फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   पहले से ही सीएचसी-पीएचसी स्तर पर कार्यरत फर्म को दिया जिला अस्पताल का टेंडर, रद्द

पहले से ही सीएचसी-पीएचसी स्तर पर कार्यरत फर्म को दिया जिला अस्पताल का टेंडर, रद्द

Sat, 21 Apr 2018 02:08 AM IST
Updated Sat, 21 Apr 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
पहले से ही सीएचसी-पीएचसी स्तर पर कार्यरत फर्म को दिया जिला अस्पताल का टेंडर, रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
सामान्य अस्पताल में 105 चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की नियुक्ति के लिए किए गए टेंडर शुक्रवार को रद्द करते हुए रिकॉल कर लिया गया है। टेंडर को छोड़ते समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अवहेलना की गई थी। जिसका भेद खुला तो स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को टेंडर रद्द कर दिया गया। टेंडर करते समय इस शर्त का उल्लेख नहीं किया गया था कि उसी जिले में सीएचसी-पीएचसी स्तर पर कार्यरत फर्म जिला अस्पताल के लिए टेंडर का आवेदन नहीं कर सकती। इसी शर्त का फायदा उठाते हुए एपी सिक्योरिटी प्रोवाइडर ने आवेदन किया था। यह फर्म फाइनल वित्त बोली में शामिल हो गई थी लेकिन शुक्रवार को ऐन मौके पर नए सीएमओ संतलाल वर्मा को इस बात का पता लगा तो उन्होंने मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा तो उन्हें टेंडर रद्द कर रिकॉल करने के आदेश मिले। उच्चाधिकारियों के निर्देश के आधार पर सीएमओ ने उक्त टेंडर को रद्द कर दिया। वहीं, टेंडर को रिकॉल करके शर्त को शामिल किया गया है। इसके लिए फर्म एक मई की शाम तक आवेदन कर सकतीं हैं और दो मई को विभाग फर्म को टेंडर अलॉट करेगा।

चार फर्मों ने किया था आवेदन
सामान्य अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सर्विस प्रोवाइडर से आवेदन मांगें थे। इसके लिए चार फर्मों ने आवेदन किया था। जिसमें बालाजी मैनपॉवर सहित एक अन्य फर्म टेक्निकल शर्तें पूरा नहीं कर पाई। वहीं, एपी सिक्योरिटी रोहतक तथा एस राम मैनपॉवर सर्विसिज प्राईवेट लिमिटेड ही वित्त बोली में पहुंची। इनमें एपी सिक्योरिटी तो जिले की सीएचसी स्तर की संस्थाओं का टेंडर चला रही है तो एस राम मैनपॉवर बहादुरगढ़ के अस्पताल में टेंडर चला रही है। ऐसे में दोनों ही इसके लिए पात्र नहीं थी। लेकिन फिर भी दोनों को वित्त बोली में शामिल किया गया था। अब वर्क ऑर्डर अलॉट करने से पूर्व ही इसे रद्द कर दिया गया।
विज्ञापन

छह करोड़ के टर्नओवर की थी शर्त
टेंडर के लिए आवेदन करने वाली फर्म का टर्नओवर छह करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होना आवश्यक है। टेंडर में देखा जाता है कि किस फर्म के रेट सबसे कम हैं। अगर रेट सभी फर्मों के एक समान पाए जाते हैं तो उनके टर्नओवर व वर्क एक्सपीरियंस के आधार पर टेंडर अलॉट कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन 105 पदों पर होती नियुक्ति
पद संख्या
स्वीपर 34
वार्ड ब्वॉय 30
कंप्यूटर ऑपरेटर 14
माली 1
कारपेंटर 1
प्लंबर 1
इलेक्ट्रिशियन 3
हेल्पर 4
लिफ्टमैन 2
धोबी 3
सिक्योरिटी गार्ड 12
कुल 105

शर्तों के अनुसार भरा था टेंडर: शर्मा
सीएचसी स्तर की सस्थाओं का टेंडर चलाने वाली एपी सिक्योरिटी के संदीप शर्मा ने बताया कि टेंडर के लिए जो शर्तें उस समय रखी गई थी, उनकी फर्म ने उक्त सभी शर्तें पूरी की थी। इसके ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने टेंडर के लिए आवेदन किया था। अब विभाग ने टेंडर रद्द किया है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।


वर्जन
टेंडर करने के समय वे यहां नहीं थे। उन्होंने सप्ताह पहले झज्जर में ज्वाइन किया तो पता चला कि टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया है। उन्होंने मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा तो टेंडर रद्द कर रिकॉल करने के आदेश मिले। निर्देशों के आधार पर टेंडर रद्द करते हुए रिकॉल कर दिया गया है।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ, झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed