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पलवल मस्जिद के लिए फंड देने वाला तीन बार जा चुका है पाकिस्तान: खुफिया एजेंसी

Mon, 19 Nov 2018 09:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पलवल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पलवल Updated Mon, 19 Nov 2018 09:59 AM IST
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Imam Salman who funded palwal mosque had travelled to Pakistan thrice
खुलफ-ए-राशिदीन मस्जिद - फोटो : ANI

पलवल मस्जिद पर की गई खुफिया एजेंसी (एनआईए) की जांच में पता चला है कि जिस व्यक्ति ने मस्जिद के लिए फंड दिया था वह तीन बार पाकिस्तान जा चुका है। बता दें इस मस्जिद का निर्माण कथित तौर पर हाफिज सईद के लश्कर ए तैयबा (एलईटी) द्वारा दिए फंड से किया गया है। जांच में ये बात भी सामने आई है कि फंड देने वाला व्यक्ति पाकिस्तान और दुबई में लश्कर ए तैयबा के दो सदस्यों के साथ संपर्क में था। 


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एक न्यूज वेबसाइट के अनुसार इससे पहले जांच एजेंसी को पता चला था कि निजामुद्दीन के रहने वाले मोहम्मद सलमान ने हरियाणा के पलवल में खुलफ-ए-राशिदीन मस्जिद के निर्माण के लिए 70 लाख रुपये दिए थे। वह उस वक्त दुबई में था जब वह एलईटी के सदस्यों से मिला। उसे उसकी बेटियों की शादी के लिए भी पैसे मिले। एनआईए का कहना है कि इमाम सलमान को ये पैसा कथित तौर पर एलईटी से जुड़े गैर सरकारी संगठन फतह-ए-इंसानियत (एफआईएफ) से मिला है।

एनआईए के एक अधिकारी ने कहा, "हमारे पास इमाम सलमान के पैसे और पाकिस्तान स्थित एलईटी से जुड़े होने के पुख्ता सबूत हैं। हमारे पास ई मेल और चौट्स के रूप में इलेक्ट्रोनिक सबूत हैं जिनमें उसने एफआएफ से जुड़े पाकिस्तानी नागरिकों के साथ फंड को लेकर बातचीत की है। ऐसे ही दो तरह के संचार पाकिस्तान और दुबई से जुड़े हैं। हमें यह भी पता चला है कि वह तीन बार पाकिस्तान जा चुका है।" 

बता दें एनआईए ने 3 अक्तूबर को पलवल के उत्तरावर गांव स्थित मस्जिद में छापेमारी की थी। उससे पहले तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इन लोगों को टेरर फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन तीन लोगों में से एक मस्जिद का इमाम मोहम्मद सलमान भी शामिल था। गांव के अधिकतर लोग इमाम सलमान पर लगे आरोप को गलत मानते हैं।

मस्जिद का निर्माण 1998 में शुरू हुआ था और इसका उद्घाटन 2010 में हुआ। इसके निर्माण के समय से जुड़े आस मुहम्मद नामी का कहना है, "इमाम सलमान के पिता एक बड़े धर्मगुरु थे जिनकी पहचान दुनियाभर में थी और उनमें से कुछ उन्हें मस्जिद की तामीर के लिए पैसे भेजते थे। मगर मस्जिद बनी है स्थानीय लोगों के चंदे से।"

अधिकारी ने कहा गांव के लोगों को इस बात के बारे में नहीं पता फंड कहां से आया है। उन्हें लगता है कि सारा फंड इमाम सलमान ने दिया है। जांच में पता चला कि इमाम सलमान दुबई स्थित पाकिस्तानी नागरिक के साथ संपर्क में था। जो एफआईएफ के संपर्क में था। एफआईएफ एक आतंकी संगठन है।

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