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मृतक किसान की जमीन कुर्क करने के फैसले की निंदा

Thu, 13 Jul 2017 12:39 AM IST
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:39 AM IST
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मृतक किसान की जमीन कुर्क करने के फैसले की निंदा
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन का कहना है कि राज्य सरकार किसान हितैषी होने का केवल ढोंग रच रही है। कर्ज में दबे हुए किसान की मदद करने की बजाय उनकी भूमि कुर्क करा रही है। किसान विनोद के मरने के बाद सरकार को जमीन कुर्क करने की बजाय मृतक किसान विनोद के परिवार की मदद करनी चाहिए थी।
बुधवार को ऑल इंडिया कृषक खेत मजदूर संगठन की एक बैठक स्थानीय कार्यालय में हुई। इस बैठक में किसानों की समस्याओं पर मंथन हुआ। संगठन सचिव जयकरण ने कहा कि एक तरफ तो सरकार किसानों के हितैषी होने का दावा करती है और दूसरी तरफ उनकी जमीनों को कुर्क कर उन्हें भूमिविहीन कर रही है। उन्होंने कहा कि करीब एक साल पहले सिरसा के किसान विनोद की मृत्यु हो गई थी। उसका कर्ज माफ करने की बजाय कर्ज वसूलने के लिए पीएनबी ने उक्त किसान की जमीन कुर्क करने के नोटिस दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि मृतक किसान का परिवार अभी सदमे में है। पत्नी व दोनों बच्चे बीमार हैं।
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ऐसे में सरकार को उक्त परिवार की सहायता करनी चाहिए। जयकरण ने कहा कि संगठन सरकार और बैंक के उक्त फैसले की कड़ी निंदा करता है और इस फैसले को वापस लिए जाने की मंाग करता है। यदि ऐसा नहीं होता है तो संगठन इसके विरोध में आंदोलन शुरू कर देगा। बैठक में कार्यकर्ताओं ने फसल बीमा योजना की किश्त राशि बढ़ाने और उक्त योजना को प्राइवेट कंपनी से आजाद कराने की भी मांग उठाई। बैठक में सुरेश कुमार आसौदा, बलजीत मांडोठी, जिले सिंह टांडाहेड़ी व सतबीर आदि उपस्थित रहे।
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