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बांटने वाला कोई नहीं, हवा में उड़ रहे बिजली बिल
Updated Thu, 04 Jan 2018 12:21 AM IST
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हवा में उड़ रहे बिजली बिल, उपभोक्ता परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
बौंदकलां।
कस्बे में घरेेलू बिजली बिल का वितरण नहीं होना उपभोक्ताओं के गले की फांस बना हुआ है। उपभोक्ताओं को समय पर बिल न मिलने से निगम की अव्यवस्थाओं का खामियाजा पेनल्टी राशि देकर भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नहीं उपभोक्ता बिजली बिल लेने के लिए खुद कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहीं, निगम कार्यालय में बिजली बिलों को संभालने वाला कोई नहीं है। ये बिल कूड़े के ढेर में पड़े या हवा में उड़ते नजर आ रहे हैं। बुधवार को इस अव्यवस्था को अमर उजाला प्रतिनिधि ने अपने कैमरे में कैद किया। वहीं, निगम अधिकारी उपभोक्ताओं की शिकायत पर बिजली बिलों की त्रुटियों को दुरुस्त कराने का तर्क दे रहे हैं। यह सिलसिला बौंदकलां क्षेत्र में पिछले तीन-चार माह से जारी है लेकिन निगम अधिकारी उपभोक्ताओं को समस्या से निजात नहीं दिला पाए हैं।
बौंदकलां में घरेलू बिजली बिलों की अदायगी की अंतिम तिथि निगम द्वारा चार जनवरी तय थी लेकिन अंतिम तारीख तक भी बिजली बिल वितरित नहीं किए गए। निजी कंपनी के कारिंदे बिजली बिलों को बिजली कार्यालय की दीवार पर रखकर ही चलते बने जिसके बाद बिजली बिल हवा में उड़ते नजर आए। ग्रामीणों ने स्वयं ही अपने बिजली के बिल लिए और राशि जमा करवाई। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली बिल वितरण और घरों में रीडिंग लेने का कार्य एक कंपनी को सौंपा है। इसके बाद से ही उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली निगम द्वारा कस्बे में बिजली बिलों की अदायगी की तारीख तीन और चार जनवरी तय की थी। आखिरी तारीख तक भी सभी उपभोक्ताओं तक बिजली के बिल नहीं पहुंच पाए। ऐसे में बुधवार को दिनभर बिजली के बिल बिजली कार्यालय की दीवार पर पड़े रहें। ग्रामीणों ने स्वयं की बंडलों से अपने बिजली बिल ढूंढे और भुगतान किया। डेढ़ बजे के बाद बिजली बिलों का भुगतान पूरा होने के बाद दीवार पर रखे बिजली के बिल हवा में उड़ते नजर ंआए लेकिन इनकी संभाल करने की जहमत किसी कर्मचारी ने नहीं उठाई।
मीटर जांचने के बाद बिलों की त्रुटियां की गई ठीक
इस बार बिजली बिलों में काफी अनियमितता पाई गई। कई बिजली उपभोक्ताओं के घरों को बंद दिखाकर औसत बिजली बिल जारी किए गए। इसके साथ ही कई बिलों में रीडिंग ही गलत दर्शाई गई थी जिससे बिजली बिलों की राशि भी ज्यादा दी गई है। बिजली कर्मचारियों ने भी मीटर की जांच करने के बाद बिलों की ठीक किया। यह समस्या नवंबर महीने में आए बिलों के दौरान भी मिली थी लेकिन इस बार भी सैकड़ों बिलों में गलतियां मिली हैं।
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उपभोक्ता बोले: कर्मचारियों की मनमानी पर अधिकारी लगे लगाम
कस्बा निवासी अभिषेक शर्मा, रमेशचंद्र, मंजीत, अमित, अजय, दलजीत, राहुल, राजकुमार, आशीष कुमार का कहना है कि बिजली बिल वितरण में पिछले दो बार से गड़बड़ी हो रही है। हर बार अपने बिजली बिल लेने निगम के कार्यालय आना पड़ता है। इसके बाद बिल की त्रुटियों को ठीक करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बाद ठीक बिल हाथ में आता है। उन्होंने बताया कि बिजली निगम के अधिकारियों को कर्मचारियों की मनमानी पर लगा लगानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को आर्थिक व मानसिक परेशानियों से न जूझना पड़े।
वर्जन::
कर्मचारियों की कमी के चलते कुछ बिल अभी नहीं बांटे गए हैं। इन्हें अगर कोई कर्मचारी दीवार पर रखकर गया है तो यह गलत है। इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए अधिकारियों को सौंपेंगे। जिन उपभोक्ताओं को बिलों से शिकायत थी मैंने उनके घर कर्मचारी भेजकर उनका बिल ठीक करवा दिया। - प्रवीन कुमार, जेई बिजली निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
