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Hisar News: रोहिणी में सूर्य प्रवेश के साथ तपेगी धरती, कल से नौतपा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 12:08 AM IST
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With the entry of the Sun in Rohini, the earth will heat up, Nautapa from tomorrow
हिसार। सूर्य देव 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और इसी के साथ नौतपा की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नौतपा वर्ष के सबसे गर्म दिनों का काल माना जाता है। इस बार नौतपा का प्रभाव 2 जून तक रहेगा। इस दौरान तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ते तापमान से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम में गर्मी का असर दिन के साथ-साथ रात में भी महसूस होगा और तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
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पंडित राकेश ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में रोहिणी नक्षत्र का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि सूर्य के इस नक्षत्र में प्रवेश करते ही धरती पर सूर्य की किरणों का प्रभाव बढ़ जाता है, जिसके कारण नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है। यह अवधि कृषि कार्यों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। किसान इस समय खेतों की तैयारी, जुताई और धान की फसल से जुड़े कार्य शुरू करते हैं। मान्यता यह भी है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है आने वाले समय में वर्षा उतनी ही अच्छी होती है।
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धार्मिक दृष्टि से भी नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान सूर्य उपासना, दान-पुण्य और जल सेवा को शुभ माना जाता है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पक्षियों और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने की परंपरा निभाई जाती है। कई सामाजिक संस्थाएं और लोग सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाकर राहगीरों को राहत पहुंचाते हैं। घरों की छतों और आंगन में पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना भी पुण्य का कार्य माना जाता है। इस अवधि में मिट्टी के घड़े, छाछ, शरबत, फल और पंखों के दान की परंपरा भी निभाई जाती है। मान्यता है कि नौतपा के दौरान सूर्य देव की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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पंडित राकेश के अनुसार नौतपा के दिनों में सुबह सूर्य को जल अर्पित करना लाभकारी माना गया है। उन्होंने बताया कि ‘ओम घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि करता है। इसके साथ ही इस अवधि में पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश भी विशेष रूप से दिया जाता है। नौतपा को तप, संयम और सेवा का पर्व भी माना जाता है।
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