{"_id":"5c71a133bdec22120179c00c","slug":"191550950707-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओवर स्पीड के चलते हुए हादसों में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओवर स्पीड के चलते हुए हादसों में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुरेंद्र शर्मा
चरखी दादरी। ओवर स्पीड के कारण होने वाले सड़क हादसों का ग्राफ जिले में तेजी से बढ़ा है। ओवर स्पीड वाहनों पर लगाम लगाने में ट्रैफिक पुलिस भी नाकाम साबित हो रही है। वर्तमान में जिला पुलिस के पास इंटरसेप्टर तक नहीं है ताकि चालकों पर कार्रवाई की जा सके। हालांकि दो साल पहले पुलिस विभाग की तरफ से इंटरसेप्टर की डिमांड हेड ऑफिस भेजी गई थी, जो कि अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस कारण जिला ट्रैफिक पुलिस ओवर स्पीड वाहनों के चालान ही नहीं काट पा रही है। 2018 में 130 सड़क हादसे हुए और इनमें 81 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। अब जिले की चौतरफा सड़कों को चौड़ा भी किया जा रहा है। आने वाले कुछ माह में इन सड़कों पर वाहनों की गति बढ़ना भी स्वाभाविक है। वहीं, पुलिस विभाग का तर्क है कि जल्द ही इंटरसेप्टर जिले में पहुंच जाएगी और इसके तुरंत बाद ओवर स्पीड के चालान काटना शुरू कर दिया जाएगा।
जिला बनने के बाद पुलिस विभाग के पास वाहनों की संख्या भी काफी बढ़ी है। इंटरसेप्टर की डिमांड अब तक पूरी नहीं हो पाई है। करीब दो साल पहले तत्कालीन एसपी सुनील दलाल ने इस संबंध में हेड ऑफिस डिमांड भेजी थी। हालांकि डिमांड के मुताबिक एल्को सेंसर मशीन तो पहुंच गई थी लेकिन इंटरसेप्टर मिलने का अभी भी पुलिस विभाग को इंतजार है। इंटरसेप्टर न होने से ट्रैफिक पुलिस मुख्य सड़कों से ओवर स्पीड में गुजरने वाले वाहनों पर लगाम नहीं लगा पा रही है। इनकी स्पीड का बिना इंटरसेप्टर आकलन नहीं हो सकता। ऐसे में जिले में ओवर स्पीड के चालान तक नहीं काटे जा रहे। दादरी जिले में होने वाले सड़क हादसों में से 50 फीसदी का कारण भारी वाहन होते हैं। जिले में हर रोज तीन से चार हजार डंपर चलते हैं। इनमें ओवरलोड भी काफी संख्या में होते हैं। डंपरों से होने वाले हादसों में ज्यादातर का कारण भी तेज रफ्तार बनती है। इस समय दादरी से भिवानी की तरफ एनएच-152 डी बनाया जा रहा है तो वहीं झज्जर से लोहारू सड़क का भी दोहरीकरण कार्य चल रहा है। बीते दो साल में पीडब्ल्यूडी आधा दर्जन सड़कों की चौड़ाई भी बढ़ा चुका है। इसके चलते अब इन सड़कों पर अब वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
जिले में बड़े सड़क हादसे
- एक मई 2018 को अचीना ताल के समीप एक स्कूली बस की डंपर से भिड़ंत हो गई थी। इनमें तीन स्कूली बच्चों सहित पांच की मौत हुई थी। घटना में बस और डंपर के परखच्चे उड़ गए थे।
विज्ञापन
- करीब दो माह पहले दादरी-भिवानी मुख्यमार्ग पर एक कार नहर में जा गिरी थी। घटना में जिले के एक गांव निवासी चाचा-भतीजे की मौत हो गई थी। तेज रफ्तार हादसे का कारण मानी गई थी।
- दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग पर करीब छह माह पहले गांव लोहरवाड़ा के समीप ओवरटेक कर रही ऑल्टो कार को तेज रफ्तार वाहन ने साइड मार दी थी। घटना में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी।
- दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग पर समसपुर मोड़ के समीप एक रोडवेज बस और ट्राले की आमने-सामने की भिड़ंत हुई थी। इसमें पांच यात्रियों की मौत हुई थी जबकि ट्राले ने तीन अन्य वाहनों को भी चपेट में लिया था।
- अचीना ताल पुलिस से महज 50 मीटर दूर एक स्कूली बस को सामने से आ रहे डंपर ने सीधी टक्कर मार दी थी। घटना में 20 से अधिक स्कूली बच्चे घायल हो गए थे और इन्हें पीजीआई रेफर किया था।
- करीब एक साल पहले भिवानी-रावलधी लिंक मार्ग पर एक कार आगे चल रहे डंपर में जा घुसी थी। इस हादसे में कार सवार दो युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
औसतन 5500 लोग एक माह में हेलमेट नहीं पहनने पर कटवाते हैं चालान
वर्ष 2018 कुल चालान हेलमेट के चालान
जनवरी 837 443
फरवरी 662 389
मार्च 684 392
अप्रैल 785 539
मई 1095 637
जून 710 510
जुलाई 1114 666
अगस्त 1199 486
सितंबर 1823 961
अक्तूबर 1396 740
नवंबर 1545 811
दिसंबर 1929 538
(नोट:- जनवरी और फरवरी 2019 में 3240 चालान कटे हैं और इनमें हेलमेट के 1207 हैं।)
कोट
फिलहाल दादरी ट्रैफिक पुलिस के पास इंटरसेप्टर नहीं है और इसके चलते ओवर स्पीड के चालान नहीं काटे जा रहे। इस संबंध में उच्चाधिकारियों ने हेड ऑफिस डिमांड भेजी हुई है और जल्द इंटरसेप्टर मिलने की संभावना है।
देवेंद्र शर्मा, एसआई, ट्रैफिक पुलिस
विज्ञापन
चरखी दादरी। ओवर स्पीड के कारण होने वाले सड़क हादसों का ग्राफ जिले में तेजी से बढ़ा है। ओवर स्पीड वाहनों पर लगाम लगाने में ट्रैफिक पुलिस भी नाकाम साबित हो रही है। वर्तमान में जिला पुलिस के पास इंटरसेप्टर तक नहीं है ताकि चालकों पर कार्रवाई की जा सके। हालांकि दो साल पहले पुलिस विभाग की तरफ से इंटरसेप्टर की डिमांड हेड ऑफिस भेजी गई थी, जो कि अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस कारण जिला ट्रैफिक पुलिस ओवर स्पीड वाहनों के चालान ही नहीं काट पा रही है। 2018 में 130 सड़क हादसे हुए और इनमें 81 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। अब जिले की चौतरफा सड़कों को चौड़ा भी किया जा रहा है। आने वाले कुछ माह में इन सड़कों पर वाहनों की गति बढ़ना भी स्वाभाविक है। वहीं, पुलिस विभाग का तर्क है कि जल्द ही इंटरसेप्टर जिले में पहुंच जाएगी और इसके तुरंत बाद ओवर स्पीड के चालान काटना शुरू कर दिया जाएगा।
