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डेरे की चारदीवारी को लेकर आयोजित पंचायत रही बेनतीजा

Tue, 09 Jan 2018 01:18 AM IST
Updated Tue, 09 Jan 2018 01:18 AM IST
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डेरे की चारदीवारी को लेकर आयोजित पंचायत रही बेनतीजा
सांवड की धर्मशाला को डेरा परिसर में शामिल करने की बात पर उखड़े ग्रामीण
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बौंदकलां।
गांव सांवड़ में बालनाथ मोधनाथ एवं गांव की धर्मशाला के संबंध में रविवार को एक पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत की अध्यक्षता सरपंच मदन सिंह परमार ने की लेकिन पंचायत में कोई भी निर्णय नहीं हो सका। वहीं सरपंच ने कहा कि अलग चारदीवारी बनाने पर ग्रामीणों ने सहमति जता दी है लेकिन धर्मशाला को डेरा परिसर में शामिल करने का कुछ ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
गौरतलब है कि डेरे की जमीन के साथ लगते जोहड़ पर कई साल पहले एक धर्मशाला का निर्माण करवाया गया था। जो कि काफी जर्जर हो चुकी थी। धर्मशाला की खस्ताहाल पर घागसान पाना के व्यक्तियों ने मिलकर इस धर्मशाला की मरम्मत करवा दी थी। जोहड़ की तरफ वाला गेट बंद कर दिया गया था। धर्मशाला को डेरे में ही शामिल करवा दिया गया था। उसका गेट दूसरी ओर लगाया गया था। इस पर गांव के कुछ लोगों ने ऐतराज जताया था। इसी मसले को लेकर सोमवार को पंचायत का आयोजन किया गया था लेकिन पंचायत में सर्वसम्मति से कोई भी निर्णय नहीं हो सका था। आपसी रजामंदी नहीं होने पर पंचायत में बात कहासुनी से हाथापाई और गाली गलौच तक पहुंच गई जिस पर पंचायत को वहीं पर समाप्त कर दिया गया। पंचायत में आशीष परमार, पूर्व सरपंच जयपाल चौबारला, पूर्व बीडीसी सदस्य सज्जन शर्मा, पहलवान गिरवर, विजय शर्मा, संजय शर्मा, नरेश नंबरदार, राजपाल नंबरदार, सत्यवीर शर्मा, राजेंद्र शेखावत, कृष्ण चंद्र शर्मा, देवकरण शर्मा, मुरारीलाल शर्मा, बजरंग शर्मा, राजू परमार, बिजेंद्र, बिजेंद्र चौहान, कृष्ण चंद, हरगोबिंद शर्मा व भगवानदास समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।
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चारदीवारी अलग से निकालने पर सहमत है ग्रामीण : सरपंच
इस बारे में गांव सांवड़ के सरपंच मदन सिंह परमार ने कहा कि पंचायत का आयोजन रविवार को किया गया था। पंचायत में अधिकतर ग्रामीण धर्मशाला को डेरे में शामिल नहीं करने और धर्मशाला की दीवार से अलग दीवार का निर्माण करने पर सहमति दी गई थी। धर्मशाला को डेरे में शामिल नहीं करने का तर्क भी ग्रामीणों ने दिया था। गाली गलौच व मारपीट जैसी कोई भी घटना पंचायत में नहीं हुई है।
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