{"_id":"5c82c1f6bdec2214222a7297","slug":"171552073206-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नो प्रोफिट-नो लोस वाला होगा नप का अगला वितीय वर्ष, 1.63 करोड़ वार्षिक इनकम बढ़ाने की प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नो प्रोफिट-नो लोस वाला होगा नप का अगला वितीय वर्ष, 1.63 करोड़ वार्षिक इनकम बढ़ाने की प्लान
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हनी सोनी
चरखी दादरी। नगर परिषद का नया वित्त वर्ष नो प्रोफिट-नो लोस वाला रहेगा। नए वित्तीय वर्ष में होने वाली प्रस्तावित इनकम और अलग-अलग मदों पर होने वाले खर्चों की रूपरेखा नगर परिषद अधिकारियों और पार्षदों ने तैयार कर ली है। नए वित्त वर्ष में इनकम 14.19 करोड़ रुपये प्रस्तावित है तो वहीं खर्चों का अनुमानित बजट 14.15 करोड़ रुपये आंका गया है। वित्तीय वर्ष में इनकम और खर्चों की राशि में अधिकारियों ने पार्षदों से मंथन के बाद मुहर लगाई है। इसके लिए वीरवार को नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। अगर नए वित्त वर्ष के प्रस्तावित आंकड़ों को देखे तो पिछले वर्ष की तुलना में इनकम में 1.63 करोड़ और खर्च राशि में 1.89 करोड़ का इजाफा करने का प्लान है।
शहर में विकास का खाका खींचने की जिम्मेदारी नगर परिषद पर ही होती है। कर्मचारी व अधिकारियों की तनख्वाह हो या फिर शहर में करवाए जाने वाले मरम्मत कार्य, बजट नगर परिषद को स्थानीय स्तर पर मैनेज करना पड़ता है। हालांकि अलग-अलग ग्रांटों व घोषणाओं अनुसार प्रदेश सरकार की तरफ से भी नगर परिषद को शहरी विकास के लिए धनराशि मिलती है। वहीं, चरखी दादरी नगर परिषद पिछले लंबे समय से अपनी इनकम बढ़ाने का रास्ता नहीं ढूंढ पाई है। अगले वित्तीय वर्ष में भी कर्मचारियों की तनख्वाह प्रस्तावित इनकम के बराबर ही है। अगर 10 प्रतिशत भी अनुमानित से कम इनकम हुई तो फिर कर्मचारियों की तनख्वाह ही लटक जाएगी। अगर पिछले वर्ष की बात करें तो प्रस्तावित इनकम का 70 प्रतिशत शुल्क ही नगर परिषद के खाते में जमा हुआ था और मौजूदा वित्तीय वर्ष में नप का खजाना नहीं बढ़ पाया। इस वित्तीय वर्ष में जो शहरी विकास हुआ है और सरकार की ग्रांटों से ही हुआ है। ऐसे में नगर परिषद अधिकारियों को इनकम बढ़ाने के स्रोत खोजने की दरकार है लेकिन अब तक कोई मास्टर प्लान तैयार नहीं किया है। वहीं, किरायेदारों की तरफ लंबी-चौड़ी बकाया राशि होने के चलते नोटिस भेजे गए थे और इसके बाद करीब 58 किरायेदारों के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में मामला डाला गया था। इनमें से कुछ ने ही बकाया राशि नप के खजाने में जमा कराई है। दुकानों का किराया, प्रॉपर्टी टैक्स, हाऊस टैक्स व अन्य कई स्रोतों से नप की आमदनी होती है।
इनकम में 16 प्रतिशत तो खर्च में 17 प्रतिशत होगा इजाफा
वर्ष 2018-19 के लिए नगर परिषद ने 12 करोड़ 46 लाख की इनकम और 12 करोड़ 26 लाख के खर्च प्रस्तावित थे। इनकम में नगर परिषद ने 70 फीसदी टारगेट अचीव किया है जबकि खर्चे प्लानिंग अनुसार हुआ है। वहीं, वित्त वर्ष 2019-20 में नगर परिषद की प्रस्तावित इनकम 14 करोड़ 19 लाख रहेगी तो वहीं, खर्चों की राशि 14 करोड़ 15 लाख रुपये तय की गई है। इस तरह अगले वित्त वर्ष की इनकम में 16 प्रतिशत को खर्चों में 17 प्रतिशत का इजाफा प्रस्तावित है।
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किस मद पर होगा खर्च मद अनुमानित खर्च राशि
तनख्वाह 8.50 करोड़
कंटीजेंसी 85 लाख
फुटकर खर्च 1.19 करोड़
रिपेयरिंग वर्क 1.14 करोड़
वाहनों का तेल 16 लाख
वीरवार को अधिकारियों और पार्षदों ने आपसी मंथन के बाद नए वित्त वर्ष की रूपरेखा तैयार कर ली है। नप की इनकम में 1.63 करोड़ की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। हम आमदनी बढ़ाने के और भी विकल्प खोजेंगे ताकि शहरी विकास प्रभावित न हो। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
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चरखी दादरी। नगर परिषद का नया वित्त वर्ष नो प्रोफिट-नो लोस वाला रहेगा। नए वित्तीय वर्ष में होने वाली प्रस्तावित इनकम और अलग-अलग मदों पर होने वाले खर्चों की रूपरेखा नगर परिषद अधिकारियों और पार्षदों ने तैयार कर ली है। नए वित्त वर्ष में इनकम 14.19 करोड़ रुपये प्रस्तावित है तो वहीं खर्चों का अनुमानित बजट 14.15 करोड़ रुपये आंका गया है। वित्तीय वर्ष में इनकम और खर्चों की राशि में अधिकारियों ने पार्षदों से मंथन के बाद मुहर लगाई है। इसके लिए वीरवार को नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। अगर नए वित्त वर्ष के प्रस्तावित आंकड़ों को देखे तो पिछले वर्ष की तुलना में इनकम में 1.63 करोड़ और खर्च राशि में 1.89 करोड़ का इजाफा करने का प्लान है।
शहर में विकास का खाका खींचने की जिम्मेदारी नगर परिषद पर ही होती है। कर्मचारी व अधिकारियों की तनख्वाह हो या फिर शहर में करवाए जाने वाले मरम्मत कार्य, बजट नगर परिषद को स्थानीय स्तर पर मैनेज करना पड़ता है। हालांकि अलग-अलग ग्रांटों व घोषणाओं अनुसार प्रदेश सरकार की तरफ से भी नगर परिषद को शहरी विकास के लिए धनराशि मिलती है। वहीं, चरखी दादरी नगर परिषद पिछले लंबे समय से अपनी इनकम बढ़ाने का रास्ता नहीं ढूंढ पाई है। अगले वित्तीय वर्ष में भी कर्मचारियों की तनख्वाह प्रस्तावित इनकम के बराबर ही है। अगर 10 प्रतिशत भी अनुमानित से कम इनकम हुई तो फिर कर्मचारियों की तनख्वाह ही लटक जाएगी। अगर पिछले वर्ष की बात करें तो प्रस्तावित इनकम का 70 प्रतिशत शुल्क ही नगर परिषद के खाते में जमा हुआ था और मौजूदा वित्तीय वर्ष में नप का खजाना नहीं बढ़ पाया। इस वित्तीय वर्ष में जो शहरी विकास हुआ है और सरकार की ग्रांटों से ही हुआ है। ऐसे में नगर परिषद अधिकारियों को इनकम बढ़ाने के स्रोत खोजने की दरकार है लेकिन अब तक कोई मास्टर प्लान तैयार नहीं किया है। वहीं, किरायेदारों की तरफ लंबी-चौड़ी बकाया राशि होने के चलते नोटिस भेजे गए थे और इसके बाद करीब 58 किरायेदारों के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में मामला डाला गया था। इनमें से कुछ ने ही बकाया राशि नप के खजाने में जमा कराई है। दुकानों का किराया, प्रॉपर्टी टैक्स, हाऊस टैक्स व अन्य कई स्रोतों से नप की आमदनी होती है।
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इनकम में 16 प्रतिशत तो खर्च में 17 प्रतिशत होगा इजाफा
वर्ष 2018-19 के लिए नगर परिषद ने 12 करोड़ 46 लाख की इनकम और 12 करोड़ 26 लाख के खर्च प्रस्तावित थे। इनकम में नगर परिषद ने 70 फीसदी टारगेट अचीव किया है जबकि खर्चे प्लानिंग अनुसार हुआ है। वहीं, वित्त वर्ष 2019-20 में नगर परिषद की प्रस्तावित इनकम 14 करोड़ 19 लाख रहेगी तो वहीं, खर्चों की राशि 14 करोड़ 15 लाख रुपये तय की गई है। इस तरह अगले वित्त वर्ष की इनकम में 16 प्रतिशत को खर्चों में 17 प्रतिशत का इजाफा प्रस्तावित है।
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किस मद पर होगा खर्च मद अनुमानित खर्च राशि
तनख्वाह 8.50 करोड़
कंटीजेंसी 85 लाख
फुटकर खर्च 1.19 करोड़
रिपेयरिंग वर्क 1.14 करोड़
वाहनों का तेल 16 लाख
वीरवार को अधिकारियों और पार्षदों ने आपसी मंथन के बाद नए वित्त वर्ष की रूपरेखा तैयार कर ली है। नप की इनकम में 1.63 करोड़ की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। हम आमदनी बढ़ाने के और भी विकल्प खोजेंगे ताकि शहरी विकास प्रभावित न हो। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद