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ड्रेन पर अवैध निर्माण तोडने को लेकर हंगामा, बैरंग लौटा नगर परिषद का दस्ता
Updated Sun, 27 May 2018 01:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
वेस्ट जुआं ड्रेन परियोजना के लिए अवैध कब्जे हटाने गए नगर परिषद के दस्ते को सांखोल के ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते अवैध कब्जे हटाए बिना ही लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने अवैध कब्जे हटाने में भेदभाव का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने पर नगर परिषद अधिकारियों ने संबंधित जगह पर ड्रेन की नए सिरे से पैमाइश कराने का आश्वासन दिया।
वेस्ट जुआं ड्रेन को कवर करने और उसके दोनों तरफ सड़क बनाने के लिए काम चल रहा है। यह परियोजना 80 फुट चौड़ी है। इतनी चौड़ाई के लिए पुश्तों पर हुए अवैध कब्जे भी हटाए जा रहे हैं। शनिवार को जब नगर परिषद व ठेकेदार के दस्ते ने सांखोल में ड्रेन पर हुए अवैध कब्जे हटाने शुरू किए तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं। उन्होंने दस्ते पर अवैध निर्माण तोड़ने में भेदभाव करने का आरोप लगाया। जोगी समाज से 12 परिवारों की महिलाएं जेसीबी के आगे अड़ गईं और अपने निर्माण नहीं तोड़ने दिए। नगर परिषद अधिकारियों ने मौके पर पुलिस बुला ली।
मिलीभगत का आरोप
तोड़फोड़ का विरोध कर रही महिलाओं ने कहा कि अधिकारी इस कार्यवाही में भेदभाव कर रहे हैं। दबंगों के मकानों के आगे तो ज्यादा जगह छोड़ी जा रही है और हम गरीबों के मकानों से सटा कर नाला बनाया जा रहा है। इन परिवारों ने आशंका जताई कि इससे बाद में रोड बनाते समय हमारे मकानों को तो तोड़ दिया जाएगा। मौके पर बुल्लड़ पहलवान भी पहुंच गए। हंगामा बढ़ता देख नगर परिषद के एमई ओमदत्त शर्मा ने संबंधित स्थानों से ड्रेन की पुन: पैमाइश कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी मकान मालिक के साथ नाइंसाफी नहीं होगी।
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सिजरे से साफ होगी स्थिति
बुल्लड़ पहलवान ने कहा कि जोगियान समाज के ये ग्रामीण 80 फुट के अंदर ड्रेन की दोनों पटरियों पे बराबर कार्यवाई जायज नापतौल के हिसाब से कराने को तैयार हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा पुलिस बुलाकर औरतों व बच्चों सहित इन गरीब लोगों को भयभीत करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस अच्छे कार्य में तमाम लोग सहयोग करने को तैयार हैं लेकिन यदि प्रशासन सबको एक नजर से देखे व न्यायोचित कार्यवाही करे तो कोई दिक्कत नहीं आएगी। मौके पर कार्यवाही देखते हुए बुल्लड़ ने कहा कि भेदभाव होता साफ नजर आ रहा है, बाकी सोमवार को प्रशासन को सिजरा के मुताबिक स्थिति साफ कर देनी चाहिए। वेस्ट जुआं ड्रेन परियोजना पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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बहादुरगढ़।
वेस्ट जुआं ड्रेन परियोजना के लिए अवैध कब्जे हटाने गए नगर परिषद के दस्ते को सांखोल के ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते अवैध कब्जे हटाए बिना ही लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने अवैध कब्जे हटाने में भेदभाव का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने पर नगर परिषद अधिकारियों ने संबंधित जगह पर ड्रेन की नए सिरे से पैमाइश कराने का आश्वासन दिया।
वेस्ट जुआं ड्रेन को कवर करने और उसके दोनों तरफ सड़क बनाने के लिए काम चल रहा है। यह परियोजना 80 फुट चौड़ी है। इतनी चौड़ाई के लिए पुश्तों पर हुए अवैध कब्जे भी हटाए जा रहे हैं। शनिवार को जब नगर परिषद व ठेकेदार के दस्ते ने सांखोल में ड्रेन पर हुए अवैध कब्जे हटाने शुरू किए तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। महिलाएं जेसीबी के आगे लेट गईं। उन्होंने दस्ते पर अवैध निर्माण तोड़ने में भेदभाव करने का आरोप लगाया। जोगी समाज से 12 परिवारों की महिलाएं जेसीबी के आगे अड़ गईं और अपने निर्माण नहीं तोड़ने दिए। नगर परिषद अधिकारियों ने मौके पर पुलिस बुला ली।
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मिलीभगत का आरोप
तोड़फोड़ का विरोध कर रही महिलाओं ने कहा कि अधिकारी इस कार्यवाही में भेदभाव कर रहे हैं। दबंगों के मकानों के आगे तो ज्यादा जगह छोड़ी जा रही है और हम गरीबों के मकानों से सटा कर नाला बनाया जा रहा है। इन परिवारों ने आशंका जताई कि इससे बाद में रोड बनाते समय हमारे मकानों को तो तोड़ दिया जाएगा। मौके पर बुल्लड़ पहलवान भी पहुंच गए। हंगामा बढ़ता देख नगर परिषद के एमई ओमदत्त शर्मा ने संबंधित स्थानों से ड्रेन की पुन: पैमाइश कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी मकान मालिक के साथ नाइंसाफी नहीं होगी।
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सिजरे से साफ होगी स्थिति
बुल्लड़ पहलवान ने कहा कि जोगियान समाज के ये ग्रामीण 80 फुट के अंदर ड्रेन की दोनों पटरियों पे बराबर कार्यवाई जायज नापतौल के हिसाब से कराने को तैयार हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा पुलिस बुलाकर औरतों व बच्चों सहित इन गरीब लोगों को भयभीत करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस अच्छे कार्य में तमाम लोग सहयोग करने को तैयार हैं लेकिन यदि प्रशासन सबको एक नजर से देखे व न्यायोचित कार्यवाही करे तो कोई दिक्कत नहीं आएगी। मौके पर कार्यवाही देखते हुए बुल्लड़ ने कहा कि भेदभाव होता साफ नजर आ रहा है, बाकी सोमवार को प्रशासन को सिजरा के मुताबिक स्थिति साफ कर देनी चाहिए। वेस्ट जुआं ड्रेन परियोजना पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे।