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बारिश के भंवर में डूबी ‘शहरी जलचक्र’ योजना, नहीं बची पानी की जगह

Wed, 02 Aug 2017 12:19 AM IST
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:19 AM IST
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बारिश के भंवर में डूबी ‘शहरी जलचक्र’ योजना, नहीं बची पानी की जगह
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी।
दो दिन से जारी बारिश ने जन स्वास्थ्य विभाग की ‘शहरी जलचक्र’ योजना के दावों की पोल खोेल दी है। दिल्ली रोड और चिड़िया रोड स्थित एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से आगे पानी निकासी की व्यवस्था न होने से मुश्किलें हुई हैं। बड़ी ड्रेन प्रोजेक्ट रद्द होना बरसात के मौसम में विभाग के गले की फांस बन रहा है। शहर से बाहर पानी निकासी का प्रबंध न होने से विभाग ने शहर के अंदर ही पानी को एक जगह से दूसरे जगह तक डालने की तैयार थी, लेकिन करीब 40 एमएम बारिश में ही इस प्लानिंग की पोल खुल गई। शहर में स्थित पांचों जोहड़ और सीसीआई परिसर खाड़ी में अब अधिक पानी डालने की जगह नहीं बची है। ऐसे में जन स्वास्थ्य विभाग अब लाचार नजर आ रहा है। शहर की सड़कों और गलियों से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई है। मौजूदा हालात देखते हुए शहर को पानी निकासी के बड़े प्रोजेक्ट की जरूरत है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस बात को जानते हैं, लेकिन इस तरह का प्रोजेक्ट हेड ऑफिस से मांगे जाने के इंतजार में है।
कांग्रेस सरकार में शहर में दो एसटीपी का निर्माण कराया गया था। अब इनसे पानी की निकासी आगे नहीं हो रही। मानसून सत्र को देखते हुए पिछले दिनों रोहतक रेंज आयुक्त ने जिला प्रशासन की मीटिंग ली थी। इस दौरान उन्होेंने बारिश के समय पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जलभराव वाली जगहों पर मोटरे और पंप सेट लगावाए थे। इसके बावजूद हालात काबू से बाहर हैं। हल्की-सी बारिश में ही शहर जलमग्न हो गया। घंटों तक मुख्य सड़कों से पानी की निकासी नहीं हो सकी। निचली कॉलोनियों में सीवरेज का दूषित पानी बारिश के पानी के साथ घरों तक पहुंच रहा है। इससे शहरवासियों में जन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ रोष है। सोमवार से जारी बारिश के चलते शहर की प्रमुख सड़कें और विभागीय कार्यालय पानी में डूबे हुए हैं। नगर परिषद में ही एक फुट तक पानी भरा है। काम के लिए कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
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ज्ञात रहे कि गत 18 सितंबर की रैली में सूबे के मुखिया मनोहर लाल ने जिले में पानी की निकासी के लिए दस करोड़ से ड्रेन सिस्टम बनाने की घोषणा की थी। लेकिन, किसानों के विरोध के चलते यह पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद सिंचाई विभाग ने यूपीडी (अंडर प्रेशर पाइप ड्रेन) निर्माण की प्लानिंग तैयार की। इसका प्रस्ताव और इस्टीमेट हेड ऑफिस भेजा गया। लेकिन, प्रदेश सरकार ने ढाकला-सुबाना यूपीडी ड्रेन निर्माण कार्य पूरा होने तक इसे लंबित रखने के निर्देश दे दिए। इस वजह से जन स्वास्थ्य विभाग के पास शहर के बारिश के पानी की निकासी के लिए कोई विकल्प नहीं है। विभाग ने मानसून के दौरान लोगों को बारिश के पानी से निजात दिलाने के लिए ‘शहरी जलचक्र’ योजना तैयार की थी, लेकिन अब यह योजना भी दम तोड़ती दिख रही है। शहर के घिकाड़ा रोड, प्रमुख रोहतक रोड, विवेक नगर, परशुराम चौक, नगर परिषद कार्यालय, गोशाला रक्षा, हरि नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी, एमी कॉलोनी की कुछ गलियों में इस समय जलभराव की स्थिति है।
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ये है शहरी जलचक्र योजना
जन स्वास्थ्य विभाग के पास शहर के बारिश के पानी को बाहर निकालने का कोई विकल्प नहीं है। प्री-मानसून सत्र में जन स्वास्थ्य विभाग ने शहर स्थित एक जोहड़ से दूसरे जोहड़ और सीसीआई परिसर खाड़ी में पानी डालने की योजना तैयार की थी। इसके तहत एक जोहड़ या खाड़ी के पानी से भर जाने पर मोटरों के जरिए इसकी निकासी शहर में दूसरी जगह करने की प्लानिंग थी। विभागीय अधिकारी खुद इसे स्थायी समाधान न मानकर वैकल्पिक व्यवस्था बता रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने ज्यादा बारिश न होने पर इसके कारगर न होने का तर्क भी दिया था।
शहर में जलभराव के दस प्वाइंट मान रहा है विभाग
बारिश के समय शहर में होने वाले जलभराव को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग ने कुछ तैयारियां की थीं। इसके तहत विभाग शहर में दस ऐसे प्वॉइंट मान रहा था, जहां जलभराव संभावित था। इन सभी प्वॉइंट पर विभागीय अधिकारियों ने मोटरें और पंप सेट पहले ही लगवा दिए थे। इनके अलावा विभाग यहां डीजी जनरेटर की व्यवस्था के लिए भी प्रयास हैं। विभाग के अधिकारियों ने 35 कर्मचारियों को इन सभी 10 बिंदुओं पर निगरानी रखने के लिए तैनात किया था।
अधिकारियों, विधायक आवास के बाहर भी भरा है पानी
आमजन सहित अधिकारी और विधायक भी जलभराव से जूझ रहे हैं। परशुराम चौक स्थित बाढड़ा विधायक सुखविंद्र मांढ़ी का आवास, रोहतक रोड स्थित एसडीएम और डीएसपी आवास के बाहर बारिश का पानी भरा है। इतना ही नहीं, एसपी सुनील दलाल के आवास के साथ पड़ी खाली जगह मे भी पानी की निकासी की गई है। इस जगह पांच से सात फुट पानी जमा है।


हम पानी की निकासी के लिए प्रयासरत हैं। दो से तीन घंटे में बारिश के पानी की निकासी कर दी जाएगी। यदि जरूरत पड़ती हैं तो हम सिंचाई विभाग की भी मदद लेंगे। जलभराव से निजात दिलाने का हरसंभव प्रयास हम कर रहे हैं।
रामपाल, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग

फोटो 05 रोहतक चौक के समीप बाढड़ा विधायक सुखविंद्र के आवास के बाहर जमा बरसाती पानी।
फोटो 06 कोर्ट रोड पर जलभराव के दौरान गुजरता वाहन चालक।
फोटो 07 एसडीएम व डीएसपी के आवास के बाहर फोरलेन पर जमा बरसाती पानी
फोटो 08 जलभराव के दौरान गुजरता वाहन चालक।
फोटो 09 नगर परिषद कार्यालय में जमा बरसाती पानी।
फोटो 10 पीएनबी बैंक के सामने वाली गली में जलभराव के दौरान गुजरता वाहन चालक।
फोटो 11 शहर के निचले हिस्से में बनी जलभराव की स्थिति के दौरान गुजरता वाहन चालक।
फोटो 12 सीसीआई जोहड़ में छोड़ा गया शहर का बरसाती पानी।
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