जिला बनने के बाद पुलिस विभाग के पास वाहनों की संख्या भी काफी बढ़ी है। इंटरसेप्टर की डिमांड अब तक पूरी नहीं हो पाई है। करीब दो साल पहले तत्कालीन एसपी सुनील दलाल ने इस संबंध में हेड ऑफिस डिमांड भेजी थी। हालांकि डिमांड के मुताबिक एल्को सेंसर मशीन तो पहुंच गई थी लेकिन इंटरसेप्टर मिलने का अभी भी पुलिस विभाग को इंतजार है। इंटरसेप्टर न होने से ट्रैफिक पुलिस मुख्य सड़कों से ओवर स्पीड में गुजरने वाले वाहनों पर लगाम नहीं लगा पा रही है। इनकी स्पीड का बिना इंटरसेप्टर आकलन नहीं हो सकता। ऐसे में जिले में ओवर स्पीड के चालान तक नहीं काटे जा रहे। दादरी जिले में होने वाले सड़क हादसों में से 50 फीसदी का कारण भारी वाहन होते हैं। जिले में हर रोज तीन से चार हजार डंपर चलते हैं। इनमें ओवरलोड भी काफी संख्या में होते हैं। डंपरों से होने वाले हादसों में ज्यादातर का कारण भी तेज रफ्तार बनती है। इस समय दादरी से भिवानी की तरफ एनएच-152 डी बनाया जा रहा है तो वहीं झज्जर से लोहारू सड़क का भी दोहरीकरण कार्य चल रहा है। बीते दो साल में पीडब्ल्यूडी आधा दर्जन सड़कों की चौड़ाई भी बढ़ा चुका है। इसके चलते अब इन सड़कों पर अब वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
विज्ञापन
जिले में बड़े सड़क हादसे
- एक मई 2018 को अचीना ताल के समीप एक स्कूली बस की डंपर से भिड़ंत हो गई थी। इनमें तीन स्कूली बच्चों सहित पांच की मौत हुई थी। घटना में बस और डंपर के परखच्चे उड़ गए थे।
विज्ञापन
- करीब दो माह पहले दादरी-भिवानी मुख्यमार्ग पर एक कार नहर में जा गिरी थी। घटना में जिले के एक गांव निवासी चाचा-भतीजे की मौत हो गई थी। तेज रफ्तार हादसे का कारण मानी गई थी।
- दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग पर करीब छह माह पहले गांव लोहरवाड़ा के समीप ओवरटेक कर रही ऑल्टो कार को तेज रफ्तार वाहन ने साइड मार दी थी। घटना में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी।
- दादरी-दिल्ली मुख्यमार्ग पर समसपुर मोड़ के समीप एक रोडवेज बस और ट्राले की आमने-सामने की भिड़ंत हुई थी। इसमें पांच यात्रियों की मौत हुई थी जबकि ट्राले ने तीन अन्य वाहनों को भी चपेट में लिया था।
- अचीना ताल पुलिस से महज 50 मीटर दूर एक स्कूली बस को सामने से आ रहे डंपर ने सीधी टक्कर मार दी थी। घटना में 20 से अधिक स्कूली बच्चे घायल हो गए थे और इन्हें पीजीआई रेफर किया था।
- करीब एक साल पहले भिवानी-रावलधी लिंक मार्ग पर एक कार आगे चल रहे डंपर में जा घुसी थी। इस हादसे में कार सवार दो युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
औसतन 5500 लोग एक माह में हेलमेट नहीं पहनने पर कटवाते हैं चालान
वर्ष 2018 कुल चालान हेलमेट के चालान
जनवरी 837 443
फरवरी 662 389
मार्च 684 392
अप्रैल 785 539
मई 1095 637
जून 710 510
जुलाई 1114 666
अगस्त 1199 486
सितंबर 1823 961
अक्तूबर 1396 740
नवंबर 1545 811
दिसंबर 1929 538
(नोट:- जनवरी और फरवरी 2019 में 3240 चालान कटे हैं और इनमें हेलमेट के 1207 हैं।)
कोट
फिलहाल दादरी ट्रैफिक पुलिस के पास इंटरसेप्टर नहीं है और इसके चलते ओवर स्पीड के चालान नहीं काटे जा रहे। इस संबंध में उच्चाधिकारियों ने हेड ऑफिस डिमांड भेजी हुई है और जल्द इंटरसेप्टर मिलने की संभावना है।
देवेंद्र शर्मा, एसआई, ट्रैफिक पुलिस