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जीरो टोलरेंस पर कड़ा फैसला नहीं ले सके मंत्री
amarujala/Hisar
Updated Tue, 11 Apr 2017 12:13 AM IST
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जन परिवाद समिति की बैठक में अधिकारियों के भ्रष्टाचार का मुद्दा गूंजा। समिति सदस्य अधिकारी को सस्पेंड करने की मांग करते रहे। फरियादियों ने भी अधिकारियों को यहां से हटाने की मांग रखी। मंत्री डॉ. बनवारी लाल सख्त कार्रवाई नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के लिए लिखेंगे।
जगबीर सिंह, जगन्नाथ, जय दयाल ने आशीष, कपिल और को-ऑपरेटिव सोसायटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुधीर अहलावत, डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ सोसायटी के पैसे हड़पने की शिकायत दी थी। इस मामले में एआर सुधीर अहलावत जवाब देने के लिए आए तो डीसी ने उन्हें चुप रहने को कहा। डीसी बोले, इस मामले में आप भी भागीदार हो। पिछली मीटिंग में आपके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव हो चुका है। अब उसे हम नहीं बदल सकते। पीड़ित बोले, साहब 40 करोड़ का घोटाला है। एआर को सस्पेंड करो या बर्खास्त करो। समिति सदस्य प्रवीण कुमार जैन ने कहा कि जीरो टोलरेंस है तो यहां इसे टोलरेट क्यों कर रहो। ऐसे अधिकारी को सस्पेंड करो। इसी अधिकारी के खिलाफ गंगवा में स्कॉलर हाउस सोसायटी का केस आ गया। पीड़ितों ने बताया कि 34 साल पहले विकसित की गई इस कॉलोनी में मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल रहीं। पार्क, कम्युनिटी सेंटर की जमीन भी सोसायटी संचालक ने प्लॉट बनाकर बेच दी। पीड़ितों ने अधिकारियों पर आरोप जड़ दिए। अधिकारी का दोबारा नाम आया तो समिति सदस्य बोले, यह वही अधिकारी हैं, मंत्री जी। आप इस पर सख्त एक्शन लो। अध्यक्ष डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए ईओ हुडा, जोनल ऑफिसर मार्केटिंग, कष्ट निवारण समिति के सदस्य केएल रिणवा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करेंगे।
एसडीएम परमजीत चहल ने स्कॉलर सोसायटी मामले में जवाब देते हुए कहा कि सोसायटी अध्यक्ष कपिला देवी को बर्खास्त कर दिया है। दोषियों के खिलाफ एफआईआर के लिए लिखा जा चुका है।
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जगबीर सिंह, जगन्नाथ, जय दयाल ने आशीष, कपिल और को-ऑपरेटिव सोसायटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुधीर अहलावत, डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ सोसायटी के पैसे हड़पने की शिकायत दी थी। इस मामले में एआर सुधीर अहलावत जवाब देने के लिए आए तो डीसी ने उन्हें चुप रहने को कहा। डीसी बोले, इस मामले में आप भी भागीदार हो। पिछली मीटिंग में आपके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव हो चुका है। अब उसे हम नहीं बदल सकते। पीड़ित बोले, साहब 40 करोड़ का घोटाला है। एआर को सस्पेंड करो या बर्खास्त करो। समिति सदस्य प्रवीण कुमार जैन ने कहा कि जीरो टोलरेंस है तो यहां इसे टोलरेट क्यों कर रहो। ऐसे अधिकारी को सस्पेंड करो। इसी अधिकारी के खिलाफ गंगवा में स्कॉलर हाउस सोसायटी का केस आ गया। पीड़ितों ने बताया कि 34 साल पहले विकसित की गई इस कॉलोनी में मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल रहीं। पार्क, कम्युनिटी सेंटर की जमीन भी सोसायटी संचालक ने प्लॉट बनाकर बेच दी। पीड़ितों ने अधिकारियों पर आरोप जड़ दिए। अधिकारी का दोबारा नाम आया तो समिति सदस्य बोले, यह वही अधिकारी हैं, मंत्री जी। आप इस पर सख्त एक्शन लो। अध्यक्ष डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए ईओ हुडा, जोनल ऑफिसर मार्केटिंग, कष्ट निवारण समिति के सदस्य केएल रिणवा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करेंगे।
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एसडीएम परमजीत चहल ने स्कॉलर सोसायटी मामले में जवाब देते हुए कहा कि सोसायटी अध्यक्ष कपिला देवी को बर्खास्त कर दिया है। दोषियों के खिलाफ एफआईआर के लिए लिखा जा चुका है।
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