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नप में सरकारी राशि के दुरुपयोग मामले में पूर्व चेयरमैन और वर्तमान चेयरमैन आमने-सामने
Updated Wed, 14 Mar 2018 12:48 AM IST
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नप में सरकारी राशि के दुरुपयोग मामले में पूर्व चेयरमैन और वर्तमान चेयरमैन आमने-सामने
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
शहर में करवाए विकास कार्यों में सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के आरोप पार्षद बक्शी सैनी ने लगाए हैं। पार्षद ने चेयरमैन संजय छपारियां और उनके चहेते ठेकेदारों पर यह आरोप लगाए हैं। बक्शी सैनी के इन आरोपों को चेयरमैन संजय छपारियां ने पूरी तरह नकारा है। उनका कहना है कि पार्षद का यह अखबारों की सुर्खिंयां बटोरने का प्रयास है। पार्षद ने जहां विकास कार्यों की विजिलेंस जांच कराने की मांग की है तो वहीं चेयरमैन भी इस बात से सहमत हैं। मौजूदा हालातों को देखकर नगर परिषद पार्षदों में आपसी विवाद फिर से बढ़ता नजर आ रहा है। नप हाउस की बैठक में भी चेयरमैन और पार्षदों के बीच कहासुनी हुई थी। नौबत मेज पर रखी प्लेटें तोड़ने और रजिस्टर फेंकने तक आ पहुंची थी। यह मामला सिटी पुलिस थाने में भी पहुंचा था। इसमें पार्षद बक्शी सैनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
एक काम के बार-बार हो रहे बिल पास: बक्शी सैनी
चरखी दादरी।
नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन और मौजूदा पार्षद बक्शी सैनी ने नगर परिषद प्रधान संजय छपारियां पर विकास कार्यों की राशि में गोलमाल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जारी बयान में बक्शी सैनी ने आरोप लगाया कि शहरी विकास के नाम पर खर्च होने वाली मोटी धनराशि को कुछ लोग अपनी जेबों में डालने का काम कर रहे हैं। यह सब चेयरमैन की जानकारी और शह पर हो रहा है।
उन्होंने नप चेयरमैन और उनके कुछ चहेते ठेकेदारों पर विभिन्न वार्डों के विकास के लिए जारी की गई सरकारी राशी में सेंध लगाने के आरोप भी लगाए हैं। सभी वार्डों में लगी हुई लाइटों की मरम्मत, सड़कों की रिपेयरिंग के नाम पर एक ही जगह का कई बार बिल पास करवाकर और सभी वार्डों में नए साइन बोर्ड लगाने सहित कई ऐसे विषय हैं जिनमें सरकारी राशी का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। विशेष तौर पर नप चेयरमैन की शह पर उनके चहेते ठेकेदार कई जगहों पर तो बिना कार्य किए ही राशी ले रहे हैं। उन्होंने नगर परिषद में विकास कार्यों का विजिलेंस टीम से जांच कराने की मांग की है।
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सब काम ई-टेंडरिंग से होते हैं, बेबुनियाद हैं आरोप: चेयरमैन
चरखी दादरी।
नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारियां ने अपने पर लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। चेयरमैन का कहना है कि कुछ पार्षद अखबारों की सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसी अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। अगर पार्षद के मन में संशय है तो वो विजिलेंस जांच के लिए भी तैयार हैं। चेयरमैन का कहना है कि विकास कार्यों में न तो कोई भाई-भतीजावाद की भावना बरती गई है और न ही सरकारी राशि में कोई गोलमाल हुआ है।
संजय छपारियां का कहना है कि बक्शी सैनी ने जो आरोप लगाए हैं वो सरासर गलत हैं। उन्होंने बताया कि चरखी दादरी नगर परिषद में सभी विकास कार्य ई-टेंडरिंग से कराए जाते हैं। उन्होंने पार्षद बक्शी सैनी के एक काम की बार-बार पेमेंट कराने वाले आरोपों को भी निराधार बताया। उन्होंने कहा कि नए संसाधनों की खरीद का काम भी नगर परिषद ई-टेंडरिंग के जरिए करती है। इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की संभावना ही नहीं है। चेयरमैन ने कहा कि उनका कोई चहेता ठेकेदार नगर परिषद में नहीं है, जो सभी नियमों व शर्तों को पूरा करता है ई-टेंडरिंग के जरिए उसे ही टेंडर अलॉट होता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
शहर में करवाए विकास कार्यों में सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के आरोप पार्षद बक्शी सैनी ने लगाए हैं। पार्षद ने चेयरमैन संजय छपारियां और उनके चहेते ठेकेदारों पर यह आरोप लगाए हैं। बक्शी सैनी के इन आरोपों को चेयरमैन संजय छपारियां ने पूरी तरह नकारा है। उनका कहना है कि पार्षद का यह अखबारों की सुर्खिंयां बटोरने का प्रयास है। पार्षद ने जहां विकास कार्यों की विजिलेंस जांच कराने की मांग की है तो वहीं चेयरमैन भी इस बात से सहमत हैं। मौजूदा हालातों को देखकर नगर परिषद पार्षदों में आपसी विवाद फिर से बढ़ता नजर आ रहा है। नप हाउस की बैठक में भी चेयरमैन और पार्षदों के बीच कहासुनी हुई थी। नौबत मेज पर रखी प्लेटें तोड़ने और रजिस्टर फेंकने तक आ पहुंची थी। यह मामला सिटी पुलिस थाने में भी पहुंचा था। इसमें पार्षद बक्शी सैनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
एक काम के बार-बार हो रहे बिल पास: बक्शी सैनी
चरखी दादरी।
नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन और मौजूदा पार्षद बक्शी सैनी ने नगर परिषद प्रधान संजय छपारियां पर विकास कार्यों की राशि में गोलमाल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जारी बयान में बक्शी सैनी ने आरोप लगाया कि शहरी विकास के नाम पर खर्च होने वाली मोटी धनराशि को कुछ लोग अपनी जेबों में डालने का काम कर रहे हैं। यह सब चेयरमैन की जानकारी और शह पर हो रहा है।
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उन्होंने नप चेयरमैन और उनके कुछ चहेते ठेकेदारों पर विभिन्न वार्डों के विकास के लिए जारी की गई सरकारी राशी में सेंध लगाने के आरोप भी लगाए हैं। सभी वार्डों में लगी हुई लाइटों की मरम्मत, सड़कों की रिपेयरिंग के नाम पर एक ही जगह का कई बार बिल पास करवाकर और सभी वार्डों में नए साइन बोर्ड लगाने सहित कई ऐसे विषय हैं जिनमें सरकारी राशी का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। विशेष तौर पर नप चेयरमैन की शह पर उनके चहेते ठेकेदार कई जगहों पर तो बिना कार्य किए ही राशी ले रहे हैं। उन्होंने नगर परिषद में विकास कार्यों का विजिलेंस टीम से जांच कराने की मांग की है।
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सब काम ई-टेंडरिंग से होते हैं, बेबुनियाद हैं आरोप: चेयरमैन
चरखी दादरी।
नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारियां ने अपने पर लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। चेयरमैन का कहना है कि कुछ पार्षद अखबारों की सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसी अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। अगर पार्षद के मन में संशय है तो वो विजिलेंस जांच के लिए भी तैयार हैं। चेयरमैन का कहना है कि विकास कार्यों में न तो कोई भाई-भतीजावाद की भावना बरती गई है और न ही सरकारी राशि में कोई गोलमाल हुआ है।
संजय छपारियां का कहना है कि बक्शी सैनी ने जो आरोप लगाए हैं वो सरासर गलत हैं। उन्होंने बताया कि चरखी दादरी नगर परिषद में सभी विकास कार्य ई-टेंडरिंग से कराए जाते हैं। उन्होंने पार्षद बक्शी सैनी के एक काम की बार-बार पेमेंट कराने वाले आरोपों को भी निराधार बताया। उन्होंने कहा कि नए संसाधनों की खरीद का काम भी नगर परिषद ई-टेंडरिंग के जरिए करती है। इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की संभावना ही नहीं है। चेयरमैन ने कहा कि उनका कोई चहेता ठेकेदार नगर परिषद में नहीं है, जो सभी नियमों व शर्तों को पूरा करता है ई-टेंडरिंग के जरिए उसे ही टेंडर अलॉट होता है।