{"_id":"6a00efb4b843a4b132066ea1","slug":"3-lakh-50-thousand-plants-ready-to-increase-greenery-bahadurgarh-news-c-17-roh1020-853624-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: हरियाली बढ़ाने के लिए 3 लाख 50 हजार पौधे तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: हरियाली बढ़ाने के लिए 3 लाख 50 हजार पौधे तैयार
विज्ञापन
12-वन विभाग की ओर से नर्सरी में तैयार किए पौधे । संवाद
रोहतक। हरियाली बढ़ाने के लिए वन विभाग ने जिले में इस बार 3 लाख 50 हजार पौधे तैयार किए हैं। जिले में 7 अलग-अलग नर्सरियों में 97 प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं जिनका रोपण जून-जुलाई माह में बारिश होने पर किया जाएगा।
उप वन संरक्षक आईएफएस सुंदर सांभरिया के अनुसार जिले में सुनारिया, भालौठ सब ब्रांच के पास बोहर, सांपला, सांघी, बैंसी, समर गोपालपुर हर्बल पार्क व महम स्थित नर्सरियों में साढ़े तीन लाख पौधे तैयार किए गए हैं। पौधे तैयार करने का काम यूं तो सालभर होता रहता है लेकिन अक्तूबर से बड़ी संख्या में पौधे तैयार करना आरंभ होता है।
पौधों से पहले भूमि को तैयार किया जाता है। उसके बाद वैज्ञानिक विधि से मिट्टी तैयार की जाती है। इसी मिट्टी में पौधे लगाए जाते हैं। समय-समय पर उसमें खाद पानी भी दिया जाता है ताकि पौधे की वृद्धि अच्छी तरह हो सके। भीषण गर्मी में पेड़ों की छांव में विश्राम करने का मन हर किसी का करता है।
विज्ञापन
-- -
इन प्रजातियों के पौधे तैयार
वन विभाग की सभी नर्सरियों में पसेंदू, महुवा, जाल, बहेड़ा, बरना, चीकू, बेलपत्र, काला सिरस, सफेद सिरस, सीता फल, ढाक, कटहल, नीम, सीमल, बोतल ब्रुश, कनेर, अमलतास, रात की रानी, लसोढ़ा, शीशम, सफेदा, जमोआ, बरगद, गुलर, पीपल, पिलखन, गुडहल, पहाड़ी पापड़ी, बालम खीरा, आम, बकायन, चंपा, सहजन, कढ़ी पत्ता, हारसिंगार, अशोक, अमरूद, अशोक व अनार आदि 97 प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं।
विज्ञापन
उप वन संरक्षक आईएफएस सुंदर सांभरिया के अनुसार जिले में सुनारिया, भालौठ सब ब्रांच के पास बोहर, सांपला, सांघी, बैंसी, समर गोपालपुर हर्बल पार्क व महम स्थित नर्सरियों में साढ़े तीन लाख पौधे तैयार किए गए हैं। पौधे तैयार करने का काम यूं तो सालभर होता रहता है लेकिन अक्तूबर से बड़ी संख्या में पौधे तैयार करना आरंभ होता है।
विज्ञापन
पौधों से पहले भूमि को तैयार किया जाता है। उसके बाद वैज्ञानिक विधि से मिट्टी तैयार की जाती है। इसी मिट्टी में पौधे लगाए जाते हैं। समय-समय पर उसमें खाद पानी भी दिया जाता है ताकि पौधे की वृद्धि अच्छी तरह हो सके। भीषण गर्मी में पेड़ों की छांव में विश्राम करने का मन हर किसी का करता है।
विज्ञापन
इन प्रजातियों के पौधे तैयार
वन विभाग की सभी नर्सरियों में पसेंदू, महुवा, जाल, बहेड़ा, बरना, चीकू, बेलपत्र, काला सिरस, सफेद सिरस, सीता फल, ढाक, कटहल, नीम, सीमल, बोतल ब्रुश, कनेर, अमलतास, रात की रानी, लसोढ़ा, शीशम, सफेदा, जमोआ, बरगद, गुलर, पीपल, पिलखन, गुडहल, पहाड़ी पापड़ी, बालम खीरा, आम, बकायन, चंपा, सहजन, कढ़ी पत्ता, हारसिंगार, अशोक, अमरूद, अशोक व अनार आदि 97 प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं।