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जीवन में मां, महात्मा व परमात्मा से बढ़कर कुछ नहीं: साध्वी
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:25 AM IST
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जीवन में मां, महात्मा व परमात्मा से बढ़कर कुछ नहीं: साध्वी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जैन साध्वियों के चरखी दादरी आगमन पर शहर के जैन समाज से जुड़े लोगों ने उनका स्वागत किया। महासाध्वी श्रमणी गौरव, शक्तिप्रभा महाराज, अक्षिता, रक्षिता ढाणे का गांव कितलाना में स्वागत किया गया। इस दौरान धर्म चर्चा करते साध्वी श्रमणी और शक्तिप्रभा ने कहा कि जीवन में मां, महात्मा और परमात्मा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। मानव जीवन में तीन आशीर्वाद - बचपन में मां का, जवानी में महात्मा और वृद्धावस्था में परमात्मा का अत्यंत ही आवश्यक है। इस दौरान साध्वियों ने मानव जीवन को गुणों से परिपूर्ण करने को भी अत्यंत जरूरी बताया और कहा कि सुंदर रूप वाला, यौवन से युक्त ऊंचे कुल में पैदा होने के बावजूद विद्या से हीन मनुष्य सुगंध रहित फूल के समान ही होता है। उन्होंने जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध को काबू में रखने, परिस्थितियों से समझौता करने और वर्तमान में जीने और सजग रहने पर भी बल दिया। इस मौके पर टीनू जैन, मुकेश जैन, महेश जैन, मनोज जैन, लक्की जैन, धीरज जैन, संजय जैन, हैप्पी जैन सहित अन्य जैन श्रद्धालु व ग्रामीण उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जैन साध्वियों के चरखी दादरी आगमन पर शहर के जैन समाज से जुड़े लोगों ने उनका स्वागत किया। महासाध्वी श्रमणी गौरव, शक्तिप्रभा महाराज, अक्षिता, रक्षिता ढाणे का गांव कितलाना में स्वागत किया गया। इस दौरान धर्म चर्चा करते साध्वी श्रमणी और शक्तिप्रभा ने कहा कि जीवन में मां, महात्मा और परमात्मा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। मानव जीवन में तीन आशीर्वाद - बचपन में मां का, जवानी में महात्मा और वृद्धावस्था में परमात्मा का अत्यंत ही आवश्यक है। इस दौरान साध्वियों ने मानव जीवन को गुणों से परिपूर्ण करने को भी अत्यंत जरूरी बताया और कहा कि सुंदर रूप वाला, यौवन से युक्त ऊंचे कुल में पैदा होने के बावजूद विद्या से हीन मनुष्य सुगंध रहित फूल के समान ही होता है। उन्होंने जीवन में शांति पाने के लिए क्रोध को काबू में रखने, परिस्थितियों से समझौता करने और वर्तमान में जीने और सजग रहने पर भी बल दिया। इस मौके पर टीनू जैन, मुकेश जैन, महेश जैन, मनोज जैन, लक्की जैन, धीरज जैन, संजय जैन, हैप्पी जैन सहित अन्य जैन श्रद्धालु व ग्रामीण उपस्थित रहे।