फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   घोषणाओं और प्रपोजल पर ही अटक गया विकास

घोषणाओं और प्रपोजल पर ही अटक गया विकास

Sun, 14 Jan 2018 12:33 AM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
घोषणाओं और प्रपोजल पर ही अटक गया विकास
घोषणाओं और प्रपोजल पर ही अटक गया विकास
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
चरखी दादरी को जिला बनाकर सरकार ने विकास कार्यों की जमकर घोषणा की लेकिन धरातल पर एक साल बाद भी कुछ ज्यादा नहीं उतरा है। करोड़ों के प्रपोजल सरकार के पाले में ही अटके पड़े हैं। इनमें से करीब 30 करोड़ के प्रोजेक्ट तो सीएम की घोषणा मुताबिक ही हैं। सरकार ने इन प्रपोजलों को लेकर अपनी स्थिति अब तक साफ नहीं की। शहर और जिले के कुछ प्रपोजल तो ऐसे हैं जो खुद सरकार ने जिला प्रशासन से मांगे थे। सीसीआई फाटक अंडरपास के लिए तो लोगों संग विधायक रेल भी रोक चुके हैं और इस संबंध में इनेलो विधायक सहित पार्षदों व कुछ अन्य पर नामजद मामला दर्ज है। रेलवे ने आरयूबी निर्माण पर करीब पांच करोड़ लागत आने की संभावना जताई थी, लेकिन इसके बाद से बजट को लेकर उहापोह की स्थिति बनी है। शहर के सौंदर्यीकरण सहित लोगों की सुविधाओं के तीन प्रोजेक्ट नगर परिषद ने तैयार कर भेज रखे हैं लेकिन इन पर अब तक सरकार ने स्वीकृति नहीं दी है। ये तीनों प्रोजेक्ट करीब 28 करोड़ के हैं। इनमें से शहर में डेढ़ करोड़ से पार्क विकसित कराने का प्रपोजल तो सरकार ने करीब सवा साल पहले स्वर्ण जयंती योजना के तहत मांगा था। ऐतिहासिक श्यामसर तालाब को पर्यटन स्थल में तबदील कर सौंदर्यीकरण बढ़ाने की प्लानिंग भी अभी स्वीकृति व बजट के अभाव में ठंडे बस्ते में हैं। यह प्रपोजल खुद सीएम मनोहर लाल की घोषणा में शामिल है। इसी तरह अन्य योजनाएं भी अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ी हैं।

श्यामसर तालाब का 18 करोड़ से होना है जीर्णोद्घार
चरखी दादरी को जिला घोषित करने के साथ-साथ सीएम मनोहर लाल ने श्यामसर तालाब का जीर्णोद्घार कराने की भी घोषणा की थी। नगर परिषद ने इस संबंध में करीब 18 करोड़ का प्रपोजल तैयार कर सरकार के पास भेज रखा है। इस पर अब तक सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। गत अक्तूबर माह में जिला प्रवास कार्यक्रम के तहत सीएम ने जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था। बदहाल श्यामसर तालाब को पर्यटन स्थल में तबदील करने के लिए नगर परिषद ने गुरुग्राम की एक आर्किटेक्ट की मदद ली है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर के सौंदर्यीकरण में इजाफा होगा और जिले को पहला पर्यटन स्थल भी मिल जाएगा।
विज्ञापन


नप कार्यालय निर्माण के बाद सुविधाओं में होगा विस्तार
बस स्टैंड के समीप वर्तमान नगर परिषद कार्यालय में जगह के अभाव में तमाम सुविधाएं शहरवासियों को नहीं मिल पा रही। जरूरतों को देखकर नगर परिषद अधिकारियों ने परसराम हेतराम स्कूल के समीप करीब आठ करोड़ की लागत से मॉर्डन कार्यालय तैयार कराने का प्रपोजल सरकार के पास भेजा था। इसे सीएम घोषणा में भी शामिल किया गया है। इसके बावजूद इस पर करीब चार माह बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वर्तमान कार्यालय में बुजुर्गों के लिए लिफ्ट तक की सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दस करोड़ की यूपीडी ड्रेन पर सरकार सुस्त
10 करोड़ से जिले में ड्रेन निर्माण की मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी लेकिन किसानों के जमीन अधिग्रहण पर ऐतराज जताने के चलते यह ड्राप हो गई। इसकी जगह सिंचाई विभाग ने यूपीडी ड्रेन निर्माण का करीब दस करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार कर भेजा था लेकिन इस पर अब करीब डेढ़ साल बीतने पर भी सरकार ने सहमति नहीं दी है। ढाकला-सुबाना यूपीडी ड्रेन का काम पूरा होने के बाद ही सरकार ने इसे स्वीकृत्ति देने का तर्क अधिकारियों को करीब आठ माह पहले दिया था।इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिलने से शहर की सीवरेज व्यवस्था में सुधार होने की गुंजाइश है।

रोहतक फाटक आरओबी पर भी सरकार ने नहीं दी अब तक मंजूरी
ढाणी फाटक पर तो गत कांग्रेस सरकार ने आरओबी निर्माण करा दिया था लेकिन रोहतक फाटक पर अब तक आरओबी निर्माण की मांग पूरी नहीं हुई है। रोहतक फाटक पर ढाणी फाटक के मुकाबले ट्रैफिक का दबाव करीब चार गुना अधिक है। करीब सात माह पहले पीडब्ल्यूडी विभाग ने 10 करोड़ की लागत से यहां आरओबी बनाने का प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा था लेकिन कागजी कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए अब तक सरकार ने अपनी स्वीकृति नहीं दी है। इससे करीब तीन से चार वाहन चालकों को फायदा मिलेगा।

पार्कों के प्रोजेक्ट अटके, विस सत्र में उठा था मुद्दा
करीब डेढ़ साल पहले सरकार ने स्वर्ण जयंती योजना के तहत नगर परिषद को शहर में नए पार्कों का निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए सरकार ने करीब डेढ़ करोड़ का बजट निर्धारित किया था। इसके बाद नगर परिषद अधिकारियों ने दो पार्कों का प्रपोजल तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिया था। इसके बाद से ही सरकार न इसकी कोई सुध नहीं ली है। फिलहाल शहर की करीब 75 हजार की आबादी इकलौते रोज गार्डन भी ही निर्भर है। नगर परिषद पार्क निर्माण के लिए जगह तक चयनित कर चुकी है लेकिन फाइल सरकार के पाले में जाकर अटक गई है। शहर में पार्कों की कमी का मुद्दा विधानसभा सत्र में विधायक राजदीप फौगाट उठा चुके हैं।

सत्ता पक्ष बोला: जिले के विकास के लिए गंभीर है सरकार
इस साल सरकार जिले का एक अच्छा खासा बजट पैकेज दादरी जिले के लिए जारी करेगी। इस संबंध में मैं भी मुख्यमंत्री से बातचीत कर चुका हूं। जिले का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए सरकार प्रयासरत है। जल्द से जल्द जिले के रुके प्रपोजल को मंजूरी दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। - सुखविंद्र मांढ़ी, भाजपा विधायक बाढड़ा

वर्जन:
सरकार जिले के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पूरी पारदर्शिता के साथ जिले में एक समान विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जिले की जो भी जरूरतें उन्हें वो सरार तक पहुंचाकर जल्द से जल्द इन्हें पूरा करने का प्रयास करेंगे। - एडवोकेट रामकशन शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा

विपक्ष का पलटवार: उपमंडल ही नजर आ रहा दादरी
जो प्रोजेक्ट कांग्रेस राज में शुरू किए थे उन्हें भाजपा सरकार अब तक पूरा नहीं करवा पाई है। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन व खेल सुविधाओं में जिले की उपेक्षा की जा रही है। लोगों की फरियाद सुनने के लिए न तो अधिकारी पर्याप्त हैं और न ही जिले के मुताबिक संसाधन हैं। जिले का दर्जा देने के बाद भी सरकार उपमंडल स्तरीय सेवाओं में विस्तार तक नहीं कर पाई है। एक साल बाद भी जिला उपमंडल की तरह की नजर आ रहा है। - सतपाल सांगवान, पूर्व सहकारिता मंत्री


वर्जन:
न तो शहर में सरकार विकास करवा रही है और न ही जिले में। जिले के लिहाज से महज दस प्रतिशत विभागों के कार्यालय ही स्थापित किए गए हैं। जिले के कुछ प्रोजेक्ट तो ऐसे हैं जिन्हें लेकर लोग आंदोलन तक कर चुके हैं लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। पार्कों की कमी का मुद्दा मैं विधानसभा सत्र में उठा चुका हूं। सरकार दादरी जिले के विकास को लेकर कतई गंभीर नहीं है और विकास के मामले में जमकर उपेक्षा कर रही है। - राजदीप फौगाट, इनेलो विधायक, दादरी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed