{"_id":"65850a20cb3175d65a05bd05","slug":"yuva-najariya-abolition-of-article-370-gave-new-perspective-to-jammu-kashmir-bold-initiative-of-government-2023-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवा नजरिया: अनुच्छेद 370 के उन्मूलन ने जम्मू-कश्मीर को दिया नया दृष्टिकोण, सरकार की एक साहसी पहल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवा नजरिया: अनुच्छेद 370 के उन्मूलन ने जम्मू-कश्मीर को दिया नया दृष्टिकोण, सरकार की एक साहसी पहल
Fri, 22 Dec 2023 09:31 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 22 Dec 2023 09:31 AM IST
सार
Yuva Najariya: अनुच्छेद 370 के समाप्त होने की अपेक्षाएं हैं कि इससे क्षेत्र में आर्थिक विकास होगा। इसका उद्देश्य है कि भारत से इसे मिलनसार करके निवेश बढ़े, पर्यटन में वृद्धि हो सके, और स्थानीय व्यापार के लिए नए अवसर पैदा हो सके।
विज्ञापन
आदित्य और डॉ. महेंद्र सिंह, अध्यक्ष, इतिहास विभाग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अनुच्छेद 370 के उन्मूलन और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन ने भारतीय संविधान और राजनीतिक परिदृश्य को एक नए दृष्टिकोण से समृद्ध कर दिया है। अनुच्छेद 370 ने कश्मीर को विशेष स्वायत्तता प्रदान की थी, जिससे भारतीय कानूनों का सीमित प्रभाव हुआ करता था। इसे खत्म करने का निर्णय, सरकार की एक साहसी पहल थी, जिसका उद्देश्य राज्य को पूरी तरह से संघ के साथ मिलाना था।
विज्ञापन
अनुच्छेद 370 के समाप्त होने पर अनेक पक्षों ने इसे समर्थन और आलोचना दोनों में विभाजित रूप से देखा। समर्थकों का कहना है कि यह राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने, क्षेत्र के अलगावाद को समाप्त करने, और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने का सही कदम था। विरोधी दल ने इसे क्षेत्र की विशेष पहचान को कमजोर करने और तनावों को बढ़ा सकता है ऐसा तर्क किया।
विज्ञापन
अनुच्छेद 370 के समाप्त होने की अपेक्षाएं हैं कि इससे क्षेत्र में आर्थिक विकास होगा। इसका उद्देश्य है कि भारत से इसे मिलनसार करके निवेश बढ़े, पर्यटन में वृद्धि हो सके, और स्थानीय व्यापार के लिए नए अवसर पैदा हो सके। हालांकि, इसके आर्थिक लाभों की वास्तविकता का मूल्यांकन समय ही तय करेगा। इसके अलावा, राज्य की विभाजन के कारण जम्मू-कश्मीर को दो अलग संघ राज्यों में विभाजित किया गया है।
विज्ञापन
इस प्रशासनिक पुनर्गठन का मकसद था कि इससे बेहतर प्रबंधन हो, और स्थानीय विकास पर ध्यान केंद्रित हो सके। हालांकि, यह यह भी उत्तेजना और प्रतिनिधित्व की कमी की चिंता उत्पन्न करता है। अंत में, अनुच्छेद 370 के उन्मूलन और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन ने इस क्षेत्र की राजनीतिक और संविधानिक परिस्थिति को बदल दिया है। इससे राष्ट्रीय एकता के साथ-साथ क्षेत्र की विशेष पहचान को बचाने की सावधानी बरतने की आवश्यकता है ताकि शांति की बहाली को सुनिश्चित किया जा सके। - आदित्य, भिवानी
युवाओं को मिलेगा नजरिया व्यापक करने का अवसर
अमर उजाला के द्वारा युवा नजरिया जैसी सार्थक पहल के लिए हार्दिक मुबारकबाद। इसके माध्यम से जहां युवाओं के नजरिए को समझने का अवसर मिलेगा और युवाओं को भी अपने नजरिए को व्यापक करने का अवसर मिलेगा।
अनुच्छेद 370 का उन्मूलन और जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली - एक संवेदनशील, चर्चित और बहुआयामी विषय है। जिसको देखने का दृष्टिकोण भिन्न- भिन्न हो सकता है। इसपर जितने भी आलेख आए हैं, सभी ने इसकी गंभीरता, महत्व व आवश्यकता को समझते हुए अपने भाव व्यक्त किए हैं। चूंकि संघ लोक सेवा आयोग व हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से जिम्मेदार अधिकारियों का चयन किया जाता है। तो इस हेतु युवाओं से आशा की जाती है कि इसी के अनुरूप भाव अभिव्यक्त किया है।
माना कि शब्दों की सीमा रहती है। इसी आधार पर अधिकत्तर लेख सामान्य लेख ढंग से व निबंध की शैली में लिखे गए हैं। इसमें आवश्यकता है कि युवा उन स्थितियों व परिपेक्ष को समझें जब यह अनुच्छेद संविधान का हिस्सा बना। इसके कमजोर व मजबूत पक्ष पर तर्क की आवश्यकता भी है। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय को सर्वाेच्च न्यायालय को उचित मानना वर्तमान की आवश्यकता कही जा सकती है। इससे भारतीय परिपेक्ष व जम्मू कश्मीर का भावी परिदृश्य क्या होगा। इसकी दशा व दिशा को युवा थोड़ा और बेहतर इंगित कर सकते हैं। - डाॅ. महेंद्र सिंह, अध्यक्ष, इतिहास विभाग, दयानंद कॉलेज।