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किसानों को मनाने पहुंचे भाजपा विधायक, आज से महिलाएं और बच्चे भी होंगे धरने में शामिल
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा बढ़ाने के लिए धरने पर बैठे 17 गांवों के किसानों को मनाने मंगलवार को विधायक सुखविंद्र मांढ़ी पहुंचे। इस दौरान किसानों ने उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया और विधायक ने ये मांगे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने बुधवार से महिलाओं और बच्चों को भी धरनास्थल पर लाने का ऐलान कर दिया। वहीं, लघु सचिवालय घेराव करने या अन्य कोई कदम उठाने की घोषणा किसान आज धरनास्थल पर करेंगे। किसानों का मानें तो मंगलवार तक 120 गांवों सहित 20 किसान संगठनों का धरने को समर्थन मिल चुका है।
गौरतलब है कि सोमवार को तहसीलदार कंवल सिंह यादव भी डेलीगेट पर तौर पर किसानों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने किसानों की मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था। उनके आश्वासन से असंतुष्ट किसानों ने मौके पर किसी सक्षम अधिकारी को भेजने की मांग की थी और प्रशासन की पहल को देखते हुए मंगलवार को होने वाला लघु सचिवालय घेराव को 24 घंटे के लिए टाल दिया था। वहीं, मंगलवार को विधायक सुखविंद्र मांढ़ी सुबह करीब दस बजे किसानों के बीच पहुंच गए। उन्होंने पहले किसानों की मांगें सुनीं और इसके बाद उन्हें शांतिपूर्ण रास्ता इख्तियार कर सरकार के सामने रखने की अपील की। करीब पौने घंटे तक विधायक और किसानों के बीच बातचीत का दौर चला।
धरने की अध्यक्षता कर रहे विनोद मौड़ी ने बताया कि विधायक ने उन्हें मांग सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन ही दिया है। उन्होंने मांग सिरे चढ़ेंगी या नहीं इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इसके चलते अब किसानों ने फैसला लिया है कि बुधवार से महिलाओं व बच्चों को भी धरने में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को आगामी रणनीति तैयार की जाएगी और इसमें लघु सचिवालय घेराव का या अन्य कोई फैसला लिया जा सकता है। वहीं, जिला उपायुक्त ने किसानों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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शांतिपूर्वक ढंग से किसान लड़े अपनी लड़ाई
विधायक सुखविंद्र मांढ़ी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मांग रखने का अधिकार हैं। किसानों को अगर मुआवजा राशि पर ऐतराज है तो वो न्यायल की शरण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि मामला न्यायलय में जाने के बाद फरियादी को न्याय ही मिलता है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि किसान कोई उग्र कदम उठाने की बजाय अपनी मांग शांतिप्रिय ढंग से जिला प्रशासन या सरकार के सामने रखे। उन्होंने कहा कि कई लोग अपने स्वार्थ साधने के चक्कर में शांतिपूर्वक आंदोलन को उग्र बना देते हैं और इसकी कीमत किसानों को चुकानी पड़ती है।
इन्होंने दिया मंगलवार को समर्थन
मंगलवार को भी धरनास्थल पर दिनभर समर्थन का दौर चला। किसानों ने बताया कि आशा वर्कर राज्य उप-प्रधान कमलेश, सर्व कर्मचारी संघ से राजकुमार घिकाड़ा, हवेली खाप-12 प्रधान सुरेश, इंद्रजीत फौगाट, एडवोकेट आनंद, अखिल भारतीय किसान सभा प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह, ओमप्रकाश सैनी, जिला पार्षद प्रतिनिधि राजेश फौगाट, एडवोकेट राकेश, खाप-17 सतनाली प्रधान प्रतिनिधि विरेंद्र पहलवान, जनसेवा महासंघ से संजीव मंदोला आदि ने धरने को अपना समर्थन दिया।
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चरखी दादरी। एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा बढ़ाने के लिए धरने पर बैठे 17 गांवों के किसानों को मनाने मंगलवार को विधायक सुखविंद्र मांढ़ी पहुंचे। इस दौरान किसानों ने उन्हें अपनी मांगों से अवगत कराया और विधायक ने ये मांगे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने बुधवार से महिलाओं और बच्चों को भी धरनास्थल पर लाने का ऐलान कर दिया। वहीं, लघु सचिवालय घेराव करने या अन्य कोई कदम उठाने की घोषणा किसान आज धरनास्थल पर करेंगे। किसानों का मानें तो मंगलवार तक 120 गांवों सहित 20 किसान संगठनों का धरने को समर्थन मिल चुका है।
गौरतलब है कि सोमवार को तहसीलदार कंवल सिंह यादव भी डेलीगेट पर तौर पर किसानों के बीच पहुंचे थे। उन्होंने किसानों की मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था। उनके आश्वासन से असंतुष्ट किसानों ने मौके पर किसी सक्षम अधिकारी को भेजने की मांग की थी और प्रशासन की पहल को देखते हुए मंगलवार को होने वाला लघु सचिवालय घेराव को 24 घंटे के लिए टाल दिया था। वहीं, मंगलवार को विधायक सुखविंद्र मांढ़ी सुबह करीब दस बजे किसानों के बीच पहुंच गए। उन्होंने पहले किसानों की मांगें सुनीं और इसके बाद उन्हें शांतिपूर्ण रास्ता इख्तियार कर सरकार के सामने रखने की अपील की। करीब पौने घंटे तक विधायक और किसानों के बीच बातचीत का दौर चला।
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धरने की अध्यक्षता कर रहे विनोद मौड़ी ने बताया कि विधायक ने उन्हें मांग सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन ही दिया है। उन्होंने मांग सिरे चढ़ेंगी या नहीं इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इसके चलते अब किसानों ने फैसला लिया है कि बुधवार से महिलाओं व बच्चों को भी धरने में शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को आगामी रणनीति तैयार की जाएगी और इसमें लघु सचिवालय घेराव का या अन्य कोई फैसला लिया जा सकता है। वहीं, जिला उपायुक्त ने किसानों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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शांतिपूर्वक ढंग से किसान लड़े अपनी लड़ाई
विधायक सुखविंद्र मांढ़ी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मांग रखने का अधिकार हैं। किसानों को अगर मुआवजा राशि पर ऐतराज है तो वो न्यायल की शरण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि मामला न्यायलय में जाने के बाद फरियादी को न्याय ही मिलता है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि किसान कोई उग्र कदम उठाने की बजाय अपनी मांग शांतिप्रिय ढंग से जिला प्रशासन या सरकार के सामने रखे। उन्होंने कहा कि कई लोग अपने स्वार्थ साधने के चक्कर में शांतिपूर्वक आंदोलन को उग्र बना देते हैं और इसकी कीमत किसानों को चुकानी पड़ती है।
इन्होंने दिया मंगलवार को समर्थन
मंगलवार को भी धरनास्थल पर दिनभर समर्थन का दौर चला। किसानों ने बताया कि आशा वर्कर राज्य उप-प्रधान कमलेश, सर्व कर्मचारी संघ से राजकुमार घिकाड़ा, हवेली खाप-12 प्रधान सुरेश, इंद्रजीत फौगाट, एडवोकेट आनंद, अखिल भारतीय किसान सभा प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह, ओमप्रकाश सैनी, जिला पार्षद प्रतिनिधि राजेश फौगाट, एडवोकेट राकेश, खाप-17 सतनाली प्रधान प्रतिनिधि विरेंद्र पहलवान, जनसेवा महासंघ से संजीव मंदोला आदि ने धरने को अपना समर्थन दिया।