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रेलवे में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन मेटीरियल का कॉन्ट्रेक्ट दिलवाने के नाम पर 47 लाख की धोखाधड़ी मामले में महिला गिरफ्तार
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रेलवे में ठेका दिलवाने के नाम पर एक व्यक्ति से 47 लाख रुपये की धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने विजय नगर निवासी किरण मिश्रा को गिरफ्तार किया है। शहर थाना पुलिस ने नवंबर 2019 को मॉडल टाउन निवासी रमन कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया था।
शिकायत में रमन कुमार ने बताया था कि सितंबर 2019 को विजय नगर निवासी उसका जानकार अवधेश कुमार ऑटो मार्केट स्थित उसके कार्यालय आया। रमन ने बताया कि इस दौरान अवधेश ने उसे बताया कि वह रेलवे में इंजीनियर के पद कार्यरत है। अवधेश कुमार ने उसे बताया था कि बीकानेर व अंबाला डिवीजन के नॉर्दन रेलवे महकमे ने बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सामग्री के लिए कई करोड़ रुपये के ठेके जारी करने हैं, जो वह उसे दिलवा सकता है। अवधेश ने रमन को बताया था कि इसके लिए रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी व अन्य कागजी कार्यवाही के साथ-साथ करीब 50 लाख रुपये का खर्च उसे अदा करना पड़ेगा। रमन का आरोप था कि अवधेश ने 2 अक्तूबर से 10 अक्तूबर 2019 तक उससे 49 लाख रुपये नकद लिए। 20 अक्तूूबर 2019 को अवधेश कुमार ने उसे उत्तर रेलवे द्वारा जारी स्वीकृति पत्र/करारनामा, जो रेलवे महकमा के भिन्न-भिन्न अधिकारियों की मोहर व हस्ताक्षरित थे, बंद लिफाफे में उसे दिए और कहा कि करारनामे वह बीकानेर से स्वयं लाया है। रमन ने शिकायत में पुलिस को बताया था कि अवधेश ने उसे कहा था कि उसे रेलवे की ओर से ठेका मिल गया है। अवधेश ने रमन को कहा था कि इस कार्य की अंतरिम राशि रेलवे महकमे ने पहले ही उसके खाते में दे दी है। चेक किया तो रमन के खाते में रेलवे की तरफ से कोई राशि जमा नहीं हुई थी। इस पर रमन को अवधेश पर शक हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी अवधेश ने अपनी पत्नी किरण मिश्रा के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे उससे धोखाधड़ी की। जिस पर दोनों आरोपियों ने अपनी गलती को स्वीकारते हुए एक लाख रुपये उसे नकद लौटाए और बाकी राशि के चेक किरण मिश्रा व अन्य के नाम से उसे दे दिए, जो बाद में बाउंस हो गए थे। पीड़ित का आरोप था कि आरोपियों ने इस तरह उससे 47 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। बाद में ये राशि मांगने पर आरोपियों ने पीड़ित रमन को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
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शिकायत में रमन कुमार ने बताया था कि सितंबर 2019 को विजय नगर निवासी उसका जानकार अवधेश कुमार ऑटो मार्केट स्थित उसके कार्यालय आया। रमन ने बताया कि इस दौरान अवधेश ने उसे बताया कि वह रेलवे में इंजीनियर के पद कार्यरत है। अवधेश कुमार ने उसे बताया था कि बीकानेर व अंबाला डिवीजन के नॉर्दन रेलवे महकमे ने बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सामग्री के लिए कई करोड़ रुपये के ठेके जारी करने हैं, जो वह उसे दिलवा सकता है। अवधेश ने रमन को बताया था कि इसके लिए रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी व अन्य कागजी कार्यवाही के साथ-साथ करीब 50 लाख रुपये का खर्च उसे अदा करना पड़ेगा। रमन का आरोप था कि अवधेश ने 2 अक्तूबर से 10 अक्तूबर 2019 तक उससे 49 लाख रुपये नकद लिए। 20 अक्तूूबर 2019 को अवधेश कुमार ने उसे उत्तर रेलवे द्वारा जारी स्वीकृति पत्र/करारनामा, जो रेलवे महकमा के भिन्न-भिन्न अधिकारियों की मोहर व हस्ताक्षरित थे, बंद लिफाफे में उसे दिए और कहा कि करारनामे वह बीकानेर से स्वयं लाया है। रमन ने शिकायत में पुलिस को बताया था कि अवधेश ने उसे कहा था कि उसे रेलवे की ओर से ठेका मिल गया है। अवधेश ने रमन को कहा था कि इस कार्य की अंतरिम राशि रेलवे महकमे ने पहले ही उसके खाते में दे दी है। चेक किया तो रमन के खाते में रेलवे की तरफ से कोई राशि जमा नहीं हुई थी। इस पर रमन को अवधेश पर शक हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी अवधेश ने अपनी पत्नी किरण मिश्रा के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे उससे धोखाधड़ी की। जिस पर दोनों आरोपियों ने अपनी गलती को स्वीकारते हुए एक लाख रुपये उसे नकद लौटाए और बाकी राशि के चेक किरण मिश्रा व अन्य के नाम से उसे दे दिए, जो बाद में बाउंस हो गए थे। पीड़ित का आरोप था कि आरोपियों ने इस तरह उससे 47 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। बाद में ये राशि मांगने पर आरोपियों ने पीड़ित रमन को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
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