{"_id":"5a9c431f4f1c1b462c8bb385","slug":"51520190239-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिनभर परिवर्तनशील रहा मौसम, बदाल छाने से नौ डिग्री गिरा तापमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिनभर परिवर्तनशील रहा मौसम, बदाल छाने से नौ डिग्री गिरा तापमान
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिनभर बदलता रहा मौसम, बादल छाने से नौ डिग्री गिरा तापमान
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले में रविवार को आसमान में घने बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बौछारें भी गिरीं। दिन के समय अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम 13 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम में नमी की मात्रा 46 प्रतिशत तक बनी रही। मौसम में बदलाव आने के चलते बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में नौ व न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कृषि वैज्ञानिकों ने इस मौसम को फसलों के लिए अनुकूल बताया है।
जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम में अचानक बदलाव आया है। रविवार दिन के समय आसमान में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे मौसम में बदलाव आ गया। अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम में नमी की मात्रा 46 प्रतिशत तक बनी रही। जिले में इस बार गेहूं की फसल 54 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में और सरसों की फसल 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में है। जौ की बिजाई चार हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कर रखी है। इस समय किसान गेहूं की फसलों की आखिरी सिंचाई कर रहे हैं। सरसों की फसल पकाव की ओर है। 20 मार्च तक सरसों की फसलों की कटाई का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में किसानों का मानना है कि इस समय मौसम अनुकूल एवं साफ रहने में भी फायदा है।
किसान कृष्ण कुमार, राम सिंह, जयसिंह, शमशेर कुमार का कहना है कि इस समय मौसम आमतौर पर साफ रहने में ही फायदा है। अगर इस मौसम में बारिश होती है तो गेहूं की फसल के खेत में बिछ जाने का अंदेशा है। फसल जमीन पर बिछ जाने पर दाने का पकाव ठीक प्रकार से नहीं हो पाता। किसानों का कहना है कि फिलहाल रबी की सभी फसलें अच्छी स्थिति में हैं। मौसम में थोड़ी ठंडक भी फसलों के लिए जरूरी है तभी बढ़िया पकाव हो सकेगा। खंड कृषि अधिकारी संदीप बूरा का कहना है कि इस समय फसलों के लिए उचित तापमान व अनुकूल मौसम बने रहने की जरूरत है। मौसम में अचानक ज्यादा तापमान बढ़ने पर फसलों में नुकसान हो सकता है। किसानों को गेहूं की सिंचाई करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवा चलने पर गेहूं की सिंचाई न की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले में रविवार को आसमान में घने बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बौछारें भी गिरीं। दिन के समय अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम 13 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम में नमी की मात्रा 46 प्रतिशत तक बनी रही। मौसम में बदलाव आने के चलते बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में नौ व न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। कृषि वैज्ञानिकों ने इस मौसम को फसलों के लिए अनुकूल बताया है।
जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम में अचानक बदलाव आया है। रविवार दिन के समय आसमान में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे मौसम में बदलाव आ गया। अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम में नमी की मात्रा 46 प्रतिशत तक बनी रही। जिले में इस बार गेहूं की फसल 54 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में और सरसों की फसल 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में है। जौ की बिजाई चार हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कर रखी है। इस समय किसान गेहूं की फसलों की आखिरी सिंचाई कर रहे हैं। सरसों की फसल पकाव की ओर है। 20 मार्च तक सरसों की फसलों की कटाई का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में किसानों का मानना है कि इस समय मौसम अनुकूल एवं साफ रहने में भी फायदा है।
विज्ञापन
किसान कृष्ण कुमार, राम सिंह, जयसिंह, शमशेर कुमार का कहना है कि इस समय मौसम आमतौर पर साफ रहने में ही फायदा है। अगर इस मौसम में बारिश होती है तो गेहूं की फसल के खेत में बिछ जाने का अंदेशा है। फसल जमीन पर बिछ जाने पर दाने का पकाव ठीक प्रकार से नहीं हो पाता। किसानों का कहना है कि फिलहाल रबी की सभी फसलें अच्छी स्थिति में हैं। मौसम में थोड़ी ठंडक भी फसलों के लिए जरूरी है तभी बढ़िया पकाव हो सकेगा। खंड कृषि अधिकारी संदीप बूरा का कहना है कि इस समय फसलों के लिए उचित तापमान व अनुकूल मौसम बने रहने की जरूरत है। मौसम में अचानक ज्यादा तापमान बढ़ने पर फसलों में नुकसान हो सकता है। किसानों को गेहूं की सिंचाई करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवा चलने पर गेहूं की सिंचाई न की जाए।
विज्ञापन