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नगर परिषद बहादुरगढ़ में हुआ जमकर हंगामा

Sat, 09 Dec 2017 01:57 AM IST
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:57 AM IST
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नगर परिषद बहादुरगढ़ में हुआ जमकर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
नगर परिषद बोर्ड की बैठक संपन्न होने के बाद जमकर हंगामा हुआ। स्ट्रीट लाइट वितरण में खुलकर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए कुछ महिला पार्षदों ने पालिका अभियंता ओमदत्त शर्मा की जमकर खिंचाई की। इस दौरान मार-पिटाई तो हुई नहीं, लेकिन माहौल बिगड़ने में कसर नहीं रही। आखिर विधायक नरेश कौशिक ने अपने पास बुलाकर एमई का पीछा छुड़ाया।
धांधली का आरोप
शुक्रवार को नगर परिषद की बैठक खत्म होते ही वार्ड-17 की पार्षद रमिता चुघ ने अपने वार्ड में स्ट्रीट लाइटें न लगवाने का कारण पूछा। उन्होंने कहा कि परिषद ने करोड़ों रुपये की एलईडी लाइटों का आर्डर दिया है। लाखों रुपये की सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें आ चुकी हैं। शहर के कई वार्डों में लग भी चुकी हैं, लेकिन उनके वार्ड की प्रत्येक गली में अंधेरा छाया रहता है।
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एमई पर लगाया लाइट न लगवाने का आरोप
सूत्रों ने बताया कि इस पर एमई ओमदत्त शर्मा परिषद की कार्यशैली को ठीक ठहराने लगे तो रमिता चुघ को ठीक नहीं लगा और उन्होंने एमई पर उनके वार्ड में लाइटें न लगवाने का आरोप लगाया। इस पर दोनों में बहस शुरू हो गई तो वार्ड-30 की पार्षद नीना राठी और वार्ड-15 की पार्षद मोनिका राठी भी स्ट्रीट लाइट वितरण में धांधली करने के आरोप लगाने लगी।
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बचने की कोशिश करते रहे एमई
अपने वार्डों में स्ट्रीट लाइटें न लगने से खफा तीनों महिला पार्षद एमई ओमदत्त पर इतनी हावी हो गई कि एमई को उनसे पीछा छुड़ाना मुश्किल हो गया। पार्षद रमिता ने एमई से बैठक में से उठते ही सवाल करना शुरू कर दिया था। सभी हॉल से बाहर निकले तो तीनों महिला पार्षद एमई को चुनौती देने की तरह उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने लगीं। बचने के लिए एमई कंप्यूटर रूम में चले गए। लेकिन उक्त महिला पार्षद व उनके समर्थकों की भीड़ वहां भी पहुंच गई और हंगामा किया। पार्षदों के कुछ समर्थक जोर-जोर से मेज भी थपथपाने लगे।

विधायक ने छुड़ाया पीछा
मामले को शांत न होते देख चेयरपर्सन शीला राठी के एक कार्यकर्ता ने एमई को कहा कि उन्हें विधायक ने बुलाया है। यह सुनकर एमई ने चेयरपर्सन के कमरे में विधायक के पास जाना ही ठीक समझा। यहां भी पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट वितरण में कथित धांधली बंद करने की मांग की, तो विधायक ने कहा कि फिलहाल लाइटें नहीं हैं और विक्रेता कंपनी से लाइटें मिलते ही सभी वार्डों में लगवा दी जाएंगी। तब जाकर माहौल कुछ ठीक हुआ। वार्ड-16 से पार्षद गुरदेव राठी ने हाईमास्ट लाइटें लगवाने में भेदभाव करने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

नहीं घुसने दिए पार्षद पति
परिषद की बैठक में हंगामा होने की आशंका की वजह से किसी भी महिला पार्षद के पति को प्रवेश नहीं करने दिया गया। महिला पार्षदों के पतियों व समर्थकों की परिषद कार्यालय के लान में भीड़ लगी रही। कई तो मीटिंग हॉल के दरवाजे से अंदर का माहौल तक देखने की कोशिश करते दिखाई दिए और कई ने चेयरपर्सन के कमरे में लगे सीसीटीवी से बैठक के नजारे देखे।

संगीनों का साया
वार्ड-18 के नगर पार्षद युवराज छिल्लर अपने साथ दो बंदूकधारी सुरक्षा कर्मी और कई समर्थकों के साथ पहुंचे थे। इसलिए सभी लोगों में इन बंदूकधारियों को देखने का कौतुहल बना रहा। युवराज ने कहा कि ये सभी लाइसेंस धारी हैं और इनके आने का मकसद कोई विशेष नहीं था। हालांकि, बैठक में झगड़े की आशंका को देखते हुए मौके पर कई पुरुष और महिला पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे।

ये हुए शामिल
नगर परिषद की सामान्य बैठक में वर्तमान नगर पार्षद एवं पूर्व चेयरमैन रवि खत्री और सतप्रकाश छिक्कारा, मनोनीत पार्षद अशोक गुप्ता, इंद्र कुमार नागपाल, पालेराम शर्मा,
मनोनीत

मनमानी का आरोप
नगर परिषद में पार्षदों से जनता की समस्याओं को नहीं सुना जाता। समस्याओं को हल करने की कोशिश भी नहीं की जाती। पार्षदों द्वारा बताए कार्य समय पर पूरे नहीं होने के लिए अध्यक्ष ही जिम्मेवार हैं। स्ट्रीट लाइट वितरण में खुलकर भेदभाव हुआ है। परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में प्रोसिडिंग नहीं लिखना नगर परिषद अध्यक्षा की मनमानी को दर्शाता है। गलियों को पक्की कराने के काम में भी पक्षपात किया जाता है। जबकि चेयरपर्सन के लिए पूरे शहर की जनता समान होनी चाहिए। तभी शहर का विकास संभव है।
- मोनिका कपूर राठी, वार्ड-15 पार्षद।

चेयरपर्सन का पक्ष
शुक्रवार को हुई परिषद की बैठक में विरोधियों ने अपने वार्ड के विकास संबंधी कोई बात नहीं रखी। उल्टा बाहर आकर राजनीतिक दिखावा करने के लिए भेदभाव का आरोप लगाने लगे। आज वही पार्षद लाइटों को लेकर ज्यादा चिल्ला रहे हैं। जो पिछली बैठक में लाइटों की खरीद प्रक्रिया को रुकवाना चाहते थे। हमने सरकार के नियमानुसार ई-टेंडरिंग से लाइटें खरीदी और जनता की मांग पर शहर में लगवाई जा रही हैं। ये लाइटें जनता की मांग पर लगवाने के लिए खरीदी गई हैं न कि पार्षदों के घर पर रखने के लिए।

- शीला राठी, चेयरपर्सन, नप बहादुरगढ़।

विकास कार्यों पर जोर दें सभी पार्षद
राज्य सरकार नगर परिषद व सरकारी विभागों के माध्यम से शहर में चौतरफा विकास करवा रही है। नगर के हरेक वार्ड में बराबर स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल सरकार से परिषद को पर्याप्त धनराशि भिजवा रहे हैं। शहर में आबादी के बीच चल रहे एलपीजी गोदामों और डेयरियों को घनी आबादी से बाहर शिफ्ट किया जाएगा। सभी पार्षदों को मिलकर विकास कार्यों पर जोर देना चाहिए। नगर परिषद को सियासत का अखाड़ा बनाना ठीक नहीं।
- नरेश कौशिक, विधायक, बहादुरगढ़।
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