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पुलिस लाइन में मेला और बाकी शहर तबेला
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:42 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
प्रदेश सरकार के द्वारा पुलिस लाइन में पशु मेला लगाया गया है तो लावारिस घूम रहे गोवंश शहर को तबेला बना रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा भले ही पशु मेले में नौ करोड़ रुपये के ईनाम बांटकर पशुपालकों को प्रोत्साहित किया गया हो। लेकिन झज्जर की गोशालाओं में इस दौरान हालात सुधारने के लिए नौ रुपये की घोषणा तक नहीं की गई। अच्छी बात है किसानों को नौ करोड़ रुपये दिए। लेकिन सरकार शहर में लावारिस घूम रहे बेजुबानों पर भी तो नजरें इनायत कर लेते। अब यही गोवंश लोगों के लिए हादसों का कारण बन रहे हैं। स्ट्रे कैटल फ्री बहादुरगढ़ में तो एक व्यक्ति भी लावारिस गोवंश की भेंट चढ़ चुकी है। जिसकी मौत पर भी बेशर्मी की चादर ओढे़ बैठे प्रशासन ने अपना लबादा नहीं उतारा। स्ट्रे कैटल फ्री के बहाने गोशाला भेजना का अभियान चलाया गया। गोशालाओं में पहले ही हालात अच्छे नहीं थे, नतीजा सभी के सामने हैं कि सरकार का स्ट्रे कैटल फ्री अभियान फेल हो गया। अभियान की बात को लेकर अधिकारी सरकार को रिपोर्ट भेजते हैं कि पांच हजार से अधिक गोवंश गोशाला में भेजा जा चुका है, लेकिन सच्चाई कुछ ओर ही है। जिसे दिखाने के लिए अमर उजाला टीम के विक्रम बनेटा और फोटोग्राफर दिनेश शर्मा ने प्रयास किए हैं। अब भी देर नहीं हुई, सच्चाई देखिए और संभलिए सरकार....
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झज्जर।
प्रदेश सरकार के द्वारा पुलिस लाइन में पशु मेला लगाया गया है तो लावारिस घूम रहे गोवंश शहर को तबेला बना रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा भले ही पशु मेले में नौ करोड़ रुपये के ईनाम बांटकर पशुपालकों को प्रोत्साहित किया गया हो। लेकिन झज्जर की गोशालाओं में इस दौरान हालात सुधारने के लिए नौ रुपये की घोषणा तक नहीं की गई। अच्छी बात है किसानों को नौ करोड़ रुपये दिए। लेकिन सरकार शहर में लावारिस घूम रहे बेजुबानों पर भी तो नजरें इनायत कर लेते। अब यही गोवंश लोगों के लिए हादसों का कारण बन रहे हैं। स्ट्रे कैटल फ्री बहादुरगढ़ में तो एक व्यक्ति भी लावारिस गोवंश की भेंट चढ़ चुकी है। जिसकी मौत पर भी बेशर्मी की चादर ओढे़ बैठे प्रशासन ने अपना लबादा नहीं उतारा। स्ट्रे कैटल फ्री के बहाने गोशाला भेजना का अभियान चलाया गया। गोशालाओं में पहले ही हालात अच्छे नहीं थे, नतीजा सभी के सामने हैं कि सरकार का स्ट्रे कैटल फ्री अभियान फेल हो गया। अभियान की बात को लेकर अधिकारी सरकार को रिपोर्ट भेजते हैं कि पांच हजार से अधिक गोवंश गोशाला में भेजा जा चुका है, लेकिन सच्चाई कुछ ओर ही है। जिसे दिखाने के लिए अमर उजाला टीम के विक्रम बनेटा और फोटोग्राफर दिनेश शर्मा ने प्रयास किए हैं। अब भी देर नहीं हुई, सच्चाई देखिए और संभलिए सरकार....