बौंदकलां।
कस्बे में घरेेलू बिजली बिल का वितरण नहीं होना उपभोक्ताओं के गले की फांस बना हुआ है। उपभोक्ताओं को समय पर बिल न मिलने से निगम की अव्यवस्थाओं का खामियाजा पेनल्टी राशि देकर भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नहीं उपभोक्ता बिजली बिल लेने के लिए खुद कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहीं, निगम कार्यालय में बिजली बिलों को संभालने वाला कोई नहीं है। ये बिल कूड़े के ढेर में पड़े या हवा में उड़ते नजर आ रहे हैं। बुधवार को इस अव्यवस्था को अमर उजाला प्रतिनिधि ने अपने कैमरे में कैद किया। वहीं, निगम अधिकारी उपभोक्ताओं की शिकायत पर बिजली बिलों की त्रुटियों को दुरुस्त कराने का तर्क दे रहे हैं। यह सिलसिला बौंदकलां क्षेत्र में पिछले तीन-चार माह से जारी है लेकिन निगम अधिकारी उपभोक्ताओं को समस्या से निजात नहीं दिला पाए हैं।
बौंदकलां में घरेलू बिजली बिलों की अदायगी की अंतिम तिथि निगम द्वारा चार जनवरी तय थी लेकिन अंतिम तारीख तक भी बिजली बिल वितरित नहीं किए गए। निजी कंपनी के कारिंदे बिजली बिलों को बिजली कार्यालय की दीवार पर रखकर ही चलते बने जिसके बाद बिजली बिल हवा में उड़ते नजर आए। ग्रामीणों ने स्वयं ही अपने बिजली के बिल लिए और राशि जमा करवाई। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली बिल वितरण और घरों में रीडिंग लेने का कार्य एक कंपनी को सौंपा है। इसके बाद से ही उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली निगम द्वारा कस्बे में बिजली बिलों की अदायगी की तारीख तीन और चार जनवरी तय की थी। आखिरी तारीख तक भी सभी उपभोक्ताओं तक बिजली के बिल नहीं पहुंच पाए। ऐसे में बुधवार को दिनभर बिजली के बिल बिजली कार्यालय की दीवार पर पड़े रहें। ग्रामीणों ने स्वयं की बंडलों से अपने बिजली बिल ढूंढे और भुगतान किया। डेढ़ बजे के बाद बिजली बिलों का भुगतान पूरा होने के बाद दीवार पर रखे बिजली के बिल हवा में उड़ते नजर ंआए लेकिन इनकी संभाल करने की जहमत किसी कर्मचारी ने नहीं उठाई।
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मीटर जांचने के बाद बिलों की त्रुटियां की गई ठीक
इस बार बिजली बिलों में काफी अनियमितता पाई गई। कई बिजली उपभोक्ताओं के घरों को बंद दिखाकर औसत बिजली बिल जारी किए गए। इसके साथ ही कई बिलों में रीडिंग ही गलत दर्शाई गई थी जिससे बिजली बिलों की राशि भी ज्यादा दी गई है। बिजली कर्मचारियों ने भी मीटर की जांच करने के बाद बिलों की ठीक किया। यह समस्या नवंबर महीने में आए बिलों के दौरान भी मिली थी लेकिन इस बार भी सैकड़ों बिलों में गलतियां मिली हैं।
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उपभोक्ता बोले: कर्मचारियों की मनमानी पर अधिकारी लगे लगाम
कस्बा निवासी अभिषेक शर्मा, रमेशचंद्र, मंजीत, अमित, अजय, दलजीत, राहुल, राजकुमार, आशीष कुमार का कहना है कि बिजली बिल वितरण में पिछले दो बार से गड़बड़ी हो रही है। हर बार अपने बिजली बिल लेने निगम के कार्यालय आना पड़ता है। इसके बाद बिल की त्रुटियों को ठीक करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसके बाद ठीक बिल हाथ में आता है। उन्होंने बताया कि बिजली निगम के अधिकारियों को कर्मचारियों की मनमानी पर लगा लगानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को आर्थिक व मानसिक परेशानियों से न जूझना पड़े।
वर्जन::
कर्मचारियों की कमी के चलते कुछ बिल अभी नहीं बांटे गए हैं। इन्हें अगर कोई कर्मचारी दीवार पर रखकर गया है तो यह गलत है। इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए अधिकारियों को सौंपेंगे। जिन उपभोक्ताओं को बिलों से शिकायत थी मैंने उनके घर कर्मचारी भेजकर उनका बिल ठीक करवा दिया। - प्रवीन कुमार, जेई बिजली निगम