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पेयजल लाइन बिछाने को नहीं मिल रहे पाइप, 153 लाख का प्रोजेक्ट अटका
Updated Tue, 14 Aug 2018 01:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। जन स्वास्थ्य विभाग का 1 करोड़ 53 लाख की पेयजल लाइन का प्रोजेक्ट पाइप न मिलने से अटका हुआ है। इसका प्रपोजल पार्षदों और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की झड़प के बाद तैयार किया गया था। पहले तो फाइल पर चार बार ऑब्जेक्शन लगने से यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया तो अब टेंडर अलॉटमेंट होने पर भी काम शुरू नहीं हो पा रहा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद शहर की करीब 150 गलियों के बाशिंदों को पेयजल संकट से निजात मिलेगी।
विभाग के अधिकारियों व पार्षदों की नोकझोंक के बाद शहर में 13 हजार मीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाने का प्रपोजल तैयार हुआ था। इसके बाद इसकी एस्टिमेट प्रक्रिया पूरी की गई। जन स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 153 लाख रुपये आंकी थी और इसके बाद एस्टिमेट स्वीकृति के लिए हेड ऑफिस भेजा गया था। करीब एक साल के लंबे इंतजार के बाद इस प्रोजेक्ट को प्रशासनिक स्वीकृति मिली और इसके बाद विभाग ने टेंडर कॉल कर अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी कर दी थी। इसके बावजूद पिछले करीब डेढ़ माह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस प्रोजेक्ट को शुरू कराने के लिए विभाग के स्टोर में पाइप ही नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने इसके लिए डिमांड भेज रखी है लेकिन यह अब तक पूरी नहीं हुई है। इसके चलते एजेंसी काम शुरू नहीं कर पा रही और लोगों को पेयजल समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।
शहर में नई पेयजल लाइनों की इस समय सख्त जरूरत बनी हुई है। करीब चार साल से शहर में नई पेयजल लाइनें नहीं बिछ सकी हैं। इस दौरान शहर का एरिया बढ़ने के साथ- साथ आवासीय बस्ती भी बढ़ी है और नई बस्तियों में पानी आपूर्ति के लिए पेयजल लाइनें ही नहीं डाली जा सकी हैं। कई पुरानेेे बस्तियों में भी पाइप लाइन बिछाए जाने की जरूरत है। विभाग इस योजना के तहत कंडम हो चुकी पुरानी पेयजल लाइनों को भी बदलेगा ताकि दूषित पानी की आपूर्ति से छुटकारा मिल सके।
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स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की योजना भी ठंडे बस्ते में
जब नई पाइप लाइन बिछेंगी तो शहर में मौजूदा पानी का वितरण भी प्रभावित होना स्वाभाविक है। 12 हजार मीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछने पर शहर में लो-प्रेशर की समस्या बढ़ना भी स्वाभाविक है। विभाग को उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने करीब तीन माह पहले स्टोरेज क्षमता बढ़ाने का खाका तैयार करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक इस पर काम पूरा नहीं हो पाया है। इस समय जल घरों पर बड़ी क्षमता की मोटरें लगवाने व सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत भी है।
पंचकूला से पहुंचेंगे पाइप
अब हाल में पाइप लाइन बिछाने के वर्क ऑर्डर हो गए तो अब जनस्वास्थ्य विभाग के पास पाइप नहीं है। ऐसे में एक बार फिर से यह प्रोजेक्ट रुक गया है। यह लोहे के पाइप पंचकूला से आने हैं। पिछले दिनों विभाग अधिकारियों ने हेड ऑफिस भी इस बारे में लिखा है ताकि जल्द पाइप मिल जाए और शहर में पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द ही पूरा हो सके।
पार्षद पहुंच रहे चेयरमैन के पास
यह प्रोजेक्ट पूरा होने का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। पेयजल समस्या से त्रस्त वार्डों के लोग पार्षदों के पास पहुंचकर पेयजल लाइनें डलवाने की गुहार लगा रहे हैं और पार्षद यह मांग चेयरमैन संजय छपारिया के सामने बार-बार रख रहे हैं। वार्डवासियों को पार्षद और पार्षदों को चेयरमैन इस संबंध में पूर्णतया आश्वस्त नहीं कर पा रहे हैं। इसका कारण यह है कि किसी को नहीं बता पंचकूला से पाइप कब पहुंचेंगें।
फिलहाल पाइपों की कमी बनी हुई है। पाइप मंगवाने के लिए डिमांड भेज रखी है। कुछ दिन में पाइप मिलने की उम्मीद है। लाइन बिछाने के वर्क ऑर्डर हो चुके हैं। जल्द ही इस प्रोजेक्ट को हम सिरे चढ़वाने का प्रयास करेंगे।
-मंदीप कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
यकीनन नई पेयजल लाइनें न बिछने से लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। मैं लगातार विभागीय अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट की अपडेट पर बात कर रहा हूं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नए पाइप आते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
-संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
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चरखी दादरी। जन स्वास्थ्य विभाग का 1 करोड़ 53 लाख की पेयजल लाइन का प्रोजेक्ट पाइप न मिलने से अटका हुआ है। इसका प्रपोजल पार्षदों और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की झड़प के बाद तैयार किया गया था। पहले तो फाइल पर चार बार ऑब्जेक्शन लगने से यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया तो अब टेंडर अलॉटमेंट होने पर भी काम शुरू नहीं हो पा रहा। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद शहर की करीब 150 गलियों के बाशिंदों को पेयजल संकट से निजात मिलेगी।
विभाग के अधिकारियों व पार्षदों की नोकझोंक के बाद शहर में 13 हजार मीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाने का प्रपोजल तैयार हुआ था। इसके बाद इसकी एस्टिमेट प्रक्रिया पूरी की गई। जन स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 153 लाख रुपये आंकी थी और इसके बाद एस्टिमेट स्वीकृति के लिए हेड ऑफिस भेजा गया था। करीब एक साल के लंबे इंतजार के बाद इस प्रोजेक्ट को प्रशासनिक स्वीकृति मिली और इसके बाद विभाग ने टेंडर कॉल कर अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी कर दी थी। इसके बावजूद पिछले करीब डेढ़ माह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस प्रोजेक्ट को शुरू कराने के लिए विभाग के स्टोर में पाइप ही नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने इसके लिए डिमांड भेज रखी है लेकिन यह अब तक पूरी नहीं हुई है। इसके चलते एजेंसी काम शुरू नहीं कर पा रही और लोगों को पेयजल समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।
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शहर में नई पेयजल लाइनों की इस समय सख्त जरूरत बनी हुई है। करीब चार साल से शहर में नई पेयजल लाइनें नहीं बिछ सकी हैं। इस दौरान शहर का एरिया बढ़ने के साथ- साथ आवासीय बस्ती भी बढ़ी है और नई बस्तियों में पानी आपूर्ति के लिए पेयजल लाइनें ही नहीं डाली जा सकी हैं। कई पुरानेेे बस्तियों में भी पाइप लाइन बिछाए जाने की जरूरत है। विभाग इस योजना के तहत कंडम हो चुकी पुरानी पेयजल लाइनों को भी बदलेगा ताकि दूषित पानी की आपूर्ति से छुटकारा मिल सके।
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स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की योजना भी ठंडे बस्ते में
जब नई पाइप लाइन बिछेंगी तो शहर में मौजूदा पानी का वितरण भी प्रभावित होना स्वाभाविक है। 12 हजार मीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछने पर शहर में लो-प्रेशर की समस्या बढ़ना भी स्वाभाविक है। विभाग को उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने करीब तीन माह पहले स्टोरेज क्षमता बढ़ाने का खाका तैयार करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक इस पर काम पूरा नहीं हो पाया है। इस समय जल घरों पर बड़ी क्षमता की मोटरें लगवाने व सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत भी है।
पंचकूला से पहुंचेंगे पाइप
अब हाल में पाइप लाइन बिछाने के वर्क ऑर्डर हो गए तो अब जनस्वास्थ्य विभाग के पास पाइप नहीं है। ऐसे में एक बार फिर से यह प्रोजेक्ट रुक गया है। यह लोहे के पाइप पंचकूला से आने हैं। पिछले दिनों विभाग अधिकारियों ने हेड ऑफिस भी इस बारे में लिखा है ताकि जल्द पाइप मिल जाए और शहर में पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द ही पूरा हो सके।
पार्षद पहुंच रहे चेयरमैन के पास
यह प्रोजेक्ट पूरा होने का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। पेयजल समस्या से त्रस्त वार्डों के लोग पार्षदों के पास पहुंचकर पेयजल लाइनें डलवाने की गुहार लगा रहे हैं और पार्षद यह मांग चेयरमैन संजय छपारिया के सामने बार-बार रख रहे हैं। वार्डवासियों को पार्षद और पार्षदों को चेयरमैन इस संबंध में पूर्णतया आश्वस्त नहीं कर पा रहे हैं। इसका कारण यह है कि किसी को नहीं बता पंचकूला से पाइप कब पहुंचेंगें।
फिलहाल पाइपों की कमी बनी हुई है। पाइप मंगवाने के लिए डिमांड भेज रखी है। कुछ दिन में पाइप मिलने की उम्मीद है। लाइन बिछाने के वर्क ऑर्डर हो चुके हैं। जल्द ही इस प्रोजेक्ट को हम सिरे चढ़वाने का प्रयास करेंगे।
-मंदीप कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
यकीनन नई पेयजल लाइनें न बिछने से लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। मैं लगातार विभागीय अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट की अपडेट पर बात कर रहा हूं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नए पाइप आते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
-संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद