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दस करोड़ से निखरेगा श्यामेसर तालाब, बनेगा पर्यटन स्थल
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:10 AM IST
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दस करोड़ से निखरेगा श्यामेसर तालाब, बनेगा पर्यटन स्थल
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
कभी अपने सौंदर्य के लिए मशहूर रहा श्यामेसर तालाब को फिर से पुराने रंग में लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा के शिकार श्यामेसर तालाब को नगर परिषद अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने जा रहा है। तालाब के चारों तरफ ट्रैक और रंग-बिरंगी लाइटों के साथ ही बीच में एक मंदिर भी बनवाया जाएगा। इस योजना को साकार करने के लिए नगर परिषद से सरकार प्रस्ताव भी मांग चुकी है। प्लानिंग को धरातल पर उतारने के लिए नगर परिषद गुरुग्राम के एक आर्किटेक्ट की मदद ले रही है। इस सप्ताह के अंत तक तालाब की कायाकल्प का नक्शा आर्किटेक्ट तैयार कर नप अधिकारियों के पास भेज देगा। इसके बाद इसका इस्टीमेट तैयार किया जाएगा। प्राथमिक स्तर पर नप अधिकारी तालाब के जीर्णोद्घार पर करीब दस करोड़ रुपये की राशि खर्च होने की संभावना जता रहे हैं।
शहर की ऐतिहासिक धरोहर माने जाने वाला श्यामेसर तालाब इन दिनों बदहाल है। तालाब के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। साथ ही तालाब में सीवरेज मिक्स पानी इसकी सुंदरता को गदला कर रहा है। करीब एक दशक पहले तक तालाब के चारों तरफ बने मंदिरों के कारण इसकी अपनी विशिष्ट पहचान थी। यह अब विलुप्त होती जा रही है। यही कारण है कि अब न तो तालाब पर सैलानी नजर आते हैं और न ही मेला लगता है। तालाब की बदहाली का मुद्दा प्रदेश की दो सरकारों के सामने उठ चुका है। दो मुख्यमंत्री इसके जीर्णोद्घार की घोषणा भी कर चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित रैली में दो करोड़ से तालाब का कायाकल्प कराने की घोषणा की थी। इसके बाद सूबे के मुखिया मनोहर लाल ने तालाब को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा 18 सितंबर को आयोजित रैली में की। दस माह तक यह मसला ठंडे बस्ते में रहा। अब नगर परिषद ने इसे पर्यटन स्थल बनाने की प्लानिंग शुरू कर दी है। नगर परिषद अधिकारियों ने बाकायदा इस प्लानिंग का खाका कागजी स्तर पर भी तैयार कर लिया है। इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी रूप से सक्षम न होने के कारण नगर परिषद ने गुरुग्राम के एक आर्किटेक्ट को इस प्रोजेक्ट के लिए हायर किया है। यह आर्किटेक्ट कुछ समय पहले तालाब का निरीक्षण भी कर चुका है। अब नप अधिकारियों की प्लानिंग के अनुसार, नक्शा निर्माण का काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि यह एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो सप्ताह के अंत तक उनके पास नक्शा पहुंच जाएगा। इसके तुरंत बाद इस्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसे प्रशासनिक स्वीकृति के लिए हेड ऑफिस भेजा जाएगा। वहां से अनुमति और बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया में डेढ़ से दो माह का समय लगने की संभावना नप अधिकारी जता रहे हैं।
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यूं नजर आएगा श्यामेसर तालाब
नगर परिषद अधिकारियों ने तालाब को पर्यटन स्थल बनाने की प्लानिंग तैयार कर इसे गुरुग्राम के आर्किटेक्ट से साझा किया है। इसके मुताबिक तालाब के चारों तरफ ट्रैक बनेगा और उस रंगीन लाइटें लगेंगी। तालाब के बीच में एक मंदिर बनेगा। इस तक पहुंचने के लिए ट्रैक बनया जाएगा। नगर परिषद पूरे तालाब की सफाई करवाकर इसमें शुद्घ पानी भरेगी, जिससे यहां नौकायान करवाई जा सकेगा।
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राजस्थान का लाल पत्थर बढ़ाएगा शोभा
तालाब की सुंदरता में इजाफा करने के लिए नगर परिषद ट्रैक पर राजस्थान के धौलपुर का लाल पत्थर लगवाएगी। नप अधिकारियों का कहना है कि नक्शा उनके पास पहुंचते ही पत्थर खरीदने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
डी-वॉटरिंग तक का प्लान किया नप ने तैयार
फिलहाल तालाब में जो पानी जमा है, वो दूषित है। तालाब की कायाकल्प शुरू कराने से पहले नगर परिषद इसकी डी-वॉटरिंग भी कराएगा। नगर परिषद तालाब में पंप सेट और मोटरें लगाकर सीवरेज के जरिए इस पानी को निकालेगा। इसके बाद तालाब में शुद्घ पानी भरा जाएगा। इस काम के लिए नगर परिषद प्रशासनिक हस्तक्षेप के जरिए जन स्वास्थ्य विभाग की मदद लेगा। यदि जन स्वास्थ्य विभाग और नप अधिकारियों में तालमेल नहीं बैठा तो फिर नप किराए पर पंप सेट और मोटरें लेकर पानी की निकासी करेगी।
तालाब पिछले लंबे समय से बदहाल पड़ा था। तालाब के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगने से यहां से गुजरना भी दुर्भर हो गया था। शहर को पर्यटन स्थल की जरूरत भी है। इससेे शहर में चहल-पहल बढ़ेगी।
रामदास, फौगाट खाप प्रधान
शहर में पर्यटन स्थल बनने से हर वर्ग का फायदा होगा। ऐसी किसी प्रोजेक्ट की शहर को सख्त जरूरत थी। शुक्र है, नगर परिषद ने सालों से बदहाल पड़े तालाब की सुध ले ली। अब जल्द काम शुरू कराना चाहिए।
सुरेश, हीरा चौक
व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने से लोग यहां कूड़ा फेंकने के साथ-साथ घरों के दूषित पानी की निकासी भी कर रहे हैं। प्रशासन को तालाब की कायाकल्प के साथ पानी और गंदगी निस्तारण की समस्याएं भी हल करानी चाहिए।
बॉबी, समाज सेवी
नगर परिषद की अच्छी प्लानिंग है। पूरा होने पर कारगर साबित होगी। शहर में एक भी पर्यटन स्थल नहीं है। जिला मुख्यालय होने के चलते इसकी कमी बहुत खल रही है। इससे शहरवासियों को फायदा होगा।
महेंद्र, हीरा चौक
सरकार ने हमसे श्यामेसर तालाब के जीर्णोद्घार का प्रस्ताव मांगा था। हम अब इसे पर्यटन स्थल बनाने जा रहे हैं। इसका खाका तैयार किया जा चुका है। गुरुग्राम के एक आर्किटेक्ट की मदद ली है। इस सप्ताह के अंत तक नक्शा हमारे पास पहुंच जाएगा। करीब दस करोड़ की लागत से तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। नक्शा आते ही सप्ताहभर के अंदर इस्टीमेट तैयार कर देंगे।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद
फोटो 01 रामदास, फौगाट खाप प्रधान
फोटो 02 सुरेश, हीरा चौक
फोटो 03 बौबी, समाज सेवी
फोटो 04 महेंद्र, हीरा चौक
फोटो 05 गंदगी से अटा पड़ा शहर का श्यामेसर तालाब।
फोटो 06 श्यामेसर तालाब में पड़ा कूड़ा-करकट व जमा गंदा पानी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
कभी अपने सौंदर्य के लिए मशहूर रहा श्यामेसर तालाब को फिर से पुराने रंग में लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा के शिकार श्यामेसर तालाब को नगर परिषद अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने जा रहा है। तालाब के चारों तरफ ट्रैक और रंग-बिरंगी लाइटों के साथ ही बीच में एक मंदिर भी बनवाया जाएगा। इस योजना को साकार करने के लिए नगर परिषद से सरकार प्रस्ताव भी मांग चुकी है। प्लानिंग को धरातल पर उतारने के लिए नगर परिषद गुरुग्राम के एक आर्किटेक्ट की मदद ले रही है। इस सप्ताह के अंत तक तालाब की कायाकल्प का नक्शा आर्किटेक्ट तैयार कर नप अधिकारियों के पास भेज देगा। इसके बाद इसका इस्टीमेट तैयार किया जाएगा। प्राथमिक स्तर पर नप अधिकारी तालाब के जीर्णोद्घार पर करीब दस करोड़ रुपये की राशि खर्च होने की संभावना जता रहे हैं।
शहर की ऐतिहासिक धरोहर माने जाने वाला श्यामेसर तालाब इन दिनों बदहाल है। तालाब के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। साथ ही तालाब में सीवरेज मिक्स पानी इसकी सुंदरता को गदला कर रहा है। करीब एक दशक पहले तक तालाब के चारों तरफ बने मंदिरों के कारण इसकी अपनी विशिष्ट पहचान थी। यह अब विलुप्त होती जा रही है। यही कारण है कि अब न तो तालाब पर सैलानी नजर आते हैं और न ही मेला लगता है। तालाब की बदहाली का मुद्दा प्रदेश की दो सरकारों के सामने उठ चुका है। दो मुख्यमंत्री इसके जीर्णोद्घार की घोषणा भी कर चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित रैली में दो करोड़ से तालाब का कायाकल्प कराने की घोषणा की थी। इसके बाद सूबे के मुखिया मनोहर लाल ने तालाब को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा 18 सितंबर को आयोजित रैली में की। दस माह तक यह मसला ठंडे बस्ते में रहा। अब नगर परिषद ने इसे पर्यटन स्थल बनाने की प्लानिंग शुरू कर दी है। नगर परिषद अधिकारियों ने बाकायदा इस प्लानिंग का खाका कागजी स्तर पर भी तैयार कर लिया है। इतने बड़े प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी रूप से सक्षम न होने के कारण नगर परिषद ने गुरुग्राम के एक आर्किटेक्ट को इस प्रोजेक्ट के लिए हायर किया है। यह आर्किटेक्ट कुछ समय पहले तालाब का निरीक्षण भी कर चुका है। अब नप अधिकारियों की प्लानिंग के अनुसार, नक्शा निर्माण का काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि यह एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो सप्ताह के अंत तक उनके पास नक्शा पहुंच जाएगा। इसके तुरंत बाद इस्टीमेट तैयार किया जाएगा। इसे प्रशासनिक स्वीकृति के लिए हेड ऑफिस भेजा जाएगा। वहां से अनुमति और बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया में डेढ़ से दो माह का समय लगने की संभावना नप अधिकारी जता रहे हैं।
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प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यूं नजर आएगा श्यामेसर तालाब
नगर परिषद अधिकारियों ने तालाब को पर्यटन स्थल बनाने की प्लानिंग तैयार कर इसे गुरुग्राम के आर्किटेक्ट से साझा किया है। इसके मुताबिक तालाब के चारों तरफ ट्रैक बनेगा और उस रंगीन लाइटें लगेंगी। तालाब के बीच में एक मंदिर बनेगा। इस तक पहुंचने के लिए ट्रैक बनया जाएगा। नगर परिषद पूरे तालाब की सफाई करवाकर इसमें शुद्घ पानी भरेगी, जिससे यहां नौकायान करवाई जा सकेगा।
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राजस्थान का लाल पत्थर बढ़ाएगा शोभा
तालाब की सुंदरता में इजाफा करने के लिए नगर परिषद ट्रैक पर राजस्थान के धौलपुर का लाल पत्थर लगवाएगी। नप अधिकारियों का कहना है कि नक्शा उनके पास पहुंचते ही पत्थर खरीदने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
डी-वॉटरिंग तक का प्लान किया नप ने तैयार
फिलहाल तालाब में जो पानी जमा है, वो दूषित है। तालाब की कायाकल्प शुरू कराने से पहले नगर परिषद इसकी डी-वॉटरिंग भी कराएगा। नगर परिषद तालाब में पंप सेट और मोटरें लगाकर सीवरेज के जरिए इस पानी को निकालेगा। इसके बाद तालाब में शुद्घ पानी भरा जाएगा। इस काम के लिए नगर परिषद प्रशासनिक हस्तक्षेप के जरिए जन स्वास्थ्य विभाग की मदद लेगा। यदि जन स्वास्थ्य विभाग और नप अधिकारियों में तालमेल नहीं बैठा तो फिर नप किराए पर पंप सेट और मोटरें लेकर पानी की निकासी करेगी।
तालाब पिछले लंबे समय से बदहाल पड़ा था। तालाब के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगने से यहां से गुजरना भी दुर्भर हो गया था। शहर को पर्यटन स्थल की जरूरत भी है। इससेे शहर में चहल-पहल बढ़ेगी।
रामदास, फौगाट खाप प्रधान
शहर में पर्यटन स्थल बनने से हर वर्ग का फायदा होगा। ऐसी किसी प्रोजेक्ट की शहर को सख्त जरूरत थी। शुक्र है, नगर परिषद ने सालों से बदहाल पड़े तालाब की सुध ले ली। अब जल्द काम शुरू कराना चाहिए।
सुरेश, हीरा चौक
व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने से लोग यहां कूड़ा फेंकने के साथ-साथ घरों के दूषित पानी की निकासी भी कर रहे हैं। प्रशासन को तालाब की कायाकल्प के साथ पानी और गंदगी निस्तारण की समस्याएं भी हल करानी चाहिए।
बॉबी, समाज सेवी
नगर परिषद की अच्छी प्लानिंग है। पूरा होने पर कारगर साबित होगी। शहर में एक भी पर्यटन स्थल नहीं है। जिला मुख्यालय होने के चलते इसकी कमी बहुत खल रही है। इससे शहरवासियों को फायदा होगा।
महेंद्र, हीरा चौक
सरकार ने हमसे श्यामेसर तालाब के जीर्णोद्घार का प्रस्ताव मांगा था। हम अब इसे पर्यटन स्थल बनाने जा रहे हैं। इसका खाका तैयार किया जा चुका है। गुरुग्राम के एक आर्किटेक्ट की मदद ली है। इस सप्ताह के अंत तक नक्शा हमारे पास पहुंच जाएगा। करीब दस करोड़ की लागत से तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। नक्शा आते ही सप्ताहभर के अंदर इस्टीमेट तैयार कर देंगे।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद
फोटो 01 रामदास, फौगाट खाप प्रधान
फोटो 02 सुरेश, हीरा चौक
फोटो 03 बौबी, समाज सेवी
फोटो 04 महेंद्र, हीरा चौक
फोटो 05 गंदगी से अटा पड़ा शहर का श्यामेसर तालाब।
फोटो 06 श्यामेसर तालाब में पड़ा कूड़ा-करकट व जमा गंदा पानी।