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उपमंडल को मुख्यालय से जोडने वाली सड़क लगीं दूधिया रोशनी की लाइटें

Wed, 03 Apr 2019 02:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2019 02:03 AM IST
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उपमंडल को मुख्यालय से जोडने वाली सड़क लगीं दूधिया रोशनी की लाइटें
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़। शहर को मुख्यालय झज्जर से जोड़ने वाली झज्जर रोड पर विभाग ने पुरानी सोडियम लाइटें उतार कर नई दूधिया रोशनी की लाइटें लगा दी हैं। विभाग नेे 35 लाख से ज्यादा बजट में झज्जर रोड पर दूधिया रोशनी की लाइटें लगाने का काम लगभग पूरा कर लिया है। बता दें कि पीडब्ल्यूडी बीएंड इलेक्ट्रिकल विभाग ने झज्जर रोड पर लाइट लगाने का काम कर दिया है। लेकिन पीडब्ल्यूडी इस सड़क को निर्माण कार्य कब करवाएगा इसकी जानकारी नही है। एसडीई (सब डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर) के मुताबिक झज्जर रोड पर फिलहाल 189 लाइट लगाने काम किया गया। जो लाइट लगाई गई हैं वह पुरानी लगी लाइट से कम बिजली खपत करेंगी। नई लाइट 90 वाट की है जबकि पुरानी लगी सोडियम लाइट 250 वाट की थी। विभाग ने पुरानी लगी सभी लाइटों को उतारने के साथ ही नई लाइट लगी दी हैं। एक खंभे पर दो लाइट लगाई जा रही है। एक लाइट की कीमत लगभग चार रुपये है। विभाग के मुताबिक खंभों लगी लाइटें चेक की जा रही है, जो लाइटें नहीं जल रही हैं उनकी वायरिंग के तार को चेक करके जलाया जा रहा है। वहीं झज्जर मोड़ से दिल्ली-रोहतक बाईपास की दूरी लगभग 4.3 किमी है इतनी दूरी में इस रोड पर 95 गड्ढे हैं, इसके अलावा रोड पर कई जगह ऐसी भी हैं जिसकी चपेट में आने से बाइक सवार चोटिल भी हो सकते हैं।

21 नए पोल लगाए जा चुके
एसडीई के मुताबिक फिलहाल झज्जर मोड़ से लेकर दिल्ली-रोहतक बाईपास तक 21 नए पोल बदले लगाए हैं। अभी काम चल रहा है जहां पर नए पोल लगाने की जरूरत होगी वहां पर और नए पोल लगाए जाएंगे। झज्जर मोड़ से दिल्ली-रोहतक बाईपास के बीच अभी काम चल रहा है। एसडीई के मुताबिक अगर कोई पोल सीधा हो सकता है तो उसको सीधा करके लगाया जाएगा जो सीधे नहीं हो सकते हैं या और भी कोई दिक्कत है तो उनकी जगह नए पोल लगा दिए जाएंगे।
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ऑक्टेगनल जीआई तकनीकके हैं नए पोल
एसडीई के मुताबिक जो भी नए पोल लगाए जा रहे हैं वह ऑक्टेगनल जीआई पोल हैं। आठ लोहे से मिलकर यह पोल बनाया जाता है। नए जो भी पोल लगाए गए हैं उनमें पेंट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जबकि पुराने जो भी पोल लगे हुए थे उनमें पेंट करने की जरूरत पड़ती थी।
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