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इंटरनेशनल फुटवियर फेयर में छाए बहादुरगढ़ के जूते
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:17 AM IST
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बहादुरगढ़। अनेक देशों के लोगों के पांवों की शान बने बहादुरगढ़ के जूते शनिवार को दिल्ली में संपन्न हुए इंटरनेशनल फुटवियर फेयर में भी छाए रहे। बहादुरगढ़ के कई निर्माताओं से दूसरे देशों के अनेक व्यापारी इस मेले के माध्यम से जुड़ गए हैं।
इंडिया ट्रेड प्रोमोशन आर्गेनाइजेशन ने दिल्ली के प्रगति मैदान में 2 से 4 अगस्ततक इंटरनेशनल फुटवियर फेयर का आयोजन किया। इस मेले में भारत समेत कई देशों की 205 जूता निर्माता कंपनियों ने भाग लिया। जिनमें दुनिया के बड़े फुटवियर निर्माता भारत के अलावा चीन व ताइवान भी शामिल थे। मेले में एक से बढ़कर एक जूते प्रदर्शित किए गए। पुरुषों के ही नहीं, बल्कि महिलाओं के फुटवियर की वैरायटी पुरुषों से भी ज्यादा रही। लगभग 15 हजार व्यापारियों व उद्योगपतियों ने विभिन्न कंपनियों की स्टालों पर विजिट की।
बहादुरगढ़ की 55 फुटवियर निर्माता इकाइयां मेले में शामिल थीं। जिनमें एक्शन, रिलेक्सो, टुडे, युनिस्टार, सुमंगलम, एक्वालाइट, लांसर और डायमंड फुटवियर शामिल हैं। मेले में तैयारशुदा जूता चप्पलों के अलावा फुटवियर से संबंधित सामग्री की स्टाल भी थीं। इनमें सिंथेटिक सामग्री, अपर, सोल, हील, काउंटर और दूसरा कच्चा माल शामिल रहा। चमड़े व रैक्सीन के जूते-चप्पल, साफ्टवेयर, केमिकल्स, मशीनों और बनाने की तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया।
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कुल 2800 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों वाले बहादुरगढ़ में करीब 800 फुटवियर यूनिट हैं। यहां देश के पहले फुटवियर पार्क में ही 300 से ज्यादा जूता उद्योग हैं। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआईई) और पुराने औद्योगिक क्षेत्र में भी काफी संख्या में फुटवियर उद्योग हैं। चुनिंदा इकाइयों को छोड़ ज्यादातर यूनिट कम कीमत वाले टैक्स-फ्री जूते-चप्पल बनाती हैं। एक्शन, रिलेक्सो, एरोबाक, टुडे व सुमंगलम फुटवियर इंडस्ट्री समेत कई नामी जूता उत्पाद बहादुरगढ़ की देन हैं। हरीशंकर बहती ने कहा कि अपनी क्वालिटी के दम पर यहां के जूतों ने चीन के माल को न केवल जबरदस्त टक्कर दी है, बल्कि काफी सीमा तक पीछे भी धकेल दिया है। कुछ साल पहले जहां भारत में पहले इटली से और फिर चीन व ताइवान से जूते का आयात ही आयात करना पड़ता था, वहीं अब बड़े पैमाने पर जूते का निर्यात होता है। अकेले बहादुरगढ़ से हर रोज कम से कम 10 कंटेनर जूते विदेश जाते हैं। यहां की फुटवियर निर्माता औद्योगिक इकाइयां 80 हजार से अधिक लोगों का रोजगार चला रही हैं।
मेले के समापन समारोह में केंद्रीय सूक्ष्म व लघु उद्योग मंत्री गिरराज सिंह व हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल भी शामिल हुए। मेले में शामिल रहे बहादुरगढ़ के जूता निर्माता और बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव हरीशंकर बहती ने अमर उजाला को मेले के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर गिरिराज सिंह ने जूता उद्योग को अच्छी सौगात भी दी। उन्होंने खरखोदा के पास 700 एकड़ में बनने वाले फुटवियर पार्क में कामन सर्विस फैसिलिटी सेंटर बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मेले के पहले दिन 2 अगस्त को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया कि देश के जूता उद्योग के विकास के लिए केंद्र सरकार 2600 करोड़ रुपये का पैकेज देगी।
इंडिया ट्रेड प्रोमोशन आर्गेनाइजेशन ने दिल्ली के प्रगति मैदान में 2 से 4 अगस्ततक इंटरनेशनल फुटवियर फेयर का आयोजन किया। इस मेले में भारत समेत कई देशों की 205 जूता निर्माता कंपनियों ने भाग लिया। जिनमें दुनिया के बड़े फुटवियर निर्माता भारत के अलावा चीन व ताइवान भी शामिल थे। मेले में एक से बढ़कर एक जूते प्रदर्शित किए गए। पुरुषों के ही नहीं, बल्कि महिलाओं के फुटवियर की वैरायटी पुरुषों से भी ज्यादा रही। लगभग 15 हजार व्यापारियों व उद्योगपतियों ने विभिन्न कंपनियों की स्टालों पर विजिट की।
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बहादुरगढ़ की 55 फुटवियर निर्माता इकाइयां मेले में शामिल थीं। जिनमें एक्शन, रिलेक्सो, टुडे, युनिस्टार, सुमंगलम, एक्वालाइट, लांसर और डायमंड फुटवियर शामिल हैं। मेले में तैयारशुदा जूता चप्पलों के अलावा फुटवियर से संबंधित सामग्री की स्टाल भी थीं। इनमें सिंथेटिक सामग्री, अपर, सोल, हील, काउंटर और दूसरा कच्चा माल शामिल रहा। चमड़े व रैक्सीन के जूते-चप्पल, साफ्टवेयर, केमिकल्स, मशीनों और बनाने की तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया।
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कुल 2800 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों वाले बहादुरगढ़ में करीब 800 फुटवियर यूनिट हैं। यहां देश के पहले फुटवियर पार्क में ही 300 से ज्यादा जूता उद्योग हैं। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआईई) और पुराने औद्योगिक क्षेत्र में भी काफी संख्या में फुटवियर उद्योग हैं। चुनिंदा इकाइयों को छोड़ ज्यादातर यूनिट कम कीमत वाले टैक्स-फ्री जूते-चप्पल बनाती हैं। एक्शन, रिलेक्सो, एरोबाक, टुडे व सुमंगलम फुटवियर इंडस्ट्री समेत कई नामी जूता उत्पाद बहादुरगढ़ की देन हैं। हरीशंकर बहती ने कहा कि अपनी क्वालिटी के दम पर यहां के जूतों ने चीन के माल को न केवल जबरदस्त टक्कर दी है, बल्कि काफी सीमा तक पीछे भी धकेल दिया है। कुछ साल पहले जहां भारत में पहले इटली से और फिर चीन व ताइवान से जूते का आयात ही आयात करना पड़ता था, वहीं अब बड़े पैमाने पर जूते का निर्यात होता है। अकेले बहादुरगढ़ से हर रोज कम से कम 10 कंटेनर जूते विदेश जाते हैं। यहां की फुटवियर निर्माता औद्योगिक इकाइयां 80 हजार से अधिक लोगों का रोजगार चला रही हैं।
मेले के समापन समारोह में केंद्रीय सूक्ष्म व लघु उद्योग मंत्री गिरराज सिंह व हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल भी शामिल हुए। मेले में शामिल रहे बहादुरगढ़ के जूता निर्माता और बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव हरीशंकर बहती ने अमर उजाला को मेले के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर गिरिराज सिंह ने जूता उद्योग को अच्छी सौगात भी दी। उन्होंने खरखोदा के पास 700 एकड़ में बनने वाले फुटवियर पार्क में कामन सर्विस फैसिलिटी सेंटर बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मेले के पहले दिन 2 अगस्त को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया कि देश के जूता उद्योग के विकास के लिए केंद्र सरकार 2600 करोड़ रुपये का पैकेज देगी।