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चिकित्सकों ने ओपीडी रखी बंद, सिर और हाथ पर पट्टी बांधकर देखे इमरजेंसी मरीज
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चरखी दादरी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े एमबीबीएस चिकित्सकों ने कोलकाता में नर्स व चिकित्सकों के साथ की गई मारपीट की घटना के रोष स्वरूप अपने सिर पर पट्टी बांधकर इमरजेंसी में आए मरीजों का उपचार किया। इससे पूर्व एसोसिएशन ने एक होटल में बैठक आयोजित कर जिला प्रशासन को चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए पीएम के नाम सीटीएम विरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। दिनभर अस्पतालों में सेवाएं ठप रही।
बैठक की जानकारी देते हुए एसोसिएशन के पूर्व प्रधान डॉ. एसके खेतान ने बताया कि कोलकाता में हुई घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार को चिकित्सकों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। समय-समय पर चिकित्सकों के साथ इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। कोलकाता की घटना की बेहद निंदनीय है। सरकार को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। बाद में चिकित्सक लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी कार्यालय के कर्मचारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सिविल अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों ने अपने सिर पर पट्टी बांधकर मरीजों का इलाज किया।
प्राइवेट अस्पताल रहे बंद, 1500 ओपीडी प्रभावित
सोमवार को शहर में 20 से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं बंद रही। चिकित्सकों ने अस्पताल बंद रखे और रोष जताया। अस्पताल बंद होने पर मरीजों को काफी परेशानी हुई। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की करीब 2000 मरीजों की ओपीडी प्रभावित रही। लोगों उपचार करवाने में बाधाएं आई।
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नीमा ने अस्पताल रखे खुले, नैतिक समर्थन दिया
कोलकाता घटना का नीमा चिकित्सक संघ ने भी रोष जताया है। इस एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने हांलाकि अपनी ओपीडी सेवाएं जारी रखी, लेकिन नैतिक तौर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का समर्थन किया। इन चिकित्सकों ने भी सरकार से चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
इस मौके पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दादरी इकाई प्रधान डॉ. एसएस कादयान, सचिव डॉ. योगेंद्र देशवाल, डॉ. अरविंद गर्ग, डॉ. अशोक गोयल, डॉ. सुरेश गुप्ता, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. आरसी शर्मा, डॉ. आर एस सहरावत, डॉ. महावीर लाकड़ा आदि मौजूद रहे।
नीमा से जुड़े चिकित्सकों ने अपनी ओपीडी सेवाएं जारी रखी। कोलकाता कांड के विरोध में चिकित्सकों को एसोसिएशन का नैतिक समर्थन है। जिले में एसोसिएशन से जुड़े सभी 50 अस्पताल खुले रहे। चिकित्सकों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।
- डॉ. कर्णबीर, नीमा प्रधान।
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बैठक की जानकारी देते हुए एसोसिएशन के पूर्व प्रधान डॉ. एसके खेतान ने बताया कि कोलकाता में हुई घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार को चिकित्सकों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। समय-समय पर चिकित्सकों के साथ इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। कोलकाता की घटना की बेहद निंदनीय है। सरकार को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। बाद में चिकित्सक लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी कार्यालय के कर्मचारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सिविल अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों ने अपने सिर पर पट्टी बांधकर मरीजों का इलाज किया।
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प्राइवेट अस्पताल रहे बंद, 1500 ओपीडी प्रभावित
सोमवार को शहर में 20 से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं बंद रही। चिकित्सकों ने अस्पताल बंद रखे और रोष जताया। अस्पताल बंद होने पर मरीजों को काफी परेशानी हुई। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की करीब 2000 मरीजों की ओपीडी प्रभावित रही। लोगों उपचार करवाने में बाधाएं आई।
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नीमा ने अस्पताल रखे खुले, नैतिक समर्थन दिया
कोलकाता घटना का नीमा चिकित्सक संघ ने भी रोष जताया है। इस एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने हांलाकि अपनी ओपीडी सेवाएं जारी रखी, लेकिन नैतिक तौर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का समर्थन किया। इन चिकित्सकों ने भी सरकार से चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
इस मौके पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन दादरी इकाई प्रधान डॉ. एसएस कादयान, सचिव डॉ. योगेंद्र देशवाल, डॉ. अरविंद गर्ग, डॉ. अशोक गोयल, डॉ. सुरेश गुप्ता, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. आरसी शर्मा, डॉ. आर एस सहरावत, डॉ. महावीर लाकड़ा आदि मौजूद रहे।
नीमा से जुड़े चिकित्सकों ने अपनी ओपीडी सेवाएं जारी रखी। कोलकाता कांड के विरोध में चिकित्सकों को एसोसिएशन का नैतिक समर्थन है। जिले में एसोसिएशन से जुड़े सभी 50 अस्पताल खुले रहे। चिकित्सकों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।
- डॉ. कर्णबीर, नीमा प्रधान।