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दुबले-पतले की टीस ने बना दिया बाडी बिल्डर
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:57 AM IST
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दुबले-पतले शरीर की टीस ने बना दिया बॉडी बिल्डर
बहादुरगढ़।
अमर उजाला टीम से बातचीत में मनीष दराल ने बताया कि उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई पंजाबी बाग स्थित एसडी पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद इग्नू से बीसीए और एमसीए की। बकौल मनीष, वह स्कूल में बास्केट बॉल का प्लेयर था। कॉलेज में गया तो वजन काफी कम था। जोकि बेहद अजीब-सा लगाता था। इसलिए सेहत सुधारने के लिए उसने जिम ज्वाइन कर लिया। शरीर मजबूत हुआ तो उन्होंने सोच लिया कि अब अच्छी बॉडी बनानी है। इसके बाद बॉडी बिल्डिंग को ही अपना कैरियर बना लिया। फिनलैंड में मिस्टर यूनिवर्स के खिताब के लिए जब वह रैंप पर उतरा तो उनके दिमाग में केवल तिरंगा झंडा था।
ईरान के खिलाड़ी को हराया
फाइनल राउंड में उन्हें ईरान के खिलाड़ी से टक्कर मिली, मगर आखिरकार उन्हें जीत मिल गई। चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर ईरान और तीसरे स्थान जर्मनी के खिलाड़ी ने पाया। मनीष ने बताया कि देश के लिए मिस्टर ओलंपिया का खिताब जीतना उनका सपना है। इसके लिए वह लगातार अभ्यास कर रहे हैं।
नशे से दूर रहें युवा
मनीष ने बताया कि वह एचएसआईएल हिंडवेयर के आईटी विभाग में कार्यरत हैं, मगर बॉडी बिल्डिंग से ही उन्हें नई पहचान मिली है। वह चाहता है कि युवा इस दिशा में आगे बढ़ें इसलिए वह युवकों को ट्रेनिंग भी देता है। ताकि युवा वर्ग नशे व अन्य बुराई से दूर रहकर एक मजबूत व अच्छा नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि यह मेहतन मेहनती और संघर्ष करने वाला खेल है। इसलिए बहुत से युवक ड्रग्स व इंजेक्शन आदि का सहारा लेते हैं। युवा ऐसा न करें, इससे सेहत खराब होती है।
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बहादुरगढ़।
अमर उजाला टीम से बातचीत में मनीष दराल ने बताया कि उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई पंजाबी बाग स्थित एसडी पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद इग्नू से बीसीए और एमसीए की। बकौल मनीष, वह स्कूल में बास्केट बॉल का प्लेयर था। कॉलेज में गया तो वजन काफी कम था। जोकि बेहद अजीब-सा लगाता था। इसलिए सेहत सुधारने के लिए उसने जिम ज्वाइन कर लिया। शरीर मजबूत हुआ तो उन्होंने सोच लिया कि अब अच्छी बॉडी बनानी है। इसके बाद बॉडी बिल्डिंग को ही अपना कैरियर बना लिया। फिनलैंड में मिस्टर यूनिवर्स के खिताब के लिए जब वह रैंप पर उतरा तो उनके दिमाग में केवल तिरंगा झंडा था।
ईरान के खिलाड़ी को हराया
फाइनल राउंड में उन्हें ईरान के खिलाड़ी से टक्कर मिली, मगर आखिरकार उन्हें जीत मिल गई। चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर ईरान और तीसरे स्थान जर्मनी के खिलाड़ी ने पाया। मनीष ने बताया कि देश के लिए मिस्टर ओलंपिया का खिताब जीतना उनका सपना है। इसके लिए वह लगातार अभ्यास कर रहे हैं।
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नशे से दूर रहें युवा
मनीष ने बताया कि वह एचएसआईएल हिंडवेयर के आईटी विभाग में कार्यरत हैं, मगर बॉडी बिल्डिंग से ही उन्हें नई पहचान मिली है। वह चाहता है कि युवा इस दिशा में आगे बढ़ें इसलिए वह युवकों को ट्रेनिंग भी देता है। ताकि युवा वर्ग नशे व अन्य बुराई से दूर रहकर एक मजबूत व अच्छा नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि यह मेहतन मेहनती और संघर्ष करने वाला खेल है। इसलिए बहुत से युवक ड्रग्स व इंजेक्शन आदि का सहारा लेते हैं। युवा ऐसा न करें, इससे सेहत खराब होती है।
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