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गणतंत्र दिवस पर भी प्रतिमाओं से नहीं हट सकी धूल
ब्यूूराो/अमर उजाला/झज्जर
Updated Mon, 25 Jan 2016 01:16 AM IST
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प्रशासन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस को यादगार बनाने की तैयारियों में लगा है। समारोह में क्या मुख्य रहेगा, इसको लेकर हर तरह की रूप रेखा बनाकर तैयारी की गई है। इन सबके बीच प्रशासन उन महान व्यक्तियों को भुलाए बैठा है, जिनकी बदौलत यह पर्व है।
शहर में कई चौक चौराहों पर देश की महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बस स्टैंड से मेन बाजार की तरफ जलेबी चौक पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा है। 26 जनवरी को अपना संविधान अमल में आया, इस लिए गणतंत्र दिवस का महत्व है। दूसरी तरफ संविधान बनाने वाले डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा धूल फांक रही है। गले में सूखे फूलों की माला है, वहीं प्रतिमा धूल से बेहाल है।
इसी प्रकार आजादी की लड़ाई के योद्धा रहे शहीद भगत सिंह की प्रतिमा भी बुरे हाल में है। शहर में कई अन्य शहीदों व विभूतियों की प्रतिमाएं भी हैं। इनको भारी भरकम राशि खर्च कर तैयार कराया गया है। प्रशासन की ओर से इनकी साफ-सफाई व देखभाल की तरफ कोई ध्सान नहीं दिया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के मौके पर भी इनको साफ करने की जरूरत प्रशासन ने नहीं समझी है।
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शहर में कई चौक चौराहों पर देश की महान विभूतियों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बस स्टैंड से मेन बाजार की तरफ जलेबी चौक पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा है। 26 जनवरी को अपना संविधान अमल में आया, इस लिए गणतंत्र दिवस का महत्व है। दूसरी तरफ संविधान बनाने वाले डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा धूल फांक रही है। गले में सूखे फूलों की माला है, वहीं प्रतिमा धूल से बेहाल है।
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इसी प्रकार आजादी की लड़ाई के योद्धा रहे शहीद भगत सिंह की प्रतिमा भी बुरे हाल में है। शहर में कई अन्य शहीदों व विभूतियों की प्रतिमाएं भी हैं। इनको भारी भरकम राशि खर्च कर तैयार कराया गया है। प्रशासन की ओर से इनकी साफ-सफाई व देखभाल की तरफ कोई ध्सान नहीं दिया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के मौके पर भी इनको साफ करने की जरूरत प्रशासन ने नहीं समझी है।
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