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जिला बन जाने के बाद अब नगर परिषद की सीमा बढ़ेगी
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:23 AM IST
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अब नगर परिषद की सीमा बढ़ेगी
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
चरखी दादरी को जिले का दर्जा मिलने के बाद अब प्रशासन नगर परिषद की सीमा का भी विस्तार करेगा। इसके लिए पूरे शहर की सैटेलाइट से सर्वे की जाएगी। शहर में इस समय करीब पांच हजार ऐसे मकान हैं जो नगर परिषद की सीमा में नहीं आते। ऐसे में नप की सीमाक्षेत्र का विस्तार होने पर बाहरी कॉलोनियों का विकास का रास्ता खुल जाएगा। इन कॉलोनियों के नियमित होने के भी आसार बन जाएंगे। नगर परिषद ने इस आशय का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेज दिया है।
कांग्रेस सरकार के शासनकाल में चरखी दादरी नगर पालिका का दर्जा बढ़ाकर नगर परिषद बना दिया गया था। तब से ही शहरवासियों में नगर परिषद की सीमा बढ़ाए जाने पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। नगर पालिका के समय शहर में 19 वार्ड थे। बाद में यह वार्ड भी बढ़ाकर 21 कर दिए गए। पिछले करीब डेढ़ दशक में शहर की आबादी और आवासीय एरिया तेजी से बढ़ा है। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में अवैध कालोनियां काटे जाने का काम तेजी पर रहा लेकिन अब मौजूदा सरकार के सत्ता संभालने पर जमीन की खरीद-फरोख्त का धंधा मंदा होने पर अवैध कालोनियों पर काफी हद तक विराम लगा है।
शहर के चारो तरफ बढ़ा आबाद एरिया
शहर के चारो तरफ आबाद एरिया बढ़ा है। महेेंद्रगढ़ रोड, भिवानी रोड, ढाणी रोड, घिकाड़ा रोड, लोहारू रोड, रावलधी बाईपास व दिल्ली बाईपास एरिया में आवासीय बस्तियां बढ़ी हैं। इस एरिया में अधिकतर भाग इस समय अवैध ही माना जा रहा है। लोग इस एरिया में मकानों का निर्माण लगातार करते रहे। अब यह एरिया 60 प्रतिशत से ज्यादा आबाद हो चुका है लेकिन शहरी उपभोक्ताओं की तर्ज पर इस एरिया में सीवरेज, पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों को नहीं दी जा रही हैं। इस एरिया को वैध करने की लंबे समय से आवाज भी उठती रहीं हैं।
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करीब पांच हजार मकान बने हैं इस एरिया में
इन भागों में करीब पांच हजार मकान बने हैं। इन लोगों को पेयजल, सीवरेज व सड़क जैसी सुविधाएं नहीं मिलने से लोगों का जीना मुश्किल बना हुआ है। इन लोगों को इन सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। शहर के ढाणी रोड पर प्रेम नगर कालोनी में करीब 400 मकान ऐसे हैं जो करीब तीन दशक से बने हैं। यह एरिया गांव ढाणी फौगाट की जमीन में पड़ता है लेकिन शहर से पूरी तरह से सटा हुआ है। यहां न तो पंचायत की ओर से विकास कार्य हो रहे हैं और न ही नगर परिषद की ओर से विकास हो पा रहा है। इसी प्रकार लोहारू रोड पर भी गांव भैरवी की जमीन लगती है। रावलधी बाईपास पर भी सैकड़ों की संख्या में मकान शहर से सटे है लेकिन यह रावलधी गांव की सीमा में हैं। अब नगर परिषद की प्लान है कि शहर की सीमा को बढ़ाया जाए ताकि इन भागों में भी विकास के समान अवसर पैदा हो सके। इस बारे में गाइड लाइन जारी हो चुकी है। पूरे शहर के सभी भागों की भौगोलिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। आकलन कर रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।
सैटेलाइट सर्वे के जरिए होगी रिपोर्ट तैयार
अब जल्द ही आबाद एरिया की सर्वे होगी। सर्वेे में खासकर उस एरिया को शामिल किया जाएगा जो आबाद है लेकिन वहां न साथ लगती पंचायत विकास करवा रही है और न ही नगर परिषद इन लोगों को सुविधाएं मुहैया करवा पा रही है। इस एरिया का पूरी तरह से नक्शा भी तैयार करवाया जाएगा ताकि मकानों की स्थिति का आकलन हो सके। इन कालोनियों में गलियों की मौजूदा स्थिति, आबाद एरिया का प्रतिशत भी शामिल किया जाएगा। सरकार समय- समय पर कहती रही है जिन कालोनियों में 50 प्रतिशत आबादी है उस एरिया को वैध किया जाएगा लेकिन इसके लिए कालोनी वासियों से प्रति वर्गगज के हिसाब से चार्ज लिए जाने की भी बात भी सामने आ रही है।
परिषद की सीमा बढ़ने पर खुलेंगे विकास के रास्ते
नगर परिषद की सीमा बढ़ जाने पर इस वंचित रहे एरिया में भी विकास के रास्ते खुलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। यह एरिया परिषद की सीमा में शामिल हो जाने पर इन भागों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना एक प्रकार से विवशता बन जाएगी। यह सर्वे का काम बहुत जल्द ही शुरू होना है। नगर परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। इसे लेकर अब लोगों में विकास की नई उम्मीदें जगने लगी हैं।
वर्सन-
इस आबाद एरिया की जल्द ही सैटेलाइट से सर्वे होगी। प्रस्ताव तैयार सरकार को भेज दिया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही नगर परिषद की सीमा को बढ़ा दिया जाएगा। इससे इन नई कालोनियों में भी विकास हो सकेगा। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद चरखी दादरी
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
चरखी दादरी को जिले का दर्जा मिलने के बाद अब प्रशासन नगर परिषद की सीमा का भी विस्तार करेगा। इसके लिए पूरे शहर की सैटेलाइट से सर्वे की जाएगी। शहर में इस समय करीब पांच हजार ऐसे मकान हैं जो नगर परिषद की सीमा में नहीं आते। ऐसे में नप की सीमाक्षेत्र का विस्तार होने पर बाहरी कॉलोनियों का विकास का रास्ता खुल जाएगा। इन कॉलोनियों के नियमित होने के भी आसार बन जाएंगे। नगर परिषद ने इस आशय का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेज दिया है।
कांग्रेस सरकार के शासनकाल में चरखी दादरी नगर पालिका का दर्जा बढ़ाकर नगर परिषद बना दिया गया था। तब से ही शहरवासियों में नगर परिषद की सीमा बढ़ाए जाने पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। नगर पालिका के समय शहर में 19 वार्ड थे। बाद में यह वार्ड भी बढ़ाकर 21 कर दिए गए। पिछले करीब डेढ़ दशक में शहर की आबादी और आवासीय एरिया तेजी से बढ़ा है। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में अवैध कालोनियां काटे जाने का काम तेजी पर रहा लेकिन अब मौजूदा सरकार के सत्ता संभालने पर जमीन की खरीद-फरोख्त का धंधा मंदा होने पर अवैध कालोनियों पर काफी हद तक विराम लगा है।
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शहर के चारो तरफ बढ़ा आबाद एरिया
शहर के चारो तरफ आबाद एरिया बढ़ा है। महेेंद्रगढ़ रोड, भिवानी रोड, ढाणी रोड, घिकाड़ा रोड, लोहारू रोड, रावलधी बाईपास व दिल्ली बाईपास एरिया में आवासीय बस्तियां बढ़ी हैं। इस एरिया में अधिकतर भाग इस समय अवैध ही माना जा रहा है। लोग इस एरिया में मकानों का निर्माण लगातार करते रहे। अब यह एरिया 60 प्रतिशत से ज्यादा आबाद हो चुका है लेकिन शहरी उपभोक्ताओं की तर्ज पर इस एरिया में सीवरेज, पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों को नहीं दी जा रही हैं। इस एरिया को वैध करने की लंबे समय से आवाज भी उठती रहीं हैं।
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करीब पांच हजार मकान बने हैं इस एरिया में
इन भागों में करीब पांच हजार मकान बने हैं। इन लोगों को पेयजल, सीवरेज व सड़क जैसी सुविधाएं नहीं मिलने से लोगों का जीना मुश्किल बना हुआ है। इन लोगों को इन सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। शहर के ढाणी रोड पर प्रेम नगर कालोनी में करीब 400 मकान ऐसे हैं जो करीब तीन दशक से बने हैं। यह एरिया गांव ढाणी फौगाट की जमीन में पड़ता है लेकिन शहर से पूरी तरह से सटा हुआ है। यहां न तो पंचायत की ओर से विकास कार्य हो रहे हैं और न ही नगर परिषद की ओर से विकास हो पा रहा है। इसी प्रकार लोहारू रोड पर भी गांव भैरवी की जमीन लगती है। रावलधी बाईपास पर भी सैकड़ों की संख्या में मकान शहर से सटे है लेकिन यह रावलधी गांव की सीमा में हैं। अब नगर परिषद की प्लान है कि शहर की सीमा को बढ़ाया जाए ताकि इन भागों में भी विकास के समान अवसर पैदा हो सके। इस बारे में गाइड लाइन जारी हो चुकी है। पूरे शहर के सभी भागों की भौगोलिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। आकलन कर रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।
सैटेलाइट सर्वे के जरिए होगी रिपोर्ट तैयार
अब जल्द ही आबाद एरिया की सर्वे होगी। सर्वेे में खासकर उस एरिया को शामिल किया जाएगा जो आबाद है लेकिन वहां न साथ लगती पंचायत विकास करवा रही है और न ही नगर परिषद इन लोगों को सुविधाएं मुहैया करवा पा रही है। इस एरिया का पूरी तरह से नक्शा भी तैयार करवाया जाएगा ताकि मकानों की स्थिति का आकलन हो सके। इन कालोनियों में गलियों की मौजूदा स्थिति, आबाद एरिया का प्रतिशत भी शामिल किया जाएगा। सरकार समय- समय पर कहती रही है जिन कालोनियों में 50 प्रतिशत आबादी है उस एरिया को वैध किया जाएगा लेकिन इसके लिए कालोनी वासियों से प्रति वर्गगज के हिसाब से चार्ज लिए जाने की भी बात भी सामने आ रही है।
परिषद की सीमा बढ़ने पर खुलेंगे विकास के रास्ते
नगर परिषद की सीमा बढ़ जाने पर इस वंचित रहे एरिया में भी विकास के रास्ते खुलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। यह एरिया परिषद की सीमा में शामिल हो जाने पर इन भागों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना एक प्रकार से विवशता बन जाएगी। यह सर्वे का काम बहुत जल्द ही शुरू होना है। नगर परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। इसे लेकर अब लोगों में विकास की नई उम्मीदें जगने लगी हैं।
वर्सन-
इस आबाद एरिया की जल्द ही सैटेलाइट से सर्वे होगी। प्रस्ताव तैयार सरकार को भेज दिया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही नगर परिषद की सीमा को बढ़ा दिया जाएगा। इससे इन नई कालोनियों में भी विकास हो सकेगा। - संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद चरखी दादरी