फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   पिस्टल मांगी तो बेटी से पूछा था दो साल तो खेलोगी, बेटी ने दो साल से पहले ही दो गोल्ड जीतकर दे दिया जवाब

पिस्टल मांगी तो बेटी से पूछा था दो साल तो खेलोगी, बेटी ने दो साल से पहले ही दो गोल्ड जीतकर दे दिया जवाब

Wed, 07 Mar 2018 12:20 AM IST
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
पिस्टल मांगी तो बेटी से पूछा था दो साल तो खेलोगी, बेटी ने दो साल से पहले ही दो गोल्ड जीतकर दे दिया जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
जब पहली बार पिस्टल खरीदने की जिद्द मनु ने की, तो पिता का सबसे पहला सवाल था कि कम से कम दो साल तो ये खेल खेलोगी ना। हालांकि मनु की तरफ से उस वक्त कोई ठोस भरोसा उन्हें नहीं मिला था, लेकिन इसके बावजूद पिता ने पिस्टल खरीद दी।
उस पल को याद करते हुए मनु के पिता राम किशन भाकर भावुक हो कर कहते हैं कि इस साल 24 अप्रैल को शूटिंग की प्रैक्टिस करते हुए मनु को दो साल हो जाएंगे, उससे पहले बेटी ने इतना नाम कर दिया और साथ ही मुझे मेरे सवाल का जवाब भी मिल गया। मैक्सिको में चल रहे इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन में भारत के लिए मनु भाकर दो गोल्ड जीत चुकी हैं।
विज्ञापन

पहला गोल्ड मनु ने 10 मीटर एयर पिस्टल (महिला) कैटेगरी में जीता है और दूसरा गोल्ड 10 मीटर एयर पिस्टल (मिक्स इवेंट) में हासिल किया है। रामकिशन भाकर का कहना है कि 24 घंटे में शूटिंग में दो गोल्ड जीतकर 16 साल की मनु ने नया रिकॉर्ड बनाया है। ऐसा करने वाली वो सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी हैं। मनु ने बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, स्केटिंग, जूडो कराटे सभी खेलों में हाथ आजमाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑलराउंडर है मनु भाकर
मनु ने कई खेलों पर हाथ आजमाने के बाद अप्रैल 2016 में शूटिंग यानी निशानेबाजी करने का फैसला किया। भाकर ने लाइसेंसी पिस्टल के साथ स्कूल में हुए एक इवेंट में हिस्सा लिया तो निशाना इतना सटीक लगाया कि स्कूल के टीचर दंग रह गए। फिर थोड़ी प्रैक्टिस और ट्रेनिंग के बाद जगह-जगह आयोजित होने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेनर शुरू किया। लेकिन समस्या ये थी कि मनु लाइसेंसी पिस्टल के साथ सार्वजनिक यातायात के वाहन में सफर कर नहीं सकती थी और बालिग नहीं होने की वजह से वो खुद भी गाड़ी चलाकर शूटिंग इवेंट में हिस्सा लेने नहीं जा सकती थी।


बेटी के लिए छोड़ दी नौकरी
इस समस्या का समाधान राम किशन भाकर ने कुछ ऐसे निकाला कि बेटी के लिए इंजीनियर की नौकरी ही छोड़ दी। बेटी के सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने अपना सपना छोड़ दिया। पिछले डेढ़ साल से रामकिशन भाकर नौकरी छोड़ बेटी के साथ-साथ हर शूटिंग इवेंट में घूम रहे हैं। उनका कहना हैं कि शूटिंग बहुत मंहगा इवेंट है। एक पिस्टल दो लाख रुपये तक की आती है। वह अब तक मनु के लिए तीन पिस्टल खरीद चुका है। साल में तकरीबन 10 लाख रुपये केवल मनु के गेम पर खर्च होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed