फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   सीवरेज के जरिये एसटीपी तक जाएगा अब नालों का गंदा पानी

सीवरेज के जरिये एसटीपी तक जाएगा अब नालों का गंदा पानी

Fri, 01 Feb 2019 01:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 01 Feb 2019 01:58 AM IST
विज्ञापन
सीवरेज के जरिये एसटीपी तक जाएगा अब नालों का गंदा पानी
विक्रम बनेटा
विज्ञापन

झज्जर। नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए एनजीटी ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसका नतीजा है कि अब शहर का गंदा पानी जो नालों के जरिये ड्रेन में जाता था, उसे सीवरेज से जोड़कर पहले एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) में भेजा जाएगा। जहां ट्रीटमेंट के बाद यह पानी ड्रेन में डाला जाएगा। ड्रेन नंबर आठ का पानी दिल्ली यमुना में छोड़ा जाता है। गंदे नालों का पानी सीधे ड्रेन नंबर आठ में छोड़ जाता है, इससे यमुना का प्रदूूषण स्तर बढ़ रहा है। इस प्रदूूषण स्तर को कम करने के लिए एनजीटी ने ग्राउंड जीरो से हालात सुधारने की शुरुआत की है।

चार जगह जोड़े जाएंगे सीवरेज से कनेक्शन
शहर के नालों को चार जगह से सीवरेज से जोड़ा जाएगा। चारों जगह से हर रोज 2.5 एमएलडी पानी शहर केे दोनों एसटीपी में छोड़ा जाएगा। नगर पालिका ने जो प्लान बनाया है, उसके अनुसार सांपला रोड व गाजी कमाल रोड के सीवरेज में कनेक्शन कर गंदा पानी सांपला रोड एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। वहीं रेवाड़ी रोड तथा बाबरा रोड से सीवरेज कनेक्शन कर कोसल रोड एसटीपी में छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन


शहर में 11 जगह हैं मुख्य नाले
1. दिल्ली गेट से आंबेडकर चौक तक
2. गाजी कमाल वाला नाला
3. शहीदी पार्क से सिलानी गेट वाला नाला
4. आंबेडकर चौक से रहणिया रोड नाला
5. आंबेडकर चौक से रोहतक रोड नाला
6. बीकानेर चौक से तलाव रोड बाईपास
7. गुरुद्वारा चौक से छावनी चौक तक के नाले
8. इंडेन गैस एजेंसी से कच्चा बेरी रोड बाईपास
9. एडवांटा अस्पताल से कच्चा बाबरा रोड बाईपास तक
10.छारा चुंगी से सांपला बाईपास तक
11. लक्ष्मी धर्मकांटे से बस स्टैंड के पीछे से धौड़ चौक बाईपास

साढे़ 10 एमएलडी है दोनों प्लांट की क्षमता
कोसली रोड एसटीपी की क्षमता साढे़ पांच एमएलडी है। जिस पर करीब छह करोड़ रुपये का खर्च आया था तथा 2007 में इसने कार्य करना शुरू कर दिया था। सांपला रोड एसटीपी की क्षमता पांच एमएलडी की है, इस पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए थे तथा इसने 2015 में कार्य करना शुरू कर दिया था। दोनों ही प्लांट पर हर माह करीब 2.5 लाख रुपये खर्च होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बढ़ानी होगी एसटीपी की क्षमता
शहर के सीवरेज से निकलने वाले साढे़ 10 एमएलडी गंदे पानी को ट्रीट करने वाले एसटीपी की क्षमता अब बढ़ाने की आवश्यकता पड़ेगी। क्योंकि इसमें अब शहर के नालों का 2.5 एमएलडी पानी भी जाने लगेगा। इसके बाद गंदा पानी अधिक होने के चलते इसके बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड)-सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) लेवल पर असर आएगा।

.................
एनजीटी ने शहर के नालों का पानी ड्रेन में सीधे नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। अब नालों के पानी को सीवरेज के माध्यम से एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। जहां से ट्रीट होने के बाद पानी ड्रेन में छोड़ा जाएगा। एनजीटी के निर्देशों की पालना के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed