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घरों-दुकानों से बाहर हुए 55 फीसद मीटर
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
Updated Sat, 13 Aug 2016 12:04 AM IST
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बिजली लाइनलॉस (चोरी) से छुटकारा पाने के लिए निगम की ओर से इन दिनों घरों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों से बाहर मीटर लगाने पर पूरा जोर है। शहरी क्षेत्र के सिटी वन व टू डिविजन में लगभग 43 हजार उपभोक्ता है। लेकिन इनमें से 55 फीसद लोगों के मीटर ही कई महीनों की प्रक्रिया के बाद अभी तक बाहर लग पाए हैं।
बढ़ती बिजली चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगम की ओर से कई माह पूर्व सभी सिंगल व थ्री फेस के मीटरों को बाहर लगाने के लिए बीड़ा शुरू किया गया था। निगम कर्मियों की मौजूदगी में ठेकेदार के कर्मी इस काम में जुटे हुए हैं। कई-कई टीमें अलग-अलग वार्डों में लगी हुई है। बहादुरगढ़ शहर में निगम की ओर से दो डिवीजन बनाए हुए हैं। इनमें सिटी वन व टू शामिल है। इन दोनों डिवीजनों में साढ़े 44 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घर में बिजली के मीटर लगे हुए हैं। सिटी वन में साढ़े 22 हजार बिजली उपभोक्ता हैं।
इनमें से अब तक 12 हजार 150 लोगों के घरों व अन्य प्रतिष्ठानों से बाहर बिजली के मीटर लगाए जा चुके हैं। जबकि सिटी-टू डिवीजन में लगभग साढ़े 20 हजार लोगों के घरों में मीटरों से बिजली सप्लाई है। इनमें से आधे से ज्यादा फीसद यानी 12 हजार चालीस घरों के अंदर से मीटर बाहर निकालकर उन्हें दीवारों व बिजली के खंभों पर लगाया जा चुका है।
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निगम के अधिकारियों की मानें तो जल्द जिन घरों में मीटर अंदर रह गए हैं उन्हें भी बाहर निकाल दिया जाएगा। सिटी वन व टू में इस कार्य पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। सिटी वन में साढ़े 10 हजार तो टू में साढ़े अठहत्तर सौ मीटरों को बाहर निकालने के लिए टीमें लगी हुई है। जिन कॉलोनियों में मीटर अभी बाहर नहीं हुए हैं उनमें भी यह काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। निगम के जेई की देखरेख में टीमें लगी हुई है। निगम ने 329 मीटरों को लैब में जांच के लिए भिजवाया है। इनमें छेड़छाड़ होने का अंदेशा जताया गया है। पखवाड़ा भर में इनकी रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी में छेड़छाड़ मिली तो उस पर निर्धारित जुर्माना लगाकर वसूली की जाएगी। मीटर बाहर लगाने से निगम को 15 से 20 फीसद लाइनलॉस से छुटकारा मिला है।
नए मीटरों ने बढ़ाई बेचैनी
इन दिनों जो मीटर बिजली निगम की ओर से बाहर लगाए जा रहे हैं उनको लेकर उपभोक्ताओं में कई तरह की भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ इन मीटरों को तेज चलने की शिकायत करते हुए रोष जता रहे हैं तो कुछ इनमें बरसात के दौरान करंट प्रभावित होने की बात कह रहे हैं। शहर के वार्ड-13 के निवासी कपूर सिंह, राजबीर, सतीश, सुरेंद्र, कुसुम, राजरानी, स्नेहलता व बिमला का कहना मीटरों को घरों से बाहर लगाने में अनियमितताएं बरती जा रही है। किसी के मीटर तारों से स्पार्किंग होती रहती है तो किसी के सील तक सही से नहीं लगाई।
बिजली के खंभों पर लगाए जाने वाले मीटरों से हादसे का डर ज्यादातर सताता रहता है। जो लोग राजनैतिक व दूसरी तरह से पहुंच रख रहे हैं उनके घरों के अंदर ही ाज भी पुराने मीटर लगे हुए हैं। नई मीटरों से बिल अधिक आने की आशंका को लेकर अनेक लोग रात को सोते व सुबह के वक्त उठते समय एक बार अपने घर के बाहर लगे मीटर पर नजर जरूर रख रहा है। साथ में पड़ोसियों के मीटरों को लेकर भी तुलना करते दिखते हैं।
वायर मंगवाने पर जता रहे विरोध
निगम की ओर से घरों से बाहर मीटर लगाने के दौरान ठेकेदार द्वारा मंगवाई जा रही केबल को लेकर अधिकांश लोग विरोध भी जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक ओर तो निगम बिना किसी खर्च के मीटरों को घर से बाहर लगा रहा है तो दूसरी तरफ उन पर केबल के नाम पर अनावश्यक तरीके से दबाव भी बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि निगम को यह काम करना ही है तो केबल भी चाहे कितनी ही लंबी क्यों न लगे इसके लिए व्यवस्था भी उनकी तरफ से की जानी चाहिए। क्योंकि कई-कई उपभोक्ताओं को नई केबल लाने पर 500 से 1000 रुपये तक का खर्च मजबूर होकर करना पड़ रहा है। इससे उनका आर्थिक बजट भी गड़बड़ा रहा है। पूर्व पार्षद वजीर राठी का कहना है कि घरों से बाहर मीटर शिफ्टिंग में केबल का प्रयोग विभाग की तरफ से किया जाना था परंतु मौके पर उपभोक्ताओं से अनावश्यक पीवीसी केबल मंगवाकर लगवाई जा रही है।
अधिकारियों को ठेेकेदार के भुगतान से पहले मौके पर जहां-जहां केबल का प्रयोग नहीं किया गया है उन मीटरों के लगाने में आने वाले खर्च की अदायगी बिना जांच किए नहीं करनी चाहिए।
20 फीसद लाइनलॉस से मिला फायदा
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम की ओर से चलाए जा रहे इस स्पेशल अभियान के तहत घरों से बाहर मीटर लगाने पर लगभग 20 फीसद लाइनलॉस होने से छुटकारा मिला है। इससे जहां ट्रांसफार्मरों पर जो अधिक लोड पड़ रहा था उससे भी कुछ हद तक निजात मिली है। साथ में उपभोक्ताओं को भी बिजली आपूर्ति सुचारू मिलने में पहले से अधिक राहत भी मिली है।
इन दिनों शहरी क्षेत्र में मीटर बाहर लगाने का कार्य हो रहा है। लगभग 55 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। जिन कॉलोनियों में मीटर घरों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों से बाहर नहीं लगाए गए हैं उन्हें भी जल्द लगा दिया जाएगा। एक भी घर में मीटर अंदर नहीं रहने दिया जाएगा। किसी भी उपभोक्ता का मीटर अंदर नहीं रहने दिया जाएगा।
एसजी वत्स, एक्सईएन, यूएचबीवीएन
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बढ़ती बिजली चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगम की ओर से कई माह पूर्व सभी सिंगल व थ्री फेस के मीटरों को बाहर लगाने के लिए बीड़ा शुरू किया गया था। निगम कर्मियों की मौजूदगी में ठेकेदार के कर्मी इस काम में जुटे हुए हैं। कई-कई टीमें अलग-अलग वार्डों में लगी हुई है। बहादुरगढ़ शहर में निगम की ओर से दो डिवीजन बनाए हुए हैं। इनमें सिटी वन व टू शामिल है। इन दोनों डिवीजनों में साढ़े 44 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घर में बिजली के मीटर लगे हुए हैं। सिटी वन में साढ़े 22 हजार बिजली उपभोक्ता हैं।
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इनमें से अब तक 12 हजार 150 लोगों के घरों व अन्य प्रतिष्ठानों से बाहर बिजली के मीटर लगाए जा चुके हैं। जबकि सिटी-टू डिवीजन में लगभग साढ़े 20 हजार लोगों के घरों में मीटरों से बिजली सप्लाई है। इनमें से आधे से ज्यादा फीसद यानी 12 हजार चालीस घरों के अंदर से मीटर बाहर निकालकर उन्हें दीवारों व बिजली के खंभों पर लगाया जा चुका है।
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निगम के अधिकारियों की मानें तो जल्द जिन घरों में मीटर अंदर रह गए हैं उन्हें भी बाहर निकाल दिया जाएगा। सिटी वन व टू में इस कार्य पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। सिटी वन में साढ़े 10 हजार तो टू में साढ़े अठहत्तर सौ मीटरों को बाहर निकालने के लिए टीमें लगी हुई है। जिन कॉलोनियों में मीटर अभी बाहर नहीं हुए हैं उनमें भी यह काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। निगम के जेई की देखरेख में टीमें लगी हुई है। निगम ने 329 मीटरों को लैब में जांच के लिए भिजवाया है। इनमें छेड़छाड़ होने का अंदेशा जताया गया है। पखवाड़ा भर में इनकी रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी में छेड़छाड़ मिली तो उस पर निर्धारित जुर्माना लगाकर वसूली की जाएगी। मीटर बाहर लगाने से निगम को 15 से 20 फीसद लाइनलॉस से छुटकारा मिला है।
नए मीटरों ने बढ़ाई बेचैनी
इन दिनों जो मीटर बिजली निगम की ओर से बाहर लगाए जा रहे हैं उनको लेकर उपभोक्ताओं में कई तरह की भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ इन मीटरों को तेज चलने की शिकायत करते हुए रोष जता रहे हैं तो कुछ इनमें बरसात के दौरान करंट प्रभावित होने की बात कह रहे हैं। शहर के वार्ड-13 के निवासी कपूर सिंह, राजबीर, सतीश, सुरेंद्र, कुसुम, राजरानी, स्नेहलता व बिमला का कहना मीटरों को घरों से बाहर लगाने में अनियमितताएं बरती जा रही है। किसी के मीटर तारों से स्पार्किंग होती रहती है तो किसी के सील तक सही से नहीं लगाई।
बिजली के खंभों पर लगाए जाने वाले मीटरों से हादसे का डर ज्यादातर सताता रहता है। जो लोग राजनैतिक व दूसरी तरह से पहुंच रख रहे हैं उनके घरों के अंदर ही ाज भी पुराने मीटर लगे हुए हैं। नई मीटरों से बिल अधिक आने की आशंका को लेकर अनेक लोग रात को सोते व सुबह के वक्त उठते समय एक बार अपने घर के बाहर लगे मीटर पर नजर जरूर रख रहा है। साथ में पड़ोसियों के मीटरों को लेकर भी तुलना करते दिखते हैं।
वायर मंगवाने पर जता रहे विरोध
निगम की ओर से घरों से बाहर मीटर लगाने के दौरान ठेकेदार द्वारा मंगवाई जा रही केबल को लेकर अधिकांश लोग विरोध भी जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक ओर तो निगम बिना किसी खर्च के मीटरों को घर से बाहर लगा रहा है तो दूसरी तरफ उन पर केबल के नाम पर अनावश्यक तरीके से दबाव भी बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि निगम को यह काम करना ही है तो केबल भी चाहे कितनी ही लंबी क्यों न लगे इसके लिए व्यवस्था भी उनकी तरफ से की जानी चाहिए। क्योंकि कई-कई उपभोक्ताओं को नई केबल लाने पर 500 से 1000 रुपये तक का खर्च मजबूर होकर करना पड़ रहा है। इससे उनका आर्थिक बजट भी गड़बड़ा रहा है। पूर्व पार्षद वजीर राठी का कहना है कि घरों से बाहर मीटर शिफ्टिंग में केबल का प्रयोग विभाग की तरफ से किया जाना था परंतु मौके पर उपभोक्ताओं से अनावश्यक पीवीसी केबल मंगवाकर लगवाई जा रही है।
अधिकारियों को ठेेकेदार के भुगतान से पहले मौके पर जहां-जहां केबल का प्रयोग नहीं किया गया है उन मीटरों के लगाने में आने वाले खर्च की अदायगी बिना जांच किए नहीं करनी चाहिए।
20 फीसद लाइनलॉस से मिला फायदा
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम की ओर से चलाए जा रहे इस स्पेशल अभियान के तहत घरों से बाहर मीटर लगाने पर लगभग 20 फीसद लाइनलॉस होने से छुटकारा मिला है। इससे जहां ट्रांसफार्मरों पर जो अधिक लोड पड़ रहा था उससे भी कुछ हद तक निजात मिली है। साथ में उपभोक्ताओं को भी बिजली आपूर्ति सुचारू मिलने में पहले से अधिक राहत भी मिली है।
इन दिनों शहरी क्षेत्र में मीटर बाहर लगाने का कार्य हो रहा है। लगभग 55 फीसद कार्य पूरा हो चुका है। जिन कॉलोनियों में मीटर घरों, दुकानों व अन्य प्रतिष्ठानों से बाहर नहीं लगाए गए हैं उन्हें भी जल्द लगा दिया जाएगा। एक भी घर में मीटर अंदर नहीं रहने दिया जाएगा। किसी भी उपभोक्ता का मीटर अंदर नहीं रहने दिया जाएगा।
एसजी वत्स, एक्सईएन, यूएचबीवीएन