फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   इमरजेंसी बता गर्भवती को पीजीआई किया रेफर, एंबुलेंस में नहीं था पेट्रोल

इमरजेंसी बता गर्भवती को पीजीआई किया रेफर, एंबुलेंस में नहीं था पेट्रोल

Fri, 03 May 2019 02:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 03 May 2019 02:03 AM IST
विज्ञापन
इमरजेंसी बता गर्भवती को पीजीआई किया रेफर, एंबुलेंस में नहीं था पेट्रोल
बहादुरगढ़। सरकारी अस्पताल में वीरवार की शाम डिलिवरी कराने पहुंची महिला को अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा। हुआ यूं कि दिल्ली के सावदा इलाके से गर्भवती महिला बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल पहुंची थी। अस्पताल के स्टाफ ने उसे रोहतक के पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। लेकिन बाद में पता चला कि जिस एंबुलेंस में महिला को ले जाया जाना था, उसमें पेट्रोल ही नहीं है। आनन-फानन में 108 नंबर पर कॉल करके दूसरी एंबुलेंस को बुलाया गया। एंबुलेंस को मौके पर पहुंचने में 25 मिनट का समय लगा, तब तक महिला अस्पताल के गेट पर दर्द से कराहती रही। बाद में दूसरी एंबुलेंस पहुंची तो महिला को पीजीआईएमएस भेजा गया। महिला के पति रंजीत ने बताया कि उसकी पत्नी आरती गर्भवती है और उसे पेट में दर्द हो रहा था। इसलिए वह अपनी पत्नी को वीरवार की शाम करीब साढ़े सात बजे नागरिक अस्पताल के लेबर रूम में ले गया था। यहां से चिकित्सकों ने उन्हें इमरजेंसी केस बताकर रोहतक के पीजीआईएमएस रेफर कर दिया और उसी दौरान 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस भेजने की सूचना दी, लेकिन स्टाफ को पता चला कि नागरिक अस्पताल में जो एंबुलेंस खड़ी है उसमें पेट्रोल ही नहीं है। ऐसे में महिला की परेशानी कम होने के बजाये बढ़ती चली गई। परेशानी बढ़ते देख रंजीत ने अपने रिश्तेदारों को भी मौके पर बुला लिया, लेकिन उनके पास इंतजार करने के सिवाय और कोई चारा नहीं था। ऐसे में वे दूसरी एंबुलेंस की बाट जोहते रहे। परिजनों ने लापरवाही अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन


शाम 05:02 बजे की थी पेट्रोल के लिए मेल
नागरिक अस्पताल में खड़ी इमरजेंसी एंबुलेंस में पेट्रोल न होने की सूचना ड्राइवर द्वारा संबंधित अधिकारी को दी गई थी। बताया गया है कि शाम 05:02 बजे पर मेल की गई, लेकिन पंचकूला में संबंधित विभाग में 5 बजे के बाद कर्मचारी नहीं होते। इसलिए पेट्रोल के पैसे नहीं पहुंच पाए। बताया गया कि एंबुलेंस में पेट्रोल के पैसे सुबह 9 बजे के बाद ही पहुंचेंगे। इसमें किसकी लापरवाही रही, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन 25 मिनट तक गर्भवती महिला की सांस अटकी रही।
विज्ञापन


रात 8 बजे की गई थी 108 नंबर पर कॉल
लेबर रूम स्टाफ की ओर से महिला को पीजीआईएमएस ले जाने के लिए रात 8 बजे 108 नंबर पर कॉल की गई थी, लेकिन एक एंबुलेंस में पेट्रोल न होने की स्थिति में दूसरी एंबुलेंस को पहुंचने में 25 मिनट का समय लग गया। बताया गया है कि दूसरी एंबुलेंस भी रोहतक से वापसी बहादुरगढ़ आ रही थी। नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस (नंबर एचआर 63सी-3837) में पेट्रोल नहीं था। इसकी पुष्टि 108 नंबर पर की गई कॉल से हुई है। वहीं जब अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस में पेट्रोल न होने के बारे में मैनेजर अजीत सिंह से उनके मोबाइल पर बातचीत करने का प्रयास किया गया लेकिन बार-बार घंटी बजने के बाद कोई रिस्पांस नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस मेें पेट्रोल नहीं होने की जानकारी मुझे नहीं है। यदि इस तरह की लापरवाही हुई तो इस बारे में संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा। इसमें जिस भी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही रही होगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. देवेंद्र मेघा, डीएमएस, नागरिक अस्पताल, बहादुरगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed