड़ा का जितेंद्र पहलवान छाया रहा। शानदार प्रदर्शन के बूते जितेंद्र ने चार देशों के पहलवानों को हराकर भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। उसकी जीत पर परिजन, साथी पहलवान और कुश्ती प्रेमियों ने खुशी जताई है। जीतकर लौटने पर खेल प्रेमियों द्वारा जितेंद्र का अभिनंदन किया जाएगा।
दरअसल, गत 13 से 14 दिसंबर तक ईरान के बाबोल शहर में फ्री स्टाइल वर्ल्ड रेसलिंग क्लब कप का आयोजन हुआ। विश्वभर के पहलवानों ने इसमें भाग लिया। बहादुरगढ़ खंड के गांव बुपनियां स्थित जयवीर अखाड़े के जितेंद्र पहलवान ने भी इसमें जोर आजमाइश की। जितेंद्र ने 79 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। जितेंद्र ने पहले मुकाबले में तुर्की के पहलवान को 4-1 से शिकस्त दी। दूसरे मुकाबले में जार्जिया के पहलवान को 6-2 से हराया। तीसरे मुकाबले में किर्गिस्तान के पहलवान पर 9-2 के अंतर से जीत दर्ज की और फाइनल में हंगरी के पहलवान को 10-0 से चित कर अपने देश को स्वर्ण दिलाया। जितेंद्र की जीत से उसके कोच जयवीर व साथी पहलवानों में खुशी की लहर दौड़ गई। कोच जयवीर ने बताया कि जितेंद्र जब गांव लौटेगा तो उसक ा जोरदार स्वागत किया जाएगा।
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मूलत: तिरपड़ी (गुरुग्राम) का निवासी 26 वर्षीय जितेंद्र बेहद अच्छा पहलवान है। वह बुपनियां में गुरु जयवीर से पिछले 11 वर्षों से कुश्ती का प्रशिक्षण ले रहा है। कोच जयवीर ने बताया कि जितेंद्र बेहद होनहार है। उसे जो भी सिखाया जाता है उसे सीख कर अच्छे प्रदर्शन में तब्दील करता है। फिलहाल वह 74 किलोग्राम भारवर्ग में देश का सर्वश्रेष्ठ पहलवान है। बकौल जयवीर, उन्हें पूरा यकीन है कि जितेंद्र एक दिन ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतेगा। उधर, फोन पर हुई बातचीत में जितेंद्र ने कहा कि देश के लिए स्वर्ण जीतकर उसे बेहद खुशी हुई है। उसका लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना है। इसके लिए वह लगातार कड़ा अभ्यास कर रहा है।
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जितेंद्र की उपलब्धियां
जितेंद्र 12 बार भारत कुमार का खिताब जीत चुका है। एक बार आफताब ए हिंद और राजीव गांधी गोल्ड कप भी जीत चुका है। कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप (2016 और 2017) में दो स्वर्ण पदक, नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक व पूना में 2017 में हुए मयूर कप में रजत पदक जीत चुका है। इनके अलावा 2015 से लेकर 2018 तक लगातार चार बार सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीत चुका है। फिलहाल जितेंद्र रेलवे में सीनियर टीसी के पद पर कार्यरत है।
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