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16 महीने में से 10 माह के राशन का गबन

अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर Updated Sat, 04 Jul 2015 01:36 AM IST
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जिले के गांव खातीवास में डिपो होल्डर की मनमानी उसके लिए भारी पड़ गई। पिछले 10 माह से ग्रामीणों को राशन नहीं देने की शिकायत मिलने पर जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने छापेमारी की। जांच में कई तरह की खामियां मिलने पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए डिपो को सील कर दिया। विभाग अधिकारियों का कहना है कि डिपो होल्डर को नोटिस देकर जांच की जाएगी और दोषी मिलने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई लाएगी।
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खातीवास के ग्रामीणों का आरोप है कि डिपो होल्डर डिपो में आए राशन को पास के ही गांव के एक दुकानदार को बेच देता है। शुक्रवार को डिपोधारकों ने इसकी शिकायत डीएफएससी के कार्यालय में की। कार्रवाई करते हुए डीएफएससी अशोक शर्मा टीम के साथ गांव  पहुंचे। यहां ग्रामीण जीतराम, रामकरण, धर्मवीर, शेर सिंह, ओमपति, भतेरी, मीना, चंपा देवी व मूर्ति ने बताया कि डिपो होल्डर अनिल पिछले दस माह से उनको राशन नहीं दे रहा है। जब उनसे राशन नहीं देने का कारण पूछा जाता है तो डिपो होल्डर ताव में आ जाता है और गाली-गलौज करने लगता है।

अक्तूबर 2014 से नही बाटा गया है राशन
ग्रामीणों का आरोप है कि डिपो होल्डर को गांव का डिपो लिए करीब 16 माह हुए हैं। इन 16 महीने में 10 माह का राशन उपभोक्ताओं को नहीं दिया गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शुुरुआती दौर में कुछ माह राशन दिया गया, लेकिन एक या दो दिन बाद उनके पास राशन लेने जाते तो राशन नहीं दिया जाता था। आरोप है कि अक्तूबर 2014 से राशन नहीं दिया गया है। ये आंकड़ा राशन कार्डों में भी दर्शाया गया है। सभी डिपोधारकों के राशन कार्ड में 30 अक्तूबर 2014 तक का ही राशन चढ़ा हुआ है, जबकि नवंबर 2014 से जून 2015 तक के कॉलम राशन कार्ड में खाली है।

डिपो पर नहीं लिखा नाम
डिपो होल्डर ने अपने घर में ही डिपो बना रखा है, जिस पर डिपो का नाम भी नहीं लिखा गया है। शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचे डीएफएससी अशोक शर्मा ने जब डिपो का मुआयना किया तो डिपो होल्डर डिपो पर ताला लगा वहां से नदारद मिला। घरवालों से जब डिपो की चाबी मांगी गई तो उन्होेंने चाबी देने से मना कर दिया। डीएफएससी के साथ मौजूद उनकी टीम के सदस्य जेपी सैणी इंसपेेक्टर, हेड एनाविटर कुलदीप, सब इंसपेक्टर ईश्वर यादव, दीपक सैणी व क्लर्क उमेद सिंह ने डिपो की खिड़कियाें से ही डिपो की जांच की। अंदर राशन नहीं मिला। डिपो के बाहर रखे मिट्टी तेल के ड्रम भी खाली थे। डिपो होल्डर अनील के माता-पिता ने डीएफएससी टीम द्वारा की गई भौतिक जांच पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया।

लाखों रुपये की हो सकती है रिकवरी
16 माह में से 10 माह का राशन नहीं मिलने से कई सवाल खडे़ हो गए हैं। अगर डिपो में राशन नहीं रखा गया है तो राशन कहां गया। कहीं राशन बेचने के आरोप सही तो नहीं। जांच के बाद अगर डिपो होल्डर दोषी पाया जाता है तो दस माह के राशन की रिकवरी भी हो सकती है।

वर्जन...
ग्रामीणों की शिकायत के बाद वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में खामियां पाई गई हैं। डिपो होल्डर भी डिपो में नहीं मिला और ना ही डिपो में राशन मिला है। तेल के ड्रम खाली मिले हैं, जिसके चलते डिपो को सील कर दिया गया है। डिपो होल्डर को नोटिस दिया जाएगा और दोषी पाए जाने के बाद उसे सस्पेंड किया जाएगा।
अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर

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