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अपने पूरे परिवार को वैक्सीनेट कराने के लिए महिलाएं निभाएं जिम्मेदारी : डॉ. प्रियंका सोनी
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अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित डीसी डॉ. प्रियंका सोनी , रीना
- फोटो : Hisar
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हिसार। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अभी टला नहीं है। लोगों को वैक्सीनेशन के लिए आगे आना चाहिए। वैक्सीन लगवा कर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी है। टीकाकरण के जरिये ही हम तीसरी लहर से काफी हद तक बच सकते हैं। महिलाएं अपने पूरे परिवार को वैक्सीनेट कराने के लिए जिम्मेदारी निभाएं। यह कहना है डीसी डॉ. प्रियंका सोनी का।
अमर उजाला के हिसार कार्यालय में शनिवार को अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित कार्यक्रम में डीसी बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थीं। उन्होंने महिलाओं को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि करीब 6 लाख लोगों ने कोरोना अब दूसरी डोज नहीं ली है। करीब 3 लाख लोगों ने पहली डोज भी नहीं ली है। यूरोप में फिर से कोरोना के केस आने लगे हैं। ऐसे में हम यह नहीं मान सकते कि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा टल गया है। पहली लहर की अपेेेक्षा दूसरी लहर अधिक खतरनाक थी।
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए फिर से सर्वे किया जाना चाहिए। बड़ी संख्या में जरूरतमंद इस योजना से बाहर रह गए हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए विशेष कैंप लगाए जाने चाहिए। आयरन की कमी से जूझ रहीं महिलाओं को गोलियां उपलब्ध कराई जाएं।
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- मीनू रहेजा, प्रधान, कृष्णा दिव्यांग वेलफेयर सोसायटी
नगर निगम का दर्जा होने के बाद भी हिसार में ट्रामा सेंटर नहीं है। कोई भी हादसा होने पर लोगों को निजी अस्पतालों में भर्ती करना पड़ता है। जिस कारण उनको उपचार पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। निजी अस्पतालों का शुल्क तय होना चाहिए। जिसकी रेट लिस्ट अस्पताल के गेट पर लगनी चाहिए। - रेणु लाहौरिया, प्रधान संस्कृति हमारी पहचान एनजीओ
काफी संख्या में गरीब लोगों के आधार कार्ड अब भी नहीं बने हैं। जिस कारण वह लोग किसी भी सरकारी योजना का फायदा नहीं ले पा रहे। आधार कार्ड न होने के चलते ऐसी महिलाएं सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा भी नहीं ले पा रही। आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएं। रेजी, प्रधान, सद्भावना एनजीओ
गरीब तबके की महिलाओं के स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए। झुग्गी, मलिन बस्तियों में रहने वाली महिलाओं के लिए मेडिकल कैंप लगाए जाने चाहिए। अगर प्रशासन इसमें सहयोग करे तो हम महिलाओं को स्वस्थ रख सकते हैं। महीने में एक या दो कैंप लगाए जा सकते हैं। - अर्चना ठकराल, संचालक अनुभूति एनजीओ
कॉलेजों में खासतौर पर ग्रामीण आंचल में स्थित कॉलेजों में दस प्रतिशत सीट बढ़ाई जानी चाहिए। काफी संख्या में विद्यार्थी अब भी दाखिला नहीं ले पाए हैं। प्रशासन के उच्च अधिकारियों को कॉलेजों में शिरकत करनी चाहिए। जिससे विद्यार्थी उनसे प्रेरणा ले सकें, उनके अनुभवों को जान सकें। - डॉ. कविता खरींटा, राजकीय कॉलेज, नलवा
महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे लाने के लिए उन्हें मंच प्रदान किया जाए। हरियाणा खेलों के क्षेत्र में काफी अच्छा कर रहा है। ऐसे में बेटियों को खेल के मैदान में उतारना हमारी जिम्मेदारी है। बेटे-बेटियों को एक समान अवसर प्रदान करना चाहिए। इससे बेटियां भी ऊंचाइयों को छू सकें।
- रश्मि, जीजेयू, हिसार
गरीब जरूरतमंद महिलाओं को सहयोग करने के लिए सामाजिक संगठनों को आगे आना चाहिए। प्र्रशासन को भी इसके लिए काम करना चाहिए। छात्राओं के लिए पिंक बसें चलाई जानी चाहिए। गलत तरीके से मरीजों को ठगने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
- विनीता जैन, समाजसेविका, हिसार
आज मुझे मिला यह प्रोत्साहन पहाड़ की ऊंचाईयों को छूने में सहयोग करेगा। बेटियों को मौका मिले तो वह हर बुलंदी को छू सकती हैं। मैंने अमरनाथ की यात्रा करते हुए पर्वतारोहण का सपना देखा था। अपने सपने को पूरा करने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर की दौड़ लगाती हूं। दो से तीन घंटे जिम में पसीना बहाती हूं। कोई सपना देखे तो उसे पूरा करने के लिए पसीना बहाएं।
रीना भट्टी, पर्वतारोही
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अमर उजाला के हिसार कार्यालय में शनिवार को अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आयोजित कार्यक्रम में डीसी बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थीं। उन्होंने महिलाओं को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि करीब 6 लाख लोगों ने कोरोना अब दूसरी डोज नहीं ली है। करीब 3 लाख लोगों ने पहली डोज भी नहीं ली है। यूरोप में फिर से कोरोना के केस आने लगे हैं। ऐसे में हम यह नहीं मान सकते कि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा टल गया है। पहली लहर की अपेेेक्षा दूसरी लहर अधिक खतरनाक थी।
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आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए फिर से सर्वे किया जाना चाहिए। बड़ी संख्या में जरूरतमंद इस योजना से बाहर रह गए हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए विशेष कैंप लगाए जाने चाहिए। आयरन की कमी से जूझ रहीं महिलाओं को गोलियां उपलब्ध कराई जाएं।
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- मीनू रहेजा, प्रधान, कृष्णा दिव्यांग वेलफेयर सोसायटी
नगर निगम का दर्जा होने के बाद भी हिसार में ट्रामा सेंटर नहीं है। कोई भी हादसा होने पर लोगों को निजी अस्पतालों में भर्ती करना पड़ता है। जिस कारण उनको उपचार पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। निजी अस्पतालों का शुल्क तय होना चाहिए। जिसकी रेट लिस्ट अस्पताल के गेट पर लगनी चाहिए। - रेणु लाहौरिया, प्रधान संस्कृति हमारी पहचान एनजीओ
काफी संख्या में गरीब लोगों के आधार कार्ड अब भी नहीं बने हैं। जिस कारण वह लोग किसी भी सरकारी योजना का फायदा नहीं ले पा रहे। आधार कार्ड न होने के चलते ऐसी महिलाएं सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा भी नहीं ले पा रही। आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएं। रेजी, प्रधान, सद्भावना एनजीओ
गरीब तबके की महिलाओं के स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए। झुग्गी, मलिन बस्तियों में रहने वाली महिलाओं के लिए मेडिकल कैंप लगाए जाने चाहिए। अगर प्रशासन इसमें सहयोग करे तो हम महिलाओं को स्वस्थ रख सकते हैं। महीने में एक या दो कैंप लगाए जा सकते हैं। - अर्चना ठकराल, संचालक अनुभूति एनजीओ
कॉलेजों में खासतौर पर ग्रामीण आंचल में स्थित कॉलेजों में दस प्रतिशत सीट बढ़ाई जानी चाहिए। काफी संख्या में विद्यार्थी अब भी दाखिला नहीं ले पाए हैं। प्रशासन के उच्च अधिकारियों को कॉलेजों में शिरकत करनी चाहिए। जिससे विद्यार्थी उनसे प्रेरणा ले सकें, उनके अनुभवों को जान सकें। - डॉ. कविता खरींटा, राजकीय कॉलेज, नलवा
महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे लाने के लिए उन्हें मंच प्रदान किया जाए। हरियाणा खेलों के क्षेत्र में काफी अच्छा कर रहा है। ऐसे में बेटियों को खेल के मैदान में उतारना हमारी जिम्मेदारी है। बेटे-बेटियों को एक समान अवसर प्रदान करना चाहिए। इससे बेटियां भी ऊंचाइयों को छू सकें।
- रश्मि, जीजेयू, हिसार
गरीब जरूरतमंद महिलाओं को सहयोग करने के लिए सामाजिक संगठनों को आगे आना चाहिए। प्र्रशासन को भी इसके लिए काम करना चाहिए। छात्राओं के लिए पिंक बसें चलाई जानी चाहिए। गलत तरीके से मरीजों को ठगने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
- विनीता जैन, समाजसेविका, हिसार
आज मुझे मिला यह प्रोत्साहन पहाड़ की ऊंचाईयों को छूने में सहयोग करेगा। बेटियों को मौका मिले तो वह हर बुलंदी को छू सकती हैं। मैंने अमरनाथ की यात्रा करते हुए पर्वतारोहण का सपना देखा था। अपने सपने को पूरा करने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर की दौड़ लगाती हूं। दो से तीन घंटे जिम में पसीना बहाती हूं। कोई सपना देखे तो उसे पूरा करने के लिए पसीना बहाएं।
रीना भट्टी, पर्वतारोही