नोटबंदी की मार से व्यापारी आज भी आर्थिक तंगी में

Rohtak Bureau Updated Fri, 10 Nov 2017 02:46 AM IST
नोटबंदी की मार से अब तक नही उबरे व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
नोटबंदी के एक साल बाद भी दुकानदारों की आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। दुकानदारों का मानना है कि पहले की तरह अब अभी नकली नोटों का दौर जारी है। नोटबंदी के दौरान घर बनाने के लिए जरूरी चीजों की खरीद पर रोक लग गई थी। व्यापारियों का कहना है कि नई करेंसी आने तक व्यापारियों को काफी आर्थिक नुकसान हो गया था।
सीमेंट, लोहा, रेती, बिजली व पानी की फिटिंग के सामान की खरीद बिल्कुल बंद हो गई थी। लोगों के पास नई करेंसी न होने के कारण मकान निर्माण भी अधूरा छोडना पड़ा था। दुकानदारों का मानना है कि नोटबंदी के बाद मकान निर्माण की सामग्री महंगी हो गई थी। नोटबंदी के कारण छोटे दुकानदारों का धंधा बंद हो गया । दुकानदारों को लंबे समय तक आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। दुकान पर काम करने की बजाय बैंकों व एटीएम की लाइनों में लगना पड़ा । लोगों का कहना है कि नोटबंदी से न तो भ्रष्टाचार कम हुआ है न ही फर्जी नोटों पर रोक लगी है।

1---घर बनाने के लिए लोहा के सामान की अधिक आवश्यकता होती है। नोटबंदी के दौर में सारा कारोबार मंदा हो गया था। दुकानों पर ग्राहक कम हो गए । नोटबंदी के कारण ग्राहकों के पास करेंसी नहीं थी जिसका नुकसान दुकानदार वर्ग अब तक उठाता आ रहा है। एक साल के बाद भी नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है। सरकार की प्लानिंग के तहत काला धन को बाहर लाना था लेकिन अब तक काले धन पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नोटबंदी के दौर में सारा कारोबार चौपट हो गया था।
जयप्रकाश, लोहा व्यापारी
2---नोटबंदी के कारण दुकानदारों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी थी। लकड़ी व्यापार पर अधिक प्रतिकूल असर पड़ा था। लोगों ने ऑर्डर किए थे लेकिन नोटबंदी के कारण सारा सामान दुकान पर ही ब्लॉक हो गया था। नोटबंदी के कारण सारा कारोबार एक साल पीछे चला गया । लोगों के पास नई करेंसी नहीं आई व खरीददारी पर रोक लग गई थी। कारोबार एक दम चौपट हो गया था। सरकार के फैसले का नुकसान सब को उठाना पड़ा । दुकानदारों को भी काफी दिनों तक लाइन में लगना पड़ा।
मनोज , लकड़ी व्यापारी
3---नोटबंदी के एक साल के बाद भी नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी है। सरकार की गलत नीतियों के कारण नुकसान दुकानदारों को उठाना पड़ा । नोटबंदी से भ्रष्टाचार पर कोई रोक नहीं लग पाई है। नोटबंदी के दौर से अब तक दुकानदार नहीं उभरे हैं। काले धन को वापस लाने के लिए नोटबंदी की थी लेकिन अब तक कोई काला धन नहीं आया है। नोटबंदी के बाद जीएसटी से दुकानदार काफी परेशान हैं। नोटबंदी का नुकसान पूरा नहीं हुआ लेकिन सरकार ने जीएसटी लगाकर दुकानदारों की कमर तोड़ दी है। ग्राहक कम हो गए हैं।
दिनेश जागड़ा, पानी फिटिंग व्यापारी
4---नोटबंदी के कारण अब तक आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। कारोबार बिल्कुल मंदा हो गया। अब तक नुकसान भुगत रहे है। लोगों को नोटबंदी से कोई फायदा नहीं हुआ है। लोगों को चार-पांच माह तक करेंसी नहीं मिली जिसके कारण दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया था। नोटबंदी के कुछ माह बाद ही फर्जी नोट बाजार में आ गए थे। सरकार के फैसले से कोई फायदा नहीं मिला। नोटों को बदलवाने के लिए ही पूरे दिन लाइनों में खड़ा होना पड़ा ।
प्रवीन, दुुकानदार
फोटो 15 जयप्रकाश
फोटो 16 मनोज
फोटो 17 दिनेश जागड़ाफोटो 18 प्रवीन